यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 29, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Jharkhand Politics: उनके समय में क्यों नहीं बनी? पेसा नियमावली को लेकर झामुमो ने रघुवर दास पर साधा निशाना
झामुमो नेता विनोद पांडेय ने रघुवर दास पर पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा आदिवासी समाज को गुमराह कर रही ...और पढ़ें

HighLights
- आदिवासियों को गुमराह न करें, भाजपा को सिर्फ सत्ता से मतलब
- हमारी सरकार गंभीरता से कर रही काम, लागू होगा पेसा एक्ट
राज्य ब्यूरो, रांची। सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के महासचिव सह प्रवक्ता विनोद पांडेय ने पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा है कि रघुवर दास और भाजपा पूरे आदिवासी समाज को गुमराह कर रही है।
रघुवर दास को पेसा कानून की याद अब आ रही है, जबकि उनके पूरे शासनकाल में इस दिशा में एक भी ठोस कदम नहीं उठाया गया।
रघुवर दास से किया सवाल
विनोद पांडेय ने पूछा कि यदि उन्हें आदिवासी समाज की इतनी ही चिंता थी तो 2014 से 2019 के दौरान भाजपा सरकार ने पेसा कानून को लागू क्यों नहीं किया?
उन्होंने कहा कि भाजपा को आदिवासियों के स्वशासन से नहीं, सत्ता से मतलब है। हेमंत सोरेन की सरकार पेसा नियमावली को लेकर गंभीरता से काम कर रही है और तमाम वैधानिक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद अब अंतिम स्तर पर प्रक्रिया हो रही है। जल्द ही ये पूरी हो जाएगी।
आदिवासी समाज को बांटने की साजिश में भाजपा
विनोद पांडेय ने भाजपा पर आदिवासी समाज को 'विदेशी धर्म' और 'मूल धर्म' के नाम पर बांटने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह वही भाजपा है, जो आदिवासियों को ईसाई बताकर उनकी नागरिकता, रोजगार और अधिकारों को संदेह के घेरे में खड़ा करती रही है।
झामुमो आदिवासी समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए हमेशा संघर्ष करता रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा को पेसा, सरना कोड या आदिवासी समाज के अन्य अधिकारों पर बोलने से पहले आत्मचिंतन करना चाहिए कि उसने पिछले शासन में क्या किया। भाजपा ने आदिवासियों के संवैधानिक अधिकार खत्म करने के प्रयास किए।
