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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 14, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

इसरो जाकर सैटेलाइट लांचिग देखेंगी रांची की मृदुला

By JagranEdited By:
Published: Fri, 14 Feb 2020 01:57 AM (GMT+05:30)

रांची धुर्वा की रहने वाली मृदुला कुमारी को इसरो जाकर जीएसएलवी एफ 10 सैटेल

इसरो जाकर सैटेलाइट लांचिग देखेंगी रांची की मृदुला
इसरो जाकर सैटेलाइट लांचिग देखेंगी रांची की मृदुला

जागरण संवाददाता, रांची : धुर्वा की रहने वाली मृदुला कुमारी को इसरो जाकर जीएसएलवी एफ 10 सैटेलाइट की लॉचिंग देखने का मौका मिलेगा। इस सैटेलाइट की लॉचिंग 5 मार्च को शाम 6.18 बजे रखी गई है। इससे पहले 10 दिसंबर को उनके उन्हें मार्च में होने वाली लॉचिंग की जानकारी ईमेल से दी गई थी। इस बात की जानकारी उनके चाचा आदित्य कुमार तिवारी ने दी।

तिवारी ने बताया कि मंगलवार की रात में इसरो की तरफ से ये ईमेल भेजा गया है। उन्होंने बताया कि जितने बच्चे चंद्रयान की लैंडिंग देखने गए थे, उन्हें फिर से लांच देखने के लिए निमंत्रित किया गया है। इसरो जाने वाले छात्रों को अपने एक अभिभावक के साथ चेन्नई से रांची तक का एसी-2 टायर का किराया दिया जाएगा। इसके साथ ही उनकी रहने और खाने पीने की व्यवस्था इसरो में ही की जायेगी। इससे पहले मृदुला को इसरो जाकर प्रधानमंत्री के साथ चंद्रयान-2 की लैंडिग देखने का मौका मिला था। मगर ये लैंडिंग फेल हो गई थी। मृदुला धुर्वा के संत थॉमस स्कूल की नौवीं कक्षा की छात्रा है। उनके पिता अंशुमाली तिवारी ज्योतिष हैं। वो पांच भाई बहनों में सबसे छोटी है। मृदुला ने माय गवर्नमेंट की साइट पर क्विज में 18 अगस्त को भाग लिया था। इस प्रतियोगिता में 10 मिनट में 20 प्रश्नों के उत्तर देने थे।

शिक्षकों का पांच दिवसीय प्रशिक्षण शुरू

जागरण संवाददाता, रांची : प्रखंड संसाधन केंद्र, राची सदर में निष्ठा प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित हो रहा है। इसके तहत पाच दिवसीय गैर आवासीय शिक्षक प्रशिक्षण चल रहा है। इसमें 51 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। प्रशिक्षक के तौर पर बिनु बिनीता, विजय रंजीत एक्का, जितेंद्र कुमार, संतोष मिश्रा, उषा कुमारी, राकेश मिश्रा हैं। प्रशिक्षण में अब तक प्रखंड के 580 शिक्षकों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया है।

अवर विद्यालय निरीक्षक अशोक कुमार गुप्ता ने बताया कि सभी सरकारी विद्यालयों के शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इससे बच्चों के लर्निंग आउटकम को बढ़ाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण का असर बच्चो के सीखने और उसके रिजल्ट पर दिखेगा। समय-समय पर ऐसे और भी प्रशिक्षण दिये जाएंगे ताकि शिक्षकों द्वारा बच्चों के सर्वागीण विकास में मदद मिले।