विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 04, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

आफत की बारिशः रेलवे ट्रैक पर भरा पानी, नदियां उफनाईं

By Sachin MishraEdited By:
Published: Tue, 04 Jul 2017 02:29 PM (IST)Updated: Tue, 04 Jul 2017 04:54 PM (IST)

मानसून के आने के साथ ही किसान अपनी खेती की तैयारी में लग गए हैं।

आफत की बारिशः रेलवे ट्रैक पर भरा पानी, नदियां उफनाईं
आफत की बारिशः रेलवे ट्रैक पर भरा पानी, नदियां उफनाईं

रांची, जेएनएन। मानसून की बारिश राहत के साथ आफत भी लेकर आई  है। खलारी में भारी बारिश के कारण रेलवे ट्रैक पर पानी आ गया है। वहीं, कई नदियां उफना गईं हैं। कोडरमा, हजारीबाग, चतरा में बारिश से ग्रामीण खुश हैं तो शहरी परेशान हैं।

धनबाद में सोमवार को हुई बारिश ने नगर निगम के मानसून की तैयारी की पोल खोल कर रख दी। दिन में कुछ घंटे की मूसलधार बारिश से ही शहर के नाले जाम हो गए। नालों से पानी ओवरफ्लो कर सड़क पर बहने लगा। हाउसिंग कॉलोनी, हंस विहार कॉलोनी समेत जयप्रकाश नगर में तो घरों के अंदर पानी आ गया। हाउसिंग कॉलोनी मोड़ का मुख्य नाला पानी से जाम हो गया।

देखें तस्वीरें, आफत की बारिश

बारिश का पानी नाला से ओवरफ्लो करते हुए घरों में घुस गया। पानी सड़क पर इतनी तेजी से बह रहा था कि पैदल तो दूर गाड़ी से सड़क पार करने में परेशानी हो रही थी। कमोबेश यही स्थिति बरटांड़ मुख्य सड़क की थी। बरटांड़ का मुख्य नाला ओवर फ्लो करने से सड़क जाम हो गया। मधुलिका से बरटांड़ पेट्रोल पंप तक बारिश का पानी भर गया। जालान अस्पताल के अंदर भी पानी भर गया। इसके कारण लोग जहां-जहां फंसे रहे और रोड जाम हो गया।

नौबत यह आ गई कि लोगों को मोटरसाइकिल व स्कूटी से बरटांड़ होकर गुजरने में परेशानी हो रही थी। पानी के कारण घंटों यह रोड जाम रहा। जयप्रकाश नगर गली नंबर तीन से छह में कई घरों में बारिश का पानी घुस गया। शहर का मुख्य नाला जयप्रकाश नगर से होते हुए गुजरता है। नाला का अतिक्रमण हो जाने से यहां बारिश का पानी घरों में घुस जाता है। बारिश का पानी बेकारबांध ग्रेवाल कॉलोनी में ले आया।

बेकारबांध तालाब से ग्रेवाल कॉलोनी होते हुए पंपू तालाब की ओर गए नाले में बारिश का पानी भर गया। पानी ओवरफ्लो करते हुए कॉलोनी में घुस गया। मुख्य सड़क से भी पानी में कॉलोनी में घुसा। इसके चलते ग्रेवाल कॉलोनी का पीसीसी पथ पानी से भर गया। कई घरों में भी बारिश का पानी चला गया। लोगों को घर से निकलने के लिए सीढ़ी का सहारा लेना पड़ा।

नालों की सफाई नहीं हुई तो स्थिति और बिगड़ेगी:

निगम द्वारा दावा किया गया कि मजदूरों की विशेष टीम नालों की सफाई में लगाई गई है, लेकिन सोमवार की बारिश ने तैयारियों की पोल खोल दी। निगम को नए सिरे से प्लानिंग कर नालों की सफाई करानी होगी, अन्यथा मानसून में स्थिति और खराब हो जाएगी।

वहीं, मानसून के आने के साथ ही किसान अपनी खेती की तैयारी में लग गए हैं। हल-बैल समेत नए उपकरणों के साथ खेतों की जुताई का काम प्रारंभ हो गया है। धान की बुआई से पहले जरूरी है कि किसानों को समय पर उन्नत किस्म की बीज और उर्वरक मिले ताकि अनुदानित दर पर किसान बीज खरीद कर उसका उपयोग कर सकें। वहीं जरूरी यह भी है कि वे अपने खेतों में किस किस्म की धान बुआई करें ताकि फसल अच्छी हो। 

बारिश के पानी से कुआं धंसा, घर जलमग्न

संवाद सूत्र, पिठोरिया : कांके प्रखंड अंतर्गत पिठोरिया एवं आसपास के गांवों में रविवार को हुई बारिश के पानी से क्षेत्र में ज्यादा नुकसान हुआ है। पानी से पिठोरिया निवासी कलेश्वर साहू का कुआं धंस गया। कोनकी गांव में घर घर व पिठोरिया-पतरातू मार्ग में दुधपनियां के पास सड़क किनारे मिट्टी के कटाव होने से बड़ी क्षति हुई। कलेश्वर ने बताया कि बारिश से उसका कुआं धंस गया है। ढ़ोड़हा का पानी और श्मशान घाट की चारदीवारी से मुड़कर सारा पानी कुएं की ओर आ गया, इससे कुआं पानी से भर गया। कुआं का निर्माण कर्ज लेकर खेती के लिए कराया था। कुआं निर्माण के लिए लिया गया कर्ज अभी तक चुका नहीं पाया हूं।

16 सदस्यीय परिवार का भरण-पोषण इसी कुएं के पानी से 3 एकड़ जमीन में लगी फसल की सिंचाई कर, उससे जो अनाज होता था, उसी से होता था। घर की माली हालत खराब है, नया कुआं बनवाने में दो लाख रुपये खर्च आएगा। प्रखंड व अंचल कार्यालय द्वारा मदद नहीं मिलने पर जीते जी मर जाऊंगा। वहीं, कोनकी निवासी इसाक अंसारी व जुमाउद्दीन अंसारी के घर में बारिश का पानी घुस जाने से घर में रखा अनाज व कपड़े बर्बाद हो गए। वहीं, मिट्टी कटने के बाद गार्डवाल का निर्माण नहीं कराए जाने पर पथ के टूटने का खतरा उत्पन्न हो गया है।

यह भी पढ़ेंः शादी का झांसा देकर नाबालिग से जबरन बनाए संबंध, गिरफ्तार

यह भी पढ़ेंः पलामू के लोकया में सांप्रदायिक तनाव, जानिए क्या है मामला