रांची, राज्य ब्यूरो। देश के विभिन्न इलाकों से हवाई मार्ग से पहुंचने वाले लोगों के लिए झारखंड सरकार ने गाइडलाइन जारी कर दी है। इसके अनुसार फ्लाइट से आनेवाले लोगों को 14 दिनों के होम क्वारंटाइन में रहना होगा। इस दौरान कोई समस्या आने अथवा लक्षण दिखने पर सरकारी अस्पताल को जानकारी देनी होगी। ये नियम उन लोगों पर लागू नहीं होगा जो तीन दिनों (72 घंटे) के अंदर झारखंड से निकल जाएंगे अथवा दूसरे राज्यों से क्वारंटाइन अवधि पूरा कर लौटे हों। मुख्य सचिव सुखदेव सिंह के स्तर से जारी निर्देश की प्रति सभी उपायुक्तों और विभागों के सीनियर अधिकारियों को दी गई है। 

घरेलू यात्रियों और दूसरे राज्यों से पहुंचे लोगों के लिए पूर्व में जारी केंद्र के दिशानिर्देश प्रभावी होंगे। इधर, सभी एयरलाइंस को कहा गया है कि वे रांची आने वाले यात्रियों का पूरा विवरण परिवहन सचिव को उपलब्ध कराएंगे। यात्रियों की सूची के साथ उनके बारे में विस्तृत जानकारी भी होगी। हवाई अड्डे से सभी यात्री अपने निजी वाहन या टैक्सी से घर तक जा सकेंगे। यहां होम क्वारंटाइन के 14 दिनों के बीच अगर किसी व्यक्ति में संक्रमण के लक्षण दिखते हैं तो वह नजदीक के सरकारी अस्पताल को सूचित करेगा और वहां जाकर अपनी जांच कराएगा। 

बगैर सहमति हवाई और ट्रेन सेवा आरंभ करने का विरोध किया झामुमो ने

झारखंड मुक्ति मोर्चा ने सोमवार से अंतरदेशीय हवाई सेवा और एक जून से यात्री ट्रेन सेवा शुरू करने का कड़ा विरोध किया है। महासचिव सह प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि लॉकडाउन के चौथे चरण की समाप्ति के बाद रेल या हवाई सेवा का परिचालन का आकलन करना चाहिए था। फिलहाल पूरे देश में मजदूर स्पेशल ट्रेनों की आवाजाही चल रही है।

सरकार के निर्णय के अनुसार अगले 10 दिनों में 2600 मजदूर स्पेशल ट्रेनों का परिचालन किया जाएगा, जिसमें लगभग 36 लाख से भी ज्यादा प्रवासी मजदूर अपने घर को लौटेंगे। ऐसी विषम परिस्थिति में राज्यों को विशेष तैयारी करनी पड़ेगी। केंद्र सरकार बिना राज्य सरकारों की सहमति से यदि रेल एवं हवाई परिचालन शुरू करेगी तो राज्यों में हाहाकार की स्थिति उत्पन्न हो जाएगी। सामान्य रेल एवं हवाई परिचालन लॉकडाउन के चौथे चरण के बाद तथा प्रवासी मजदूर एवं अन्य सभी लोगों के अपने मूल स्थान तक पहुंच जाने के बाद शुरू होना चाहिए।