Maiya Samman Yojana: आज से जारी होगी मंईयां सम्मान योजना की किस्त, बैंक अकाउंट में आएंगे 7500 रुपये
मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के तहत झारखंड सरकार महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण प्रदान करने के लिए तीन महीने की राशि एक साथ उनके खातों में जमा कर रही है। 38 लाख महिला लाभार्थियों को जनवरी फरवरी और मार्च महीने की राशि एकमुश्त मिलेगी जिससे उनके खाते में 7500 रुपये आएंगे। आधार सीडिंग और सत्यापन प्रक्रिया पूरी करने वाली महिलाओं को ही यह राशि मिलेगी।

राज्य ब्यूरो, रांची। मुख्यमंत्री मंंईयां सम्मान योजना (Maiya Samman Yojana) की राशि का इंतजार कर रही महिलाओं के लिए अच्छी खबर है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर शनिवार से उनके खाते में एक साथ तीन माह की राशि जानी शुरू हो जाएगी। उन्हें जनवरी, फरवरी तथा मार्च माह की राशि एक साथ दी जाएगी।
इस तरह, प्रत्येक महिला लाभुकों के खाते में साढ़े सात हजार रुपये एकमुश्त जाएंगे। महिला एवं बाल विकास तथा सामाजिक सुरक्षा विभाग ने शुक्रवार को तीन माह की राशि के भुगतान के लिए बिल ट्रेजरी को भेज दिया। हालांकि विभाग ने पहले ही मार्च तक की राशि सभी जिलों को भेज दी थी।
38 लाख महिलाओं के बैंक अकाउंट में जाएगी राशि
विभागीय सूत्रों के अनुसार, फिलहाल 38 लाख उन महिलाओं के खाते में राशि जाएगी, जिनकी आधार सीडिंग बैंक खाते से हो चुकी है तथा जिनका सत्यापन हो चुका है। जिनका आधार अभी तक बैंक खाते से नहीं जुड़ा है, उन्हें होल्ड पर रखा गया है। सत्यापन के बाद उनके खाते में राशि हस्तांतरित की जाएगी।
38 लाख महिलाओं के खाते में राशि भेजे जाने से लगभग 2,850 करोड़ रुपये का भुगतान होगा। इससे पहले दिसंबर माह तक की राशि का भुगतान 56 लाख महिला लाभुकों के खाते में हुआ था। इस बीच राज्य सरकार ने दिसंबर के बाद राशि हस्तांतरित करने के लिए आधार को अनिवार्य कर दिया था।
अब तक क्यों नहीं मिली राशि?
इधर, विभिन्न जिलों में बैंक खाते से आधार को लिंक करने तथा सही लाभुकों के सत्यापन के कारण जनवरी से राशि हस्तांतरित नहीं हो पाई थी। सत्यापन के क्रम में लगभग एक लाख लाभुकों के नाम कटे हैं। इन्हें अब इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
बताते चलें कि विभिन्न जिलों में चल रही जांच में ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें कई अयोग्य महिला को इसका लाभ मिल रहा था। पारा शिक्षक, महिला रसोइया एवं कई सरकारी कर्मियों को भी इसका लाभ लेने का मामला कई जिलों में सामने आया है। उन सभी से राशि वसूलने से लेकर अन्य जरूरी कार्रवाई की जा रही है।
त्योहार में महिलाओं को मिलेगी खुशी, होली से पहले मंईयां सम्मान की राशि: हेमंत सोरेन
मंईयां सम्मान योजना की राशि होली से पहले महिलाओं के खाते में पहुंच जाएगी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विधानसभा सत्र के दौरान शुक्रवार को यह जानकारी दी। इसको लेकर जुगसलाई के झामुमो विधायक मंगल कालिंदी ने सदन में सवाल उठाया था।
जवाब देते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि मंईयां सम्मान योजना की राशि होली से पहले भेजी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि शनिवार को महिला दिवस है, होली का त्योहार भी है और रमजान का महीना भी चल रहा है। त्योहार में महिलाओं के चेहरे पर खुशियां होगी। सभी को पता है कि कुछ त्रुटियों की वजह से पैसा नहीं भेजा जा रहा था। उसे ठीक किया जा रहा है। होली से पहले उक्त राशि भेज दी जाएगी।
सड़क पर हड़िया बेचना हमारी संस्कृति नहीं: हेमंत सोरेन
सदन में सत्ता पक्ष के विधायक हेमलाल मुर्मू ने ग्रामीण विकास विभाग और वन एवं पर्यावरण विभाग के बजट पर चर्चा के दौरान हड़िया बेचे जाने का मुद्दा उठाया। इसपर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि आदिवासी समाज में देवी-देवताओं को हड़िया और दारू चढ़ाने की संस्कृति रही है, लेकिन इसको बाजार में सड़क के किनारे बेचने की संस्कृति कभी नहीं रही है। संताल परगना में अभी महिलाएं सड़क के किनारे हड़िया बेचती नजर आ जाएंगी। इसको समाप्त करने की आवश्यकता है।
इसपर जवाब देते हुए सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि वह नेता प्रतिपक्ष की बातों से सहमत है कि हड़िया बेचना आदिवासी संस्कृति का प्रतीक नहीं है। राज्य ही नहीं पूरे देश में रहने वाली आदिवासी अपनी गरीबी, पिछड़ापन और मजबूरी के कारण ऐसा कर रहे हैं। दिशोम गुरु शिबू सोरेन ने भी यह प्रयास किया कि हड़िया का प्रयोग सिर्फ पूजा पाठ तक ही सीमित रहे।
इसको देखते ही सरकार में फूलो-झानो योजना लाई थी। जिसमें पिछले साल करीब 25 हजार से अधिक महिलाओं को जोड़ा गया था। महिलाओं को आर्थिक मदद मिलने के बाद फिर से महिलाएं इस व्यवसाय में आर रही हैं। सड़क के किनारे किस कारण हड़िया बेच रही हैं। सरकार इसका पता लगाकर आगे की कार्रवाई करेगी। सीएम ने नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी से इस बुराई को समाप्त करने की दिशा में साथ देने का आह्वान किया।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।