JPSC-JSSC विवाद में सियासी घमासान! छात्रों के प्रदर्शन को लेकर BJP-JMM आमने-सामने, WhatsApp मैसेज ने बढ़ाया बवाल
जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा रद करने पर हाईकोर्ट की रोक के विरोध में रांची के अल्बर्ट एक्का चौक पर छात्रों और पुलिस ...और पढ़ें
HighLights
छात्रों ने हाईकोर्ट के फैसले के विरोध में पुतला दहन किया।
पुलिस ने बल प्रयोग किया, जिसमें दो छात्र घायल हो गए।
जागरण संवाददाता, रांची। झारखंड में JPSC और JSSC-CGL परीक्षाओं को रद करने के राज्य सरकार के फैसले पर हाईकोर्ट की रोक के बाद छात्रों के आंदोलन ने अब सियासी रंग ले लिया है। रांची में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुए हंगामे और कथित झड़प को लेकर भाजपा और झामुमो आमने-सामने आ गए हैं।
भाजपा नेताओं ने जहां सत्तारूढ़ झामुमो पर छात्रों के आंदोलन को दबाने का आरोप लगाया है, वहीं झामुमो ने पूरे आंदोलन के पीछे भाजपा और कुछ कोचिंग संचालकों की भूमिका होने का दावा किया है।
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने प्रदर्शन के दौरान छात्राओं के साथ कथित अभद्रता को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता के संरक्षण में छात्रों के साथ ऐसा व्यवहार किया गया और सरकार को इसकी राजनीतिक कीमत चुकानी पड़ेगी।

WhatsApp मैसेज को लेकर बाबूलाल ने उठाए सवाल
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मामले को लेकर एक कथित WhatsApp ग्रुप के संदेश का हवाला देते हुए प्रदर्शन के दौरान भीड़ जुटाने की तैयारी का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि संदेश में लोगों को पार्टी कार्यालय पहुंचने के लिए 'इमरजेंसी कॉल' दिया गया था।
बाबूलाल मरांडी ने सवाल उठाया कि आखिर पार्टी कार्यालय से ऐसा संदेश क्यों जारी किया गया, किसके निर्देश पर लोगों को बुलाया गया और क्या इस भीड़ का इस्तेमाल छात्रों के प्रदर्शन के खिलाफ किया गया।
झारखंड के छात्रों पर हमला अचानक नहीं था, बल्कि इसके पीछे पहले से तैयारी थी?
— Babulal Marandi (@yourBabulal) August 22, 2026
अब सामने आए इस WhatsApp ग्रुप के मैसेज ने झामुमो के गुंडों की पोल खोल दी है। मैसेज में साफ लिखा है कि '04 बजे पार्टी कार्यालय गिरिडीह पहुँचें। संगठन का इमरजेंसी कॉल है।' इसके बाद JMM से जुड़े लोगों का… pic.twitter.com/EjinGwINeo
उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। हालांकि, कथित WhatsApp संदेश और उसके आधार पर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
रघुवर दास ने छात्राओं से कथित अभद्रता पर सरकार को घेरा
पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने रांची में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान छात्राओं के साथ कथित अभद्रता को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से आरोप लगाया कि झामुमो से जुड़े लोगों ने छात्राओं के साथ अभद्रता की सारी सीमाएं लांघ दीं। उन्होंने कहा कि सत्ता के मद में सरकार को छात्रों की आवाज और उनके सम्मान का ख्याल नहीं रह गया है।
हेमंत सरकार द्वारा मंईयां सम्मान का घिनौने रूप!
— Raghubar Das (@dasraghubar) August 21, 2026
झामुमो के गुंडों ने छात्राओं के साथ अभद्रता की सारी सीमाएं लांघ दी है। सत्ता के मद में मस्त हेमंत सरकार को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।@BJP4India @BJP4Jharkhand pic.twitter.com/AZNWAArxH2
रघुवर दास ने इस घटना को लेकर हेमंत सरकार को घेरते हुए कहा कि छात्रों के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार की जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने संकेत दिया कि इस तरह की घटनाओं का राजनीतिक असर भी देखने को मिलेगा। वहीं, दूसरी ओर झामुमो ने भाजपा पर छात्र आंदोलन को राजनीतिक दिशा देने और छात्रों को गुमराह करने का आरोप लगाया है।
JMM का पलटवार, BJP पर छात्रों को गुमराह करने का आरोप
भाजपा के आरोपों पर जेएमएम प्रवक्ता मनोज पांडेय ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन में वास्तविक छात्रों की संख्या कम थी और छात्र संगठनों, कोचिंग संचालकों तथा भाजपा से जुड़े लोगों की मौजूदगी अधिक थी। उनका आरोप है कि छात्रों को गुमराह कर आंदोलन को राजनीतिक रूप दिया जा रहा है।
#WATCH | Ranchi, Jharkhand. On the last night's protest, JMM leader Manoj Pandey said, "There were very few students in it. It was mostly leaders from the students' council, people from coaching operators, and BJP people. They are misleading the students. You tell me, in the… https://t.co/pYyExmyev0 pic.twitter.com/6FYcf0e7I6
— ANI (@ANI) August 22, 2026
मनोज पांडेय ने कहा कि परीक्षा विवाद का मामला हाईकोर्ट में है और सरकार छात्रों के साथ है। उन्होंने सवाल किया कि हाईकोर्ट के आदेश के आधार पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को दोषी कैसे ठहराया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि परीक्षा विवाद में सरकार ने कार्रवाई की है और छात्रों को न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा रखना चाहिए।
क्या था पूरा मामला?
जेपीएससी और जेएसएससी-सीजीएल परीक्षाओं के रद किए जाने के फैसले पर हाईकोर्ट की रोक के विरोध में शुक्रवार शाम राज्य सरकार का पुतला दहन करने निकले अभ्यर्थियों और कुछ युवक के बीच विवाद के बाद अल्बर्ट एक्का चौक से लेकर वेंडर मार्केट तक हंगामा होता रहा। पूरा क्षेत्र करीब पांच घंटे तक हंगामेदार रहा। इस बीच यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई।

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि जुलूस के दौरान एक युवक ने पुतला छीन लिया। विरोध करने पर उसने एक छात्रा के साथ धक्का-मुक्की की और एक छात्रा को थप्पड़ मार दिया। घटना के बाद आक्रोशित अभ्यर्थियों ने युवक को पकड़ा और धुनाई कर दी। इसके बाद फिर पुतला दहन करने के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच भी बहस शुरू हुई और शहीद चौक से वेंडर मार्केट के बीच पुलिस के साथ झड़प हुई।
इस दौरान पुलिस बलप्रयोग किया जिसमें दो छात्र घायल हुए, इसमें रविंद्र पासवान और कुणाल शामिल है, इन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में भी छात्रों ने हंगामा करने का प्रयास किया जिसे पुलिस ने शांत करवाया और सभी को अस्पताल से खदेड़ा।
मोरहाबादी से जुलूस लेकर निकले थे अभ्यर्थी
जेपीएससी-जेएसएससी रिफार्म मंच के बैनर तले सैकड़ों अभ्यर्थी मोरहाबादी से पुतला दहन करने के लिए जुलूस लेकर चडरी तालाब होकर अल्बर्ट एक्का चौक की ओर जा रहे थे।
अभ्यर्थियों के अनुसार, रांची विश्वविद्यालय के पास भीड़ में एक युवक घुसा और पुतला छीनने का प्रयास करने लगा। महिला अभ्यर्थियों ने इसका विरोध किया और छात्रों से भीड़ गए। इसके बाद अभ्यर्थी अल्बर्ट एक्का चौक पर पहुंचकर सड़क पर बैठ गए और नारेबाजी करने लगे।

इससे मुख्य मार्ग पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। छात्रों ने आरोप लगाया कि पुतला छीनने व छात्रा को मारने वाले जेएमएम के कार्यकर्ता थे। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो सकी।
शहीद चौक पर किया पुतला दहन
इस घटना के बाद अभ्यर्थियों ने शहीद चौक पर पुतला दहन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। लेकिन तभी पुलिस ने रोका और बल प्रयोग करते हुए वेंडर मार्केट की ओर खदेड़ने लगी।
जेपीएससी-जेएसएससी रिफार्म मंच के छात्र नेताओं रवींद्र और कुणाल ने घटना का वीडियो फुटेज दिखाते हुए आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण आंदोलन को बदनाम करने के लिए जानबूझकर माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया गया। छात्रों ने पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
मालूम हो कि जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा विवाद को लेकर छात्रों का आंदोलन एक बार फिर तेज हो गया है। आंदोलन के दौरान राज्य सरकार ने कई विवादित परीक्षाओं को रद करने की घोषणा की थी। इसके खिलाफ प्रभावित अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट का रुख किया था।
हाईकोर्ट की ओर से सरकार के फैसले पर रोक लगा दी है। शुक्रवार की घटना के बाद छात्रों ने स्पष्ट किया कि परीक्षा विवाद और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर उनका आंदोलन जारी रहेगा।

छात्र आंदोलन अब बना सियासी मुद्दा
JPSC-JSSC परीक्षा विवाद को लेकर छात्रों की नाराजगी के बीच शुक्रवार को रांची में हुए घटनाक्रम ने राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है। भाजपा जहां प्रदर्शनकारियों पर कथित कार्रवाई और भीड़ जुटाने के आरोपों को लेकर सरकार को घेर रही है, वहीं JMM इसे भाजपा की राजनीतिक रणनीति बता रहा है।
