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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 20, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

JPSC Mains: जेपीएससी की मुख्य परीक्षा पर रोक लगाने को लेकर प्रदर्शन, सोमवार को हाई कोर्ट में सुनवाई

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Published: Sun, 20 Jan 2019 07:36 AM (IST)Updated: Sun, 20 Jan 2019 03:07 PM (IST)

Jharkhand Public Service Commission. 28 जनवरी से शुरू होनेवाली छठी जेपीएससी मुख्य परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र जारी हो रहा है। लेकिन छात्रों ने परीक्षा लेने का विरोध किया है।

JPSC Mains: जेपीएससी की मुख्य परीक्षा पर रोक लगाने को लेकर प्रदर्शन, सोमवार को हाई कोर्ट में सुनवाई
JPSC Mains: जेपीएससी की मुख्य परीक्षा पर रोक लगाने को लेकर प्रदर्शन, सोमवार को हाई कोर्ट में सुनवाई

रांची, राज्य ब्यूरो। 28 जनवरी से शुरू होनेवाली छठी जेपीएससी मुख्य परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र जारी नहीं होने पर पिछले दिनों अभ्यर्थियों ने जेपीएससी कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया था। इसके बाद आयोग ने प्रवेश पत्र जारी करना शुरू कर दिया। अब कई अभ्यर्थियों ने मुख्य परीक्षा पर रोक लगाने की मांग शुरू कर दी है। इसे लेकर कई अभ्यर्थियों ने शनिवार को जेपीएससी कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया।

अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा लेने की सूचना कम से कम 40 दिन पूर्व देनी चाहिए थी, लेकिन आयोग ने 11 दिन पूर्व ही परीक्षा की सूचना जारी की। हालांकि आयोग ने काफी पहले परीक्षा की तिथि निर्धारित कर दी थी। 16 जनवरी को इसे लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश ही जारी किया गया तथा प्रवेश पत्र डाउनलोड करने की तिथि निर्धारित की गई।

अभ्यर्थियों का यह भी कहना है कि विधानसभा के सत्र चलने के कारण बिरसा चौक जाम होने से धुर्वा के अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में पहुंचने पर समस्या हो सकती है। अभ्यर्थियों ने यह भी आरोप लगाया कि जिन अभ्यर्थियों ने मुख्य परीक्षा में शामिल होने के लिए आवेदन भी नहीं भरे थे उनके प्रवेश पत्र भी जारी हो रहे हैं। साथ ही जेपीएससी के कई सहायकों के भी प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण होने तथा उनके मुख्य परीक्षा में शामिल होने तथा कुल पदों के 15 गुना से अधिक अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा में शामिल करने पर भी सवाल उठाया है।

सोमवार को होगी हाईकोर्ट में सुनवाई :  छठी जेपीएससी मुख्य परीक्षा में शामिल होने के लिए न्यूनतम कट ऑफ मा‌र्क्स को चुनौती देनेवाली याचिका पर 21 जनवरी को झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है। इसे लेकर आयोग के पदाधिकारियों के अलावा अभ्यर्थियों का ध्यान टिका है, क्योंकि मुख्य परीक्षा निर्धारित समय पर हो पाएगी या नहीं, कोर्ट के आदेश पर ही निर्भर करेगा।