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झारखंड में छात्र आंदोलन ले सकता है बड़ा रूप! प्रदेश में जगह-जगह टकराव से बाधित होगी विधि-व्यवस्था; प्रशासन अलर्ट

Published: Sat, 22 Aug 2026 07:30 PM (IST)

झारखंड में छात्र आंदोलन राजनीतिक दखलअंदाजी के कारण बड़ा रूप ले रहा है, जिससे राज्य भर में टकराव और कानून-व्यवस्था ...और पढ़ें

छात्र आंदोलन बन रहा राजनीति का अखाड़ा।

छात्र आंदोलन बन रहा राजनीति का अखाड़ा।

HighLights

  1. छात्र आंदोलन से झारखंड में विधि-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका।

  2. रांची, गिरिडीह, हजारीबाग में छात्रों पर हुए हमलों से रोष।

  3. पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।

राज्य ब्यूरो, रांची। राज्य में छात्र आंदोलन बड़ा रूप ले सकता है। प्रदेश में जहां-तहां टकराव से विधि व्यवस्था बाधित हो सकती है। राजनीतिक पार्टियों की दखलअंदाजी से छात्र आंदोलन राजनीति का अखाड़ा बनता जा रहा है। इस तरह की स्थितियों से निपटने के लिए झारखंड पुलिस तैयार है।

पूरे राज्य में राज्य सरकार की खुफिया एजेंसी भी सक्रिय है और संबंधित जिलों के पुलिस-पदाधिकारी व कर्मी भी तैयार हैं। शुक्रवार को रांची, गिरिडीह व हजारीबाग में सरकार का विरोध कर रहे व पुतला दहन कार्यक्रम कर रहे छात्रों पर दूसरे दलों के कार्यकर्ताओं के माध्यम से हमला किए जाने के मामले को भी सरकार व पुलिस ने गंभीरता से लिया है।

कुछ विधायकों ने इस हमले का विरोध किया है और सरकार को अपने निर्णय पर पुनर्विचार का सुझाव दिया है तो कई विधायक छात्रों से संयम बरतने व हाई कोर्ट के अंतिम आदेश का इंतजार करने का सुझाव दे रहे हैं।

शुक्रवार को उपरोक्त तीनों जिलों में पुतला दहन कार्यक्रम के दौरान छात्रों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटने का मामला सामने आ चुका है। इससे अन्य छात्र संगठनों में भी रोष है।

इसको ध्यान में रखकर ही सभी जिलों को सतर्क किया गया है, ताकि भविष्य में किसी तरह की कोई अनहोनी न हो। जिलों के एसपी सतर्क हैं। विधि व्यवस्था ड्यूटी में जिला बल के अलावा रैप, जैप व आइआरबी के जवानों को भी तैनात कर दिया गया है।

पुलिस मुख्यालय ने जिलों को किया सतर्क

पुलिस मुख्यालय ने रांची, जमशेदपुर व धनबाद के एसएसपी तथा अन्य सभी जिलों के एसपी से पत्राचार कर विशेष सतर्कता बरतने संबंधित निर्देश जारी किया है। निर्देश में बताया गया है कि 21 अगस्त को प्रेस क्लब में जेपीएससी जेएसएससी रिफार्म मार्च के रविंद्र पासवान, पीयूष कुमार व कुणाल प्रताप सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस कर सरकार का विरोध किया है।

छात्रों का आरोप है कि सरकार ने आंदोलन कर रहे छात्रों के साथ धोखा किया है। जिस तरह से उच्च न्यायालय में सरकार के वकील जेपीएससी 11वीं एवं 13वीं परीक्षा एवं फूड सेफ्टी अफिसर परीक्षा रद करने के मामले में एक शब्द भी नहीं कहा, इससे स्पष्ट है कि सरकार की मंशा क्या है। सुनवाई में न तो महाधिवक्ता मौजूद थे, न ही कोई सीनियर अधिवक्ता मौजूद थे। यह स्पष्ट सरकार के मंशा को दर्शाता है।

सरकार ने छात्रों से दो महीने का वक्त मांगा था, जिसे छात्रों ने सरकार को दिया, लेकिन सरकार ने छात्रों को धोखा दिया। इस प्रेस कांफ्रेंस में छात्रों ने सरकार का पुतला दहन करने का निर्णय लिया था। पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि वे उक्त संदर्भ में कड़ी निगरानी रखते हुए आवश्यक व सुरक्षात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करें।

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