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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 17, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

लालू की 'जीभ' पर चढ़ा कुदरुम की चटनी का ऐसा जादू, झारखंड से मंगवाए इसके बीज, जेल के दौरान चखा था स्‍वाद

By Jagran NewsEdited By: Arijita Sen
Published: Tue, 17 Oct 2023 02:59 PM (IST)Updated: Tue, 17 Oct 2023 03:03 PM (IST)

राजद प्रमुख और बिहार के पूर्व मुख्‍यमंत्री लालू प्रसाद यादव का ठेठ देसी अंदाज लोगों को काफी पसंद है। उन्‍हें ...और पढ़ें

लालू ने चटनी खाने के लिए झारखंड से मंगवाए कुदरुम के बीज
लालू ने चटनी खाने के लिए झारखंड से मंगवाए कुदरुम के बीज

HighLights

  1. खाने-पीने के शौकीन लालू प्रसाद को कुदरुम की चटनी का स्‍वाद चखने का मन कर रहा।
  2. रांची में चारा घोटाले के वक्‍त जेल में रहने के दौरान इसका स्‍वाद चखा था।
  3. जेल में उनके सेवादार रहे इरफान को झारखंड से इसके बीज पटना भिजवाने का आदेश दिया है।

प्रदीप सिंह, रांची। राजद प्रमुख लालू प्रसाद देसी खानपान के बेहद शौकीन हैं। फिलहाल विभिन्न बीमारियों की चपेट में आने के कारण उन पर खानपान की ढेरों बंदिशें हैं, लेकिन इसके बावजूद वे अपने शौक को छिपाते नहीं।

कुदरुम की चटनी के हैं कई फायदे

हाल ही में उनके दिल्ली प्रवास के दौरान कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के मटन पार्टी खासा चर्चा का विषय बनी।

अब उन्हें झारखंड में बहुतायत में होने वाले कुदरूम की याद आई है। इसकी चटनी बहुत स्वादिष्ट बनती है। यह उच्च रक्तचाप, मधुमेह समेत कई बीमारियों के उपचार में भी कारगर होगा।

जेल में रहते वक्‍त चखा था इसका स्‍वाद

इसमें आयरन की मात्रा अधिक होती है। डायरिया के उपचार में भी यह काम आता है। चटख लाल रंग का यह फूल सामान्य तौर पर बरसात के मौसम में बाजारों में खूब नजर आता है।

लालू प्रसाद जब यहां चारा घोटाले में सजायाफ्ता होने के बाद हिरासत में थे, तो उन्होंने इसका स्वाद चखा था।

अब एक बार फिर उन्हें इसकी याद आई है, तो उन्होंने यहां अपने खास इरफान अहमद अंसारी को हुक्म दिया है कि वे पटना कुदरुम के बीज भिजवाएं, ताकि उनके गार्डन में इसे लगाया जा सके। इससे जब भी उन्हें मन होगा, वे इसका स्वाद ले पाएंगे।

जल्द पटना पहुंच जाएगा बीज

लालू प्रसाद के जेल में रहने के दौरान दो सेवादार कोर्ट के निर्देश पर मुहैया कराए गए थे। इनमें से एक इरफान अहमद अंसारी तो खुद को सन आफ लालू तक कहते हैं।

लालू उन्हें काफी मानते हैं। वे साये की तरफ उनके साथ रहते थे। लालू प्रसाद की तीमारदारी से लेकर खानपान की पूरी व्यवस्था उन्हीं के जिम्मे थी।

लालू प्रसाद ने उऩ्होंने हाल ही में फोन कर अपनी इच्छा जताई। उनका आदेश पाते ही इरफान इस काम में जुट गए हैं। इस मौसम में जरा यह मुश्किल काम था, लेकिन बीज मिल गया है।

डोरंडा के एक सब्जी व्यापारी के यहां से बीज लेकर पटना भेजने की व्यवस्था की जा रही है। जल्द ही बीज लालू प्रसाद के पास पहुंच जाएगा।

लालू के सेवादार रहे इरफान

देसी खानपान के शौकीन रहे हैं लालू

लालू का देसी अंदाज ही उनकी खासियत है। वह देसी खानपान से लेकर उसी अंदाज में रहने के भी शौकीन हैं।

हालांकि, बीमारियों के कारण अब उनके खानपान पर काफी पाबंदी है। किसी जमाने में उनकी लिट्टी-चोखा की पार्टी मशहूर हुआ करती थी।

वह पान के भी काफी शौकीन हैं। पटना में डाकबंगला चौराहे का पान और रांची प्रवास पर रहने के दौरान लालपुर और मेनरोड से उनके लिए खास पान बनकर जाता था।

लालू प्रसाद जब मूड में रहते, तो मुलाकात करने के लिए आने वालों का विभिन्न व्यंजन और पकवानों से आतिथ्य सत्कार करते।

लगभग बीस वर्ष पूर्व पटना में अपने आवास पर इस संवाददाता से मुलाकात के दौरान उन्होंने राजस्थान के चिड़ावा का पेड़ा बड़े शौक से खिलाया था।