यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 01, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
हजारीबाग में एनटीपीसी कोयला परियोजना पर पर्यावरण नियमों के उल्लंघन का आरोप, NGT ने जारी किया नोटिस
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने हजारीबाग में एनटीपीसी की पंकरी बरवाडीह कोयला परियोजना के खिलाफ वन भूमि के अवैध उपयोग ...और पढ़ें

HighLights
- एनजीटी का एनटीपीसी को नोटिस जारी
- वन भूमि के अवैध उपयोग का आरोप
राज्य ब्यूरो, रांची। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) की प्रधान पीठ ने झारखंड के हजारीबाग जिले में एनटीपीसी के पंकरी बरवाडीह कोयला परियोजना द्वारा वन भूमि के अवैध उपयोग और पर्यावरण नियमों के उल्लंघन के मामले की सुनवाई की।
इसको लेकर मंटू सोनी की ओर से एनजीटी को पत्र भेजा गया था। एनजीटी ने मामले में संज्ञान लेते हुए झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन विभाग, एनटीपीसी पंकरी बरवाडीह कोयला परियोजना, हजारीबाग के डीसी और झारखंड के मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक को नोटिस जारी किया है।
कोलकाता में होगी मामले की अगली सुनवाई
दिल्ली की प्रधान पीठ ने मामला पूर्वी क्षेत्रीय पीठ (कोलकाता) से संबंधित होने के कारण इसे वहां स्थानांतरित कर दिया गया है। मामले में अगली सुनवाई 17 जुलाई 2025 को कोलकाता में होगी।
मंटू सोनी की ओर से लिखे पत्र में आरोप लगाया है कि 1026.438 हेक्टेयर वन भूमि को कोयला खनन के लिए अवैध रूप से डायवर्ट किया गया है। एनटीपीसी को पर्यावरण मंजूरी में शर्त संख्या नौ के तहत कोयले के परिवहन के लिए कन्वेयर बेल्ट का उपयोग करना अनिवार्य था, ताकि वन्यजीवों, विशेषकर हाथियों के आवागमन में बाधा न हो।
आरोप है कि कंपनी कोयले का परिवहन सड़क मार्ग से कर रही है, जिससे वन्यजीवों और पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है। इसके अलावा सड़क परिवहन से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है और वन्यजीवों द्वारा मानव बस्तियों व कृषि भूमि को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। आवेदक ने यह भी कहा कि अधिकारियों ने इन उल्लंघन के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है।
