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    Kalpana Soren : 'BJP जीती तो...', उलगुलान के मंच से कल्पना सोरेन कर गईं आगाह; बताईं हेमंत के 'मन की बात'

    Updated: Mon, 22 Apr 2024 06:16 PM (IST)

    Kalpana Soren रविवार को झारखंड की राजधानी रांची का प्रभात तारा मैदान विपक्षी नेताओं से पटा था। इंडी गठबंधन की महारैली में सहयोगी दल के कई बड़े नेता मौजूद थे। इस दौरान मल्लिकार्जुन खरगे सुनीता केजरीवाल प्रियंका चतुर्वेदी समेत कई नेताओं ने संबोधित किया। वहीं झामुमो की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन ने पति की चिट्ठी पढ़ी।

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    Kalpana Soren : 'BJP जीती तो...', उलगुलान के मंच से कल्पना सोरेन कर गईं आगाह (फोटो- जागरण)

    राज्य ब्यूरो, रांची। पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन ने उलगुलान न्याय महारैली में अपना भाषण देने के बजाय अपने पति द्वारा जेल से भेजे गए बंदी पत्र को पढ़ा। उस पत्र को वह स्वयं लेकर आई थीं।

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    हेमंत सोरेन ने अपने संदेश में लिखा कि उलगुलान की धरती पर उलगुलान न्याय रैली में विभिन्न गांव, टोले, पंचायत और देश भर से लोग जुटे हैं। वे खुद रैली में जनता के बीच नहीं हैं।

    कल्पना सोरेन ने हेमंत सोरेन का संदेश पढ़कर बताया कि उन्हें केंद्र सरकार ने बेबुनियाद आरोपों में जेल में बंद करके रखा है। दिल्ली में भी अरविंद केजरीवाल को उनके सहयोगियों के साथ जेल में बद करके रखा है। आजादी के बाद पहली बार शीर्ष नेताओं, मुख्यमंत्रियों को झूठे आरोपों में जेल में डाला जा रहा है।

    'भाजपा की केंद्र सरकार नए-नए कानून ला रही'

    हेमंत ने अपने संदेश में कहा कि झारखंड अलग राज्य बनने के बाद भाजपा ने यहां परिसीमन का प्रस्ताव लाया था, लेकिन दिशोम गुरू शिबू सोरेन ने उसे लागू होने नहीं दिया। भाजपा इस बार जीती तो फिर से परिसीमन लागू करने की कोशिश करेगी। इससे आदिवासियों के लिए आरक्षित सीटों में कमी आएगी।

    हेमंत ने अपने संदेश में यह भी लिखा भाजपा की केंद्र सरकार नए-नए कानून लाने जा रही है। इससे सबसे अधिक नुकसान आदिवासियों को होगा। इस बार एनडीए की सरकार बनी तो आदिवासियों पर सबसे बड़ा खतरा आएगा। हमने झारखंड से पहले ही भाजपा को खदेड़ा है। इस बार दिल्ली से भी इसे खदेड़ना है। किसी भी कीमत पर झारखंड को बचाना है।

    हेमंत सोरेन ने अपने संदेश में आगे यह भी लिखा कि सरना धर्म कोड लागू करने, 1932 के खतियान आधारित नियोजन नीति लागू करने, पिछड़ों को 27 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए केंद्र की तानाशाही सरकार को सत्ता से बेदखल करना ही होगा। अपने संदेश में हेमंत ने यह भी लिखा कि उलगुलान का मतलब ही है जुमलेबाजी करने वाले, ठगने वाले, देश की अखंडता को नुकसान पहुंचाने वालों को खदेड़ना।

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