मरीन ड्राइव हादसे में मंत्री की बेटी की मौत के बाद परिहवन मंत्रालय सख्त, झारखंड में सड़क पर पार्किंग की तो खैर नहीं
जमशेदपुर के मरीन ड्राइव में हुए सड़क हादसे में मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की बेटी समेत चार लोगों की मौत ...और पढ़ें

दीपिका पांडेय सिंह की बेटी तृषा सिंह समेत चार की मौत के बाद राज्यभर में अभियान की तैयारी।
HighLights
जमशेदपुर मरीन ड्राइव हादसे में चार लोगों की मौत हुई।
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की बेटी तृषा सिंह भी शामिल थीं।
परिवहन मंत्री ने अवैध सड़क पार्किंग पर कार्रवाई के निर्देश दिए।
जागरण संवाददाता, चाईबासा। जमशेदपुर के मरीन ड्राइव में सड़क किनारे खड़े ट्रक से कार की टक्कर में ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की बेटी तृषा सिंह समेत चार लोगों की मौत की घटना के बाद परिवहन विभाग ने सड़क पर वाहनों की पार्किंग को लेकर सख्ती शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
परिवहन मंत्री दीपक बिरुवा ने रविवार को सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से राज्यवासियों से मुख्य सड़क और सहायक सड़कों पर वाहन पार्क नहीं करने की अपील की है। मंत्री ने सभी जिलों के उपायुक्तों से इस अभियान में जिला परिवहन पदाधिकारी (डीटीओ) और मोटर वाहन निरीक्षक (एमवीआइ) की सेवाएं लेने को कहा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि आज से सड़क पर वाहन पार्क करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। दीपक बिरुवा ने कहा कि मुख्य और सहायक सड़कों पर वाहनों की पार्किंग से आवागमन बाधित होता है तथा दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है। उन्होंने गैराज और वाशिंग सेंटर संचालकों के साथ युवाओं से भी सड़क का इस्तेमाल पार्किंग के रूप में नहीं करने की अपील की।
मरीन ड्राइव हादसे में चार की गई थी जान
जमशेदपुर के मरीन ड्राइव में 24 सितंबर की तड़के सड़क किनारे खड़े ट्रक से एक कार की टक्कर हो गई थी। हादसे में कार सवार चार लोगों की मौत हुई थी। मृतकों में ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की बेटी तृषा सिंह भी शामिल थीं। घटना के बाद सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों और यातायात सुरक्षा को लेकर सवाल उठे थे।
इसी पृष्ठभूमि में परिवहन मंत्री की ओर से राज्यभर में सड़क किनारे अनधिकृत पार्किंग के खिलाफ कार्रवाई का संदेश दिया गया है। उपायुक्तों को स्थानीय स्तर पर अभियान चलाकर डीटीओ और एमवीआइ के माध्यम से कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।
मंत्री ने राज्यवासियों से अपील की है कि सड़क को आवागमन के लिए खुला रखें और वाहन निर्धारित पार्किंग स्थल पर ही खड़ा करें, ताकि यातायात बाधित होने तथा दुर्घटनाओं की आशंका को कम किया जा सके।
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