विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 10, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Lok Sabha Election 2024: 'पार्टी चाहे तो मुझे निकाल दे...', JMM विधायक के बदले सुर; कर दिया ये एलान

Published: Wed, 10 Apr 2024 08:49 PM (IST)

Lok Sabha Election 2024 लोकसभा चुनाव को लेकर सभी दल अपनी रणनीति बनाने में जुटें हैं। इस बीच टिकट की ...और पढ़ें

Lok Sabha Election 2024: 'पार्टी चाहे तो मुझे निकाल दे...', JMM विधायक के बदले सुर (फाइल फोटो)
Lok Sabha Election 2024: 'पार्टी चाहे तो मुझे निकाल दे...', JMM विधायक के बदले सुर (फाइल फोटो)

HighLights

  1. लोबिन हेम्ब्रम ने सोरेन परिवार पर जमकर निशाना साधा
  2. हेमंत के बाद बसंत सोरेन को उत्तराधिकार मिलना चाहिए था- लोबिन

राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड मुक्ति मोर्चा के लोकसभा चुनाव के प्रत्याशियों की दूसरी सूची जारी होने के बाद नेताओं के बगावती सुर तेज हो गए हैं। पहले से ही नाराज चल रहे बोरियो विधायक लोबिन हेम्ब्रम ने खुलकर मोर्चा खोल दिया है।

उन्होंने बुधवार को एलान कर दिया कि वे दल में रहते हुए राजमहल से चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने प्रत्याशी विजय हांसदा की जमकर आलोचना की।

उधर, सिंहभूम से घोषित प्रत्याशी जोबा मांझी के विरोध में एक धड़ा मुख्यमंत्री चंपई सोरेन से मुलाकात करने पहुंचा। इनकी दलील है कि सिंहभूम से हो जनजाति का प्रत्याशी होना चाहिए।

लोबिन हेम्ब्रम ने कहा कि मुझे झामुमो को बचाना है। अगर पार्टी चाहे तो मुझे निकाल दे, मगर मैं झामुमो नहीं छोड़ूंगा।

लोबिन हेम्ब्रम ने सोरेन परिवार पर बोला हमला

लोबिन ने सोरेन परिवार के खिलाफ जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से दुर्गा सोरेन के निधन के बाद उनके छोटे भाई हेमंत सोरेन को उत्तराधिकारी बनाया गया, उसी प्रकार हेमंत सोरेन के जेल जाने के बाद बसंत सोरेन को उत्तराधिकार मिलना चाहिए था। कल्पना को किसने उत्तराधिकारी बनाया? कौन लोग पार्टी और परिवार चला रहे हैं?

लोबिन ने आगे कहा कि दुर्गा सोरेन के निधन के बाद सीता सोरेन को भले ही तीन बार टिकट देकर विधायक बनाया गया, मगर बड़ी बहू होने के नाते उन्हें सरकार, परिवार और संगठन में उचित जगह मिलनी चाहिए थी, जिन लोगों के कारण हेमंत सोरेन जेल गए हैं, उनके खिलाफ विधायक और पार्टी संगठन गोलबंद क्यों नहीं हुआ? लोबिन ने कहा कि विजय हांसदा को दो बार पार्टी ने सांसद बनाया, मगर पूरे क्षेत्र में उनका जबरदस्त विरोध है।

जोबा मांझी को बदलने की मांग तेज 

सिंहभूम सीट से जोबा मांझी को प्रत्याशी बनाए जाने पर झामुमो नेता दामोदर सिंकू और संध्या सिंह खुटियां के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री चंपई सोरेन से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने मुख्यमंत्री से कहा कि जोबा मांझी को बदलकर हो समाज के व्यक्ति को सिंहभूम से प्रत्याशी बनाया जाए।

उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं होने पर परेशानी होगी। कोल्हान से हो समुदाय का ही प्रत्याशी चाहिए ताकि गठबंधन की जीत सुनिश्चित हो सके। वे लोग कल्पना सोरेन से भी मिलेंगे और जोबा को प्रत्याशी बनाए जाने का विरोध करेंगे।

ये भी पढ़ें- 

झारखंड में शिक्षा विभाग का ताबड़तोड़ एक्शन, अब फंसे उत्कृष्ट विद्यालय के प्राचार्य; अफसरों पर भी गिरी गाज

'देवर-देवरानी ने कुछ नहीं किया...', सीता सोरेन ने झारखंड के हाल को लेकर बोला हमला; दे डाली चेतावनी