यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 03, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
रांची में हाईकोर्ट में नौकरी लगवाने के नाम पर करोड़ों की ठगी, पुलिस ने 2 आरोपियों को किया गिरफ्तार
रांची के लोअर बाजार थाना क्षेत्र में नौकरी के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है जिसमें आरोपियों ने ...और पढ़ें

HighLights
- हाई कोर्ट में नौकरी के नाम पर ठगी |
- दो आरोपी गिरफ्तार, एक फरार |
- करोड़ों रुपये की ठगी का मामला |
जागरण संवाददाता, रांची। लोअर बाजार थाना क्षेत्र से हाई कोर्ट में असिस्टेंट पद पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है।
लोअर बाजार थाना कांड संख्या 224/25 के तहत धारा 316(2), 318(4), 336(3), 3(5) BNS के अंतर्गत तीन नामजद आरोपितों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
इस मामले में राजकुमार और परमित राज नामक दो आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि एक अन्य फरार अभियुक्त की तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
लोअर बाजार थाना प्रभारी रणविजय ने बताया कि आरोपितों ने अब तक दर्जनों लोगों को सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर झांसे में लिया। अब तक दस से अधिक पीड़ित थाने में शिकायत दर्ज करा चुके हैं।
पूछताछ में आरोपितों ने स्वीकार किया है कि वे प्रत्येक व्यक्ति से करीब दस लाख रुपये की वसूली करते थे। पैसे लेने के बाद आरोपित मोबाइल नंबर बदल कर फरार हो जाते थे।
पुलिस को आशंका है कि इस ठगी का आंकड़ा पांच से छह करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। कुछ पीड़ितों ने पुलिस को फोन पर भी सूचित किया है कि वे भी इस गिरोह के शिकार हुए हैं।
दोनों आरोपित लोअर बाजार थाना क्षेत्र के थड़पखना में रहते हैं। पुलिस जब इनके घर पहुंची तो दोनों भागने का प्रयास करने लगे, लेकिन मोहल्ले में ही उन्हें पकड़ कर थाना लाया गया।
पूछताछ में दोनों ने अपने एक अन्य साथी की जानकारी भी पुलिस को दी है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास जारी है।
इससे पहले विधानसभा थाना क्षेत्र में भी सामने आ चुका है ठगी का मामला
विधानसभा थाना क्षेत्र में भी इसी तरह का मामला सामने आया था, जहां हाई कोर्ट में नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं से बड़ी रकम वसूली गई थी। ठगी के शिकार युवकों को स्पीड पोस्ट के माध्यम से फर्जी ज्वाइनिंग लेटर भेजा गया था।
पीड़ित जब हाई कोर्ट पहुंचे तो उन्हें पता चला कि वे ठगी के शिकार हुए हैं। उस मामले में कुछ आरोपितों को जेल भेजा गया था, लेकिन कई आरोपित अभी भी फरार हैं।
