झारखंड ट्रेजरी घोटाला: मास्टरमाइंड कौशल पांडेय के खिलाफ चार्जशीट दाखिल, ऐसे करता था करोड़ों की हेराफेरी
सीआईडी ने बोकारो के 11 करोड़ रुपये के अवैध वेतन निकासी मामले में मास्टरमाइंड कौशल पांडेय समेत चार आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है।

एआई जनरेटेड फोटो
HighLights
बोकारो अवैध वेतन निकासी मामले में CID ने चार्जशीट दाखिल की।
मास्टरमाइंड कौशल पांडेय ने 11 करोड़ रुपये का घोटाला किया।
धोखे से डीडीओ के हस्ताक्षर, खातों में हेरफेर कर राशि निकाली।
राज्य ब्यूरो, रांची। बोकारो के जिला कोषागार से अवैध वेतन निकासी मामले की जांच कर रही अपराध अनुसंधान विभाग (सीआइडी) ने गिरफ्तार कर जेल भेजे गए चारों आरोपितों के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल कर दी है।
यह चार्जशीट सीआइडी की रांची स्थित विशेष अदालत में दाखिल की गई है। जिनके विरुद्ध चार्जशीट दाखिल की गई है, उनमें कांड के मास्टरमाइंड एसपी बोकारो के लेखा शाखा में कार्यरत सिपाही कौशल पांडेय, उसके सहयोगी एएसआइ अशोक कुमार भंडारी, गृह रक्षक सतीश कुमार व सिपाही काजल मंडल शामिल हैं।
पूरा मामला करीब 11 करोड़ रुपये की अवैध वेतन निकासी से जुड़ा है। इस मामले में सीआइडी ने अदालत को इलेक्ट्रॉनिक ट्रेल, फाइनेंसियल ट्रेल की फोरेंसिक ऑडिट, रुपयों के लेन-देन का विश्लेषण साक्ष्य के रूप में चार्जशीट के साथ संलग्न किया है।
साक्ष्य के रूप में करीब 25 लोगों के बयान को भी लगाया गया है। सीआइडी ने मजबूत साक्ष्य के साथ चार्जशीट दाखिल की है, ताकि न्यायालय में ट्रायल के दौरान आरोपितों को सजा दिलाया जा सके।
करीब 35 पेज के मुख्य तथ्य, 100 पेज से ज्यादा का है केस डायरी
बोकारो में अवैध वेतन निकासी मामले में दाखिल चार्जशीट में सीआइडी ने करीब 35 पेज में मुख्य तथ्य व 100 पेज से ज्यादा का केस डायरी लगाया है। सीआइडी ने कोर्ट को यह भी बताया है कि अभी इस पूरे मामले में अनुसंधान जारी है।
चार्जशीट के साथ आरोपितों के इकबालिया बयान को भी लगाया गया है, जिसमें मास्टरमाइंड कौशल पांडेय ने अपनी पत्नी अनु पांडेय व मां बृज कुमारी देवी के खाते में अवैध वेतन निकासी के रुपयों को भेजने की बात स्वीकारी थी।
उसने यह भी स्वीकारा था कि सेवानिवृत्त हवलदार उपेंद्र सिंह की जुलाई 2016 में सेवानिवृत्ति के बाद उनकी जन्मतिथि में फेरबदल कर उनकी सेवानिवृत्ति मार्च 2026 दिखाई और उनके वेतन मद में नवंबर 2023 से मार्च 2026 तक यानी 29 महीने में 63 बार में धोखाधड़ी से 4.29 करोड़ रुपये की निकासी की थी।
ई-कुबेर पोर्टल पर बिल प्रबंधन प्रणाली में जन्मतिथि व खाता नंबर बदलकर उक्त राशि को उसने अपनी पत्नी अनु पांडेय के खाते में भेजा था।
डीडीओ को विश्वास में लेकर ओटीपी लेकर धोखे से करवा लेता था हस्ताक्षर
सीआइडी ने चार्जशीट में बताया है कि कौशल पांडेय डीडीओ को विश्वास में लेकर ओटीपी लेने के बाद धोखे से हस्ताक्षर करवा लेता था। वह पुलिसवालों के बेहतर कार्य के बदले मिलने वाली राशि को अपनी मां बृज कुमारी देवी के खाते में भेजता था।
वर्ष 2021 के बाद उसने एस. कुमार, सेवानिवृत्त राजेंद्र सिंह, राम नरेश सिंह, दशरथ सिंह, ए. मिंज, ललिता सिंह के जीपीएफ नंबर में फेरबदल कर अपनी मां के खाते में राशि स्थानांतरित की थी।
वह गृह रक्षक सतीश कुमार के खाते में रुपये भेजता था और 70 प्रतिशत राशि निकलवाकर ले लेता था। सीआइडी ने चार्जशीट में मुख्य आरोपित लेखापाल सिपाही कौशल कुमार पांडे और अन्य सहयोगियों के ठिकानों से अर्जित तेलीही, बोकारो में लगभग 4.08 और 4.98 डिसमिल जमीन पर बने आलीशान मकान और दस्तावेज को जब्त किया है।
इसके अलावा आरोपितों के खातों से 1.18 करोड़ के एफडी को फ्रीज किया था। सिपाही काजल मंडल के घर से अवैध निकासी के 8.75 लाख रुपये नकदी की बरामदगी हुई थी।
हजारीबाग से अवैध वेतन निकासी मामले में कल चार्जशीट कर सकती है सीआइडी
हजारीबाग से अवैध वेतन निकासी मामले की जांच कर रही सीआइडी सोमवार को रांची स्थित सीआइडी की विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल कर सकती है। यहां करीब 31 करोड़ रुपये की अवैध निकासी मामले का खुलासा हो चुका है।
हजारीबाग से अवैध वेतन निकासी मामले का मास्टरमाइंड शंभू कुमार सिंह है। हजारीबाग केस में कुल छह आरोपित जेल में बंद हैं, जिनके विरुद्ध चार्जशीट दाखिल होनी है।
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