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    सरयू राय पर प्राथमिकी मामले में 12 स्वास्थ्यकर्मियों को नोटिस, अपने मोबाइल के साथ थाने में होना होगा पेश

    Updated: Mon, 22 Jan 2024 01:55 PM (IST)

    साल 2022 में स्वास्थ्य पूर्व मंत्री व निर्दलीय विधायक सरयू राय ने राज्य के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता और उनके मंत्री कोषांग के 60 लोगों पर कोरोना काल में गलत तरीके से कोरोना प्रोत्साहन राशि लेने का आरोप लगाया था। इसी मामले को लेकर रांची पुलिस ने स्वास्थ्य विभाग के एक दर्जन कर्मचारियों को नोटिस भेजकर अपने-अपने स्मार्ट फोन के साथ उपस्थित होने को कहा है।

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    सरयू राय पर प्राथमिकी मामले में 12 स्वास्थ्यकर्मियों को नोटिस।

    जासं, रांची। कोरोना काल में प्रोत्साहन राशि को लेकर स्वास्थ्य मंत्री व अन्य के विरुद्ध आरोप लगाए जाने को लेकर रांची के डोरंडा थाने में दर्ज मामले में पुलिस ने स्वास्थ्य विभाग के एक दर्जन कर्मचारियों को नोटिस भेजकर अपने-अपने स्मार्ट फोन के साथ उपस्थित होने को कहा है। नोटिस में कहा गया है कि संबंधित कर्मचारी अपने मोबाइल फोन लेकर आएं ताकि यह जांच की जा सके कि विभाग से लीक गए गए सरकारी दस्तावेज उनके मोबाइल से लीक हुए थे या नहीं।

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    सरयू राय ने एक्‍स पर किया पोस्‍ट

    जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय ने इस संबंध में एक्स पर लिखा है कि पुलिस ने डोरंडा थाना कांड संख्या 105/2022 मामले में रांची साइबर थाना ने स्वास्थ्य विभाग के करीब एक दर्जन कर्मियों को आइपीसी की धारा 91 के तहत नोटिस भेजकर अपने उस मोबाइल फोन के साथ थाना आने को कहा है जिसका इस्तेमाल वह 2022 में कर रहे थे। आखिर इनके मोबाइल में कौन सा रहस्य छिपा है।

    यह था आरोप

    बता दें कि 2022 में स्वास्थ्य पूर्व मंत्री व निर्दलीय विधायक सरयू राय ने राज्य के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता और उनके मंत्री कोषांग के 60 लोगों पर कोरोना काल में गलत तरीके से कोरोना प्रोत्साहन राशि लेने का आरोप लगाया था।

    आरोप के पक्ष में सरयू राय ने कुछ कागजात भी सामने रखे थे। बाद में इस मामले में मई 2022 में रांची के डोरंडा थाने में स्वास्थ्य विभाग की ओर से सरयू राय के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।

    विभाग का आरोप है कि किसी कर्मचारी की मिलीभगत से सरयू राय ने स्वास्थ्य विभाग से अनआफिशियल तरीके से कागजात गायब करवाए। विभाग के अनुसार, ऐसी सूचनाएं सिर्फ आरटीआइ के तहत ही दी जा सकती हैं, लेकिन मामले में आरटीआइ दाखिल नहीं की गई थी। इसलिए यह पूरा मामला आफिशियल सीक्रेट एक्ट के उल्लंघन का है।

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