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    JSSC Recruitment Exam: एग्जाम से पहले वायरल हुए Answer! अभ्यर्थियों ने जमकर काटा बवाल, बाबूलाल ने CBI जांच की मांग की

    अभ्यर्थियों ने परीक्षा के सामान्य अध्ययन के प्रश्न पत्र लीक होने की आशंका जताई है। कहना है कि कुछ प्रश्नों के उत्तर वाट्सएप पर परीक्षा से पहले ही वायरल हो रहे थे। बाद में परीक्षा होने के बाद पता चला कि ये उत्तर पूछे गए प्रश्नों से ही संबंधित थे। अभ्यर्थियों ने इसके विरोध में प्रदर्शन भी किया। आक्रोशित अभ्यर्थी परीक्षा रद्द करने की मांग करने लगे।

    By Neeraj Ambastha Edited By: Shashank ShekharUpdated: Sun, 28 Jan 2024 10:25 PM (IST)
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    JSSC Recruitment Exam: एग्जाम से पहले वायरल हुए Answer! अभ्यर्थियों ने जमकर काटा बवाल

    जागरण संवाददाता, रांची। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की झारखंड संयुक्त स्नातक स्तरीय प्रतियोगिता परीक्षा रविवार को संपन्न हो गई। कड़ी सुरक्षा के बीच यह परीक्षा जिला मुख्यालयों तथा कुछ अनुमंडल मुख्यालयों में बनाए गए केंद्रों पर हुई।

    इधर, कुछ अभ्यर्थियों ने इस परीक्षा के सामान्य अध्ययन के प्रश्न पत्र लीक होने की आशंका जताई है। उनका कहना है कि इसके कुछ प्रश्नों के उत्तर वाट्सएप पर परीक्षा से पहले ही वायरल हो रहे थे। बाद में परीक्षा होने के बाद पता चला कि ये उत्तर पूछे गए प्रश्नों से ही संबंधित थे।

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    परीक्षा खत्म होने के बाद शाम में अभ्यर्थियों ने स्टेट लाइब्रेरी के पास जमा होकर इसके विरोध में प्रदर्शन भी किया। आक्रोशित अभ्यर्थी परीक्षा रद्द करने तथा इसकी सीबीआइ जांच कराने की मांग कर रहे थे। कुछ अभ्यर्थियों ने इसकी शिकायत भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी से करते हुए हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया।

    प्रश्न पत्र लीक होने के मामले को लेकर दैनिक जागरण ने आयोग के अध्यक्ष नीरज सिन्हा से बात करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। सूत्रों के अनुसार, इसकी शिकायत आयोग को भी मिली है। आयोग इसकी जांच करा सकता है।

    परीक्षा में पेपर लीक की CBI जांच हो- बाबूलाल 

    उधर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने जेएससीसी द्वारा रविवार को आयोजित सीजीएल परीक्षा में कथित तौर पर पेपर लीक की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है। कहा कि कई छात्रों ने सोशल मीडिया पर आंसर शीट जारी की है। साथ ही व्हाट्सएप पर भी प्रश्न पत्रों के परीक्षा के पहले की सामने आने की बात सामने आ रही है।

    राज्य सरकार द्वारा आयोजित यह परीक्षा भ्रष्टाचार के दायरे में आ गई है। इस मामले की जांच सीबीआई से कराई जानी चाहिए। झारखंड सरकार युवाओं के साथ खिलवाड़ कर रही है। पूरी परीक्षा में भ्रष्टाचार की बू आ रही। कानूनी कार्रवाई में फंसने के डर से युवा इस परीक्षा में हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज नहीं उठा पा रहे।

    भाषा के आसान थे प्रश्न पत्र, सामान्य अध्ययन ने उलझाया

    स्नातक स्तरीय प्रतियोगिता परीक्षा तीन पालियों में संपन्न हुई। पहली पाली में भाषा हिंदी एवं अंग्रेजी तथा दूसरी पाली में जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा की परीक्षा हुई। तीसरी पाली में सामान्य अध्ययन की परीक्षा हुई। यह परीक्ष बेहद शांतिपूर्ण माहौल में सभी परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा आयोजित की गई।

    रविवार को हुई परीक्षा में कहीं से कोई निष्कासन की सूचना नहीं है। परीक्षा देकर बाहर निकले परीक्षार्थियों में हर्ष का माहौल था। परीक्षार्थियों के अनुसार लंबे समय के बाद हुई परीक्षा के सवाल बेहद आसान थे। खासकर 120 अंकों के भाषा और 100 अंकों के जनजातीय भाषा के प्रश्न आसान थे, लेकिन 150 अंकों के सामान्य अध्ययन के के कुछ प्रश्न ट्विस्ट कर पूछे गए थे।

    बता दें कि अभ्यर्थियों की संख्या अधिक होने के कारण यह परीक्षा दो चरणों में हो रही है। इसकी अगली परीक्षा चार फरवरी को होगी जिसमें शेष अभ्यर्थी सम्मिलित होंगे। इस परीक्षा के लिए लगभग 6.5 लाख अभ्यर्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। इस परीक्षा के लिए रांची जिला में 108 केंद्र बनाए गए थे। जहां लगभग 70 हजार परीक्षार्थियों ने परीक्षा दिया।

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