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झारखंड अवैध वेतन निकासी घोटाला: मुख्य आरोपित तक नकदी में पहुंची कितनी राशि, डेटा खंगाल रही सीआईडी

Published: Mon, 01 Jun 2026 09:00 PM (IST)

झारखंड में जिलों के कोषागार से अवैध वेतन निकासी मामले की जांच कर रही सीआइडी अब मुख्य आरोपित तक नकदी ...और पढ़ें

झारखंड अवैध वेतन निकासी घोटाला: सीआईडी खंगाल रही मुख्य आरोपित तक पहुंची नकदी का डेटा। (फोटो: सांकेतिक)

झारखंड अवैध वेतन निकासी घोटाला: सीआईडी खंगाल रही मुख्य आरोपित तक पहुंची नकदी का डेटा। (फोटो: सांकेतिक)

HighLights

  1. सीआईडी अवैध वेतन निकासी में नकद लेनदेन जांच रही है।

  2. तीन जिलों से अब तक 14 आरोपितों को जेल भेजा गया है।

  3. उच्च स्तरीय समिति अब छह जिलों में जांच कर रही है।

राज्य ब्यूरो, रांची। जिलों के कोषागार से अवैध वेतन निकासी मामले की जांच कर रही सीआईडी अब नकदी में स्थानांतरित राशि का भी डेटा जुटा रही है।

अवैध वेतन निकासी मद में आनलाइन ट्रांसफर के सबूत तो सीआईडी को मिले हैं, लेकिन अपने बैंक खाते में राशि लेने वाले ने नकदी में राशि की निकासी कर मुख्य आरोपित को कितना लौटाया, यह जानकारी भी सीआईडी के अधिकारी जुटा रहे हैं, ताकि यह पता चल सके कि अवैध धन को किस माध्यम से चैनलाइज किया जा रहा था।

वित्त विभाग की अनुशंसा पर मुख्यमंत्री के आदेश के बाद सीआईडी तीन जिलों में दर्ज एफआइआर को टेकओवर करते हुए अपने यहां केस री-रजिस्टर्ड कर जांच में जुटी है। जिन जिलों में दर्ज केस की सीआइडी जांच कर रही है, उनमें बोकारो, हजारीबाग व पश्चिमी सिंहभूम चाईबासा है।

इन तीनों ही जिलों से जिला बल व सीआइडी की एसआईटी ने मिलकर अब तक 14 आरोपितों को जेल भेजा है। इनमें हजारीबाग से छह, बोकारो व चाईबासा से चार-चार आरोपित जेल भेजे जा चुके हैं।

एसआईटी ने कुछ से रिमांड पर भी पूछताछ की है। हाल के दिनों में जांच में जुटे पदाधिकारियों के स्थानांतरण-पदस्थापन के चलते अनुसंधान की प्रगति थोड़ी धीमी पड़ी है। केस के प्रभार का लेन-देन पूरा होते ही अनुसंधान फिर रेस पकड़ने की संभावना है।

हजारीबाग में केस के अनुसंधानकर्ता भी बदले

हजारीबाग में अवैध वेतन निकासी मामले में केस के अनुसंधानकर्ता बदल गए हैं। सीआईडी थाने में दर्ज इस केस के अनुसंधानकर्ता सीआईडी के थानेदार नवल किशोर प्रसाद थे।

वे इंस्पेक्टर से डीएसपी में प्रोन्नत होने के बाद पदस्थापन के इंतजार में थे। हाल ही में उनका स्थानांतरण हो गया, जिसके चलते सीआइडी के थानेदार भी बदल गए और केस के अनुसंधानकर्ता भी।

अब हजारीबाग में अवैध वेतन निकासी से संबंधित सीआईडी में दर्ज प्राथमिकी के अनुसंधानकर्ता हजारीबाग सीआईडी में नवपदस्थापित डीएसपी राजेश कुमार बनाए गए हैं। हालांकि, उन्होंने अभी केस का प्रभार नहीं लिया है। जल्द ही वे उक्त केस का प्रभार लेंगे।

डीएसपी बैंकटेश कुमार बने सीआईडी के थानेदार

डीएसपी बैंकटेश कुमार को सीआईडी थाना का नया थानेदार बनाया गया है। वे हाल ही में देवघर से स्थानांतरित होकर सीआइडी में योगदान दिए थे।

इनसे पहले सीआईडी थाना के थानेदार इंस्पेक्टर नवल किशोर प्रसाद थे और डीएसपी में प्रोन्नति के बाद पदस्थापन की प्रतीक्षा कर रहे थे। उनके स्थानांतरण के बाद सीआईडी थानेदार का पद रिक्त हो गया था, जिसपर डीएसपी बैंकटेश कुमार को बैठाया गया है।

उच्च स्तरीय जांच समिति अब छह जिलों से अवैध निकासी मामले की कर रही है जांच

उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के प्रधान सचिव डाॅ. अमिताभ कौशल के नेतृत्व वाली आठ सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच समिति के जिम्मे अब छह जिलों में अवैध वेतन निकासी मामले की जांच की जिम्मेदारी है।

पहले इस समिति को बोकारो व हजारीबाग जिले में अवैध निकासी के जांच का जिम्मा सौंपा गया था। अब राज्य सरकार ने समिति को रांची, रामगढ़, पश्चिमी सिंहभूम व देवघर जिले में भी अवैध वेतन निकासी मामले की जांच की जिम्मेदारी सौंपी है।

सभी जिलों में अवैध वेतन निकासी का तरीका एक सा है, अपराध की प्रकृति एक जैसी है, इसलिए समिति अब उन जिलों से जुड़े मामले की भी जांच कर अपनी रिपोर्ट देगी।

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