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Jharkhand CGL पेपर लीक मामले में वित्त विभाग का SO संतोष कुमार मस्ताना गिरफ्तार, भेजा गया जेल

Published: Tue, 28 Oct 2025 09:55 PM (IST)

झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) सीजीएल पेपर लीक मामले में सीआईडी ने वित्त विभाग के सेक्शन ऑफिसर संतोष कुमार मस्ताना ...और पढ़ें

वित्त विभाग का SO संतोष कुमार मस्ताना गिरफ्तार

वित्त विभाग का SO संतोष कुमार मस्ताना गिरफ्तार

HighLights

  1. वित्त विभाग के एसओ संतोष कुमार मस्ताना गिरफ्तार

  2. पेपर लीक नहीं, अभ्यर्थियों से हुई थी ठगी

  3. सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं अभ्यर्थी

राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड राज्य कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की सीजीएल पेपर लीक मामले की जांच कर रही अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) ने वित्त विभाग के सेक्शन अफिसर (एसओ) संतोष कुमार मस्ताना को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। सीआईडी ने उसके पास से मोबाइल व अन्य कागजात की जब्ती की है।

अब सीआईडी मस्ताना के मोबाइल की जांच कराएगी और उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। सेक्शन अधिकारी संतोष कुमार मस्ताना ने जानकारी दी है कि उसके पास भी किसी ने प्रश्न पत्र लीक होने की सूचना भेजी थी। सीआईडी को अब तक की जांच में पता चला है कि राज्य में सीजीएल पेपर लीक हुआ ही नहीं था।

अफवाह फैलाकर पूरे मामले को तूल दिया गया है। हालांकि, अभी जांच पूरी नहीं हो सकी है, इसलिए इस बिंदु पर अधिकारी अधिकृत बयान देने से परहेज कर रहे हैं।

अधिकारियों का कहना है कि सीजीएल का प्रश्नपत्र लीक नहीं हुआ था, बल्कि पेपर लीक के नाम पर अभ्यर्थियों से ठगी की गई थी। हालांकि, सीआईडी की इस जांच से अभ्यर्थी संतुष्ट नहीं हैं और वे इस मामले की सीबीआइ से जांच कराने की मांग कर रहे हैं।

सीजीएल प्रश्न पत्र लीक मामले में हाई कोर्ट में 29 अक्टूबर को सुनवाई होनी है। यह सुनवाई परीक्षा के अंतिम परिणाम के प्रकाशन पर रोक हटाने वाली याचिका पर होनी है। सीजीएल परीक्षा 21 व 22 सितंबर 2024 को आयोजित की गई थी। तब आरोप लगा था कि परीक्षा से पहले ही पेपर लीक हो गए थे। अभ्यर्थियों को प्रश्नों के उत्तर भी रटवाए गए थे और उसके एवज में राशि की वसूली हुई थी।

बाबूलाल का दावा, जिसने उठाई आवाज, वही गिरफ्तार

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने एक्स पोस्ट पर संतोष कुमार मस्ताना की गिरफ्तारी का विरोध किया है। उन्होंने लिखा है कि जिसने सबूत देकर आवाज उठाई, उसे ही सीआईडी ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इस केस में जो भी शिक्षक सड़क से न्यायालय तक लड़ाई लड़ रहे हैं, उन्हें भी सीआईडी बार-बार नोटिस भेज रही है।

बाबूलाल मरांडी का आरोप है कि सीआईडी प्रश्न पत्र लीक केस के सभी सबूतों को नष्ट कर रही है। गवाहों को धमकाकर उनके बयान को बदला जा रहा है।