Updated: Wed, 14 Feb 2024 10:10 AM (IST)
लोकसभा चुनाव को लेकर लागू होने वाली आचार संहिता से पहले शिक्षकों को विभिन्न ग्रेडों में प्रोन्नति मिलेगी। प्रभारी शिक्षा सचिव उमा शंकर सिंह ने मंगलवार को विभिन्न शिक्षक संघों के साथ बैठक कर इसका आश्वासन दिया है। इस दौरान उन्होंने शिक्षकों की समस्याओं को जानने का भी प्रयास किया और तमाम विसंगतियों को भी दूर करने का आश्वासन दिया।
राज्य ब्यूरो, रांची। प्रभारी शिक्षा सचिव उमा शंकर सिंह ने लोकसभा चुनाव को लेकर लागू होने वाली आचार संहिता से पहले शिक्षकों को विभिन्न ग्रेडों में प्रोन्नति का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि इसे लेकर सख्त निर्देश जिला पदाधिकारियों को दिए जाएंगे। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के प्रभारी सचिव की जिम्मेदारी मिलने के बाद उन्होंने मंगलवार को विभिन्न शिक्षक संघों के साथ बैठक कर उनकी समस्याओं को जानने का प्रयास किया।
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शिक्षकों के एमएसीपी की मांग पर कही यह बात
उन्होंने सारी समस्याओं को दूर करने आश्वासन देते हुए संघों से स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा में सहयोग की अपील भी की। प्रभारी शिक्षा सचिव ने कहा कि शिक्षकों की समस्याओं का निदान हुए बिना स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की उम्मीद नहीं की जा सकती।
उन्होंने शिक्षकों द्वारा एमएसीपी (मॉडिफाइड एश्योर्ड करियर प्रोग्रेसन) की मांग पर कहा कि इसे लेकर विभाग स्तर से प्रस्ताव बढ़ाया जाएगा। नीतिगत मामला होने के कारण इस पर सरकार ही निर्णय ले सकती है।
छठे वेतनमान की विसंगति होगी दूर
उन्होंने प्राथमिक शिक्षकों के छठे वेतनमान की विसंगति के मामले को भी देखने का आश्वासन दिया। प्राथमिक शिक्षकों के अंतर जिला स्थानांतरण में पोर्टल में डाटा में त्रुटि होने को स्वीकार करते हुए कहा कि इसे दूर किया जा रहा है।
बैठक में विभाग में बढ़ रहे कोर्ट केस पर सचिव ने चिंता जताते हुए कहा कि एक विषय पर कोर्ट का आदेश है, तो वह सभी सदृश शिक्षकों पर लागू होगा। इस अवसर पर एमएसीपी संघर्ष मोर्चा की ओर से प्रभारी सचिव को धर्म के यथार्थ पुस्तक भेंट स्वरुप प्रदान किया गया।
इन विषयों पर भी हुई बात
मोर्चा ने गृह जिला स्थानांतरण, राज्य के माध्यमिक विद्यालयों में उर्दू शिक्षकों को पदस्थापित करने, मध्याह्न भोजन योजना में विभागीय अनियमितता, शिक्षकों की सेवानिवृत्ति उम्र 60 वर्ष से 62 वर्ष किए जाने, शिक्षकों की बायोमेट्रिक उपस्थिति में निजी मोबाइल का उपयोग की बाध्यता समाप्त करते हुए आधार बेस्ड बायोमेट्रिक नियमावली, 2015 के अनुरूप राज्य के विद्यालयों में गुणवत्तायुक्त डिवाइस एवं स्कैनर उपलब्ध कराते हुए उपस्थिति दर्ज करने की व्यवस्था लागू करने की मांग की।
साथ ही उत्क्रमित उच्च विद्यालयों के शिक्षकों के लंबित वेतन भुगतान करने की मांग की गई। बैठक में विभिन्न शिक्षक संघों के प्रतिनिधि के रूप में गंगा यादव, अमरनाथ झा, राममूर्ति ठाकुर, अनूप केसरी, नसीम अहमद, राजेंद्र शुक्ला, अमीन अहमद, विजय बहादुर सिंह, अरुण कुमार दास आदि उपस्थित थे।
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