अफीम तस्करों पर 'आसमान' से नजर: मारंगहादा के जंगलों में पुलिस ने उड़ाया ड्रोन, अवैध शराब की भट्ठियां तहस-नहस
Jharkhand Police दुर्गम पहाड़ों और घने जंगलों में छिपी अफीम की क्यारियों को ढूंढने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल कर रही है। खूंटी पुलिस ने मारंगहादा में ड्र ...और पढ़ें

मारंगहादा के जंगलों में पुलिस ने उड़ाया ड्रोन।
जागरण संवाददाता, खूंटी। नशे के सौदागरों और अवैध खेती के खिलाफ खूंटी पुलिस अब 'हाई-टेक' मोड में आ गई है। मारंगहादा थाना क्षेत्र के दुर्गम पहाड़ों और घने जंगलों में छिपी अवैध अफीम की क्यारियों को ढूंढने के लिए पुलिस ने आसमान से मोर्चा खोल दिया है।
खूंटी पुलिस का हाई-टेक अभियान
झारखंड के खूंटी जिले में मादक पदार्थों की खेती और अवैध नशे के कारोबार के खिलाफ पुलिस ने अब डिजिटल घेराबंदी शुरू कर दी है। जिला पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर मारंगहादा थाना क्षेत्र के सुदूरवर्ती इलाकों में एक विशेष तलाशी अभियान चलाया गया।
इस अभियान की खास बात यह रही कि पुलिस ने घने जंगलों और दुर्गम पहाड़ियों के बीच अफीम की खेती का पता लगाने के लिए अत्याधुनिक ड्रोन कैमरों का सहारा लिया। लांदुप पंचायत के अंतर्गत आने वाले कातुद, सिरूम और सेरेंगडीह जैसे गांवों के जंगली इलाकों में ड्रोन उड़ाकर बारीकी से निगरानी की गई, ताकि तस्करों द्वारा छिपाकर की जाने वाली अफीम की खेती को पकड़ा जा सके।
ड्रोन सर्वे में चौकस दिखी पुलिस
पुलिस की इस 'आसमान से निगरानी' के दौरान सुरक्षा बलों ने उन दुर्गम रास्तों और पहाड़ियों के कोनों को खंगाला जहाँ आमतौर पर पैदल पहुंचना चुनौतीपूर्ण होता है। हालांकि, इस सघन ड्रोन सर्वे के दौरान पुलिस को अफीम की खेती के कोई ताजा या स्पष्ट प्रमाण नहीं मिले, जिसे पुलिस के बढ़ते दबाव और निरंतर चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों की सफलता के रूप में देखा जा रहा है।
मारंगहादा पुलिस ने स्पष्ट किया कि भले ही इस बार खेत खाली मिले हों, लेकिन निगरानी का यह सिलसिला लगातार जारी रहेगा ताकि कोई भी दोबारा इस अवैध धंधे में पैर न पसार सके।
अवैध शराब के ठिकानों पर बड़ी चोट
इसी सर्च ऑपरेशन के दौरान पुलिस को सिरूम गांव के जंगल से सटे एक खेत में अवैध रूप से संचालित देशी महुआ शराब की भट्ठी का सुराग मिला। पुलिस की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मौके पर धावा बोल दिया और अवैध शराब निर्माण की भट्ठी को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।
पुलिस ने वहां मौजूद भारी मात्रा में जावा महुआ और शराब बनाने के अन्य उपकरणों को मौके पर ही नष्ट कर दिया। इस कार्रवाई से इलाके के शराब माफियाओं में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि नशे का कोई भी कारोबार चाहे वह अफीम हो या अवैध शराब, उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
ग्रामीणों के बीच पुलिस की पाठशाला
दबिश और कार्रवाई के साथ-साथ खूंटी पुलिस ने सामाजिक बदलाव पर भी जोर दिया। अभियान के क्रम में पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय ग्रामीणों के साथ चौपाल लगाई और उन्हें अफीम की खेती के घातक परिणामों के प्रति सचेत किया।
ग्रामीणों को बताया गया कि अफीम की खेती न केवल कानूनी रूप से अपराध है, बल्कि यह उनकी आने वाली पीढ़ी को भी खोखला कर रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की कि वे नशे के इस काले कारोबार को छोड़करमुख्यधारा की खेती और सरकारी योजनाओं से जुड़ें।
अभियान थमेगा नहीं
अधिकारियों ने साफ शब्दों में कहा कि अवैध मादक पदार्थों के व्यापार में संलिप्त पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के तहत कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी। खूंटी पुलिस ने साफ संकेत दिए हैं कि यह अभियान थमेगा नहीं। आने वाले दिनों में जिले के अन्य संवेदनशील इलाकों जैसे अड़की, मुरहू और सायको में भी इसी तरह के ड्रोन सर्वे और छापेमारी की जाएगी।

कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।