Jamshedpur Road Accidents: मरीन ड्राइव हादसे के बाद भी नहीं जागे जिम्मेदार; ये 7 ब्लैक स्पॉट, सड़कों पर खड़े यमदूत
Jamshedpur Road Accidents Black Spots जमशेदपुर की सड़कों पर भारी वाहनों की खतरनाक पार्किंग से लगातार हादसे हो रहे हैं, ...और पढ़ें

कार्रवाई के दावे हवा-हवाई : सोनारी मरीन ड्राइव पर चार होनहारों की जान जाने के बाद भी बेपरवाह दिखा तंत्र।
HighLights
सोनारी मरीन ड्राइव हादसे के बाद भी अवैध पार्किंग जारी।
जमशेदपुर की व्यस्त सड़कों पर सैकड़ों ट्रक-ट्रेलर आधी सड़क घेरते।
प्रशासन-पुलिस की निष्क्रियता से सड़क सुरक्षा पर गंभीर खतरा।
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। सोनारी मरीन ड्राइव पर गुरुवार तड़के खड़े ट्रक से टकराकर कार सवार चार युवाओं की दर्दनाक मौत ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। इस रूह कंपा देने वाले हादसे के बावजूद जिला प्रशासन और यातायात पुलिस कुंभकर्णी नींद में हैं।
सड़क सुरक्षा की हर माह बैठकें कर खानापूरी करने वाले जिम्मेदार अफसर अब भी आंखें मूंदे बैठे हैं। ''दैनिक जागरण'' की पड़ताल में मरीन ड्राइव समेत शहर की लाइफलाइन मानी जाने वाली सड़कों पर शुक्रवार को भी दर्जनों भारी वाहन मौत बनकर खड़े मिले।
कायदे-कानून ताक पर हैं, ट्रैफिक पुलिस के दावे हवा में तैर रहे हैं और सड़कों पर यमदूत बनकर खड़े ये वाहन किसी नए हादसे का इंतजार कर रहे हैं।
सफेद पट्टी का फरमान कागजी, अफसरों का खौफ शून्य
सोनारी मरीन ड्राइव पर जिस ट्रक ने चार परिवारों के चिराग बुझा दिए, वह बिना किसी रिफ्लेक्टर या चेतावनी संकेतक के सड़क पर ही लावारिस छोड़ दिया गया था। हादसे के ठीक बाद यातायात डीएसपी नीरज ने सख्त लहजे में घोषणा की थी कि सड़क की सफेद पट्टी (शोल्डर लाइन) के बाहर या मुख्य कैरिज-वे पर खड़े वाहनों को तत्काल जब्त कर भारी जुर्माना ठोका जाएगा।
यह दावा महज बयानबाजी साबित हुआ। पड़ताल के दौरान मरीन ड्राइव से लेकर टेल्को और बर्मामाइंस तक ट्रेलर और हाइवा सड़क पर ऐसे खड़े रहे, मानो वह कोई निजी पार्किंग यार्ड हो। सवाल उठता है कि जब कायदे स्पष्ट हैं, तो आखिर किसकी शह पर भारी वाहन चालकों को सड़क पर जानलेवा कब्जा करने की छूट मिली हुई है?
शहर के ये सात प्रमुख ब्लैक स्पाट जहां मंडराता है साक्षात काल
1. भुइयांडीह गोलचक्कर
मानगो, साकची और सिदगोड़ा को जोड़ने वाला यह गोलचक्कर भीषण ट्रैफिक दबाव से जूझता है। चारों दिशाओं से आने वाले भारी वाहनों की बेकाबू रफ्तार और अंधाधुंध अवैध पार्किंग दृश्यता पूरी तरह बाधित कर देती है। जेब्रा क्रॉसिंग व उचित संकेतक के अभाव में यहां रोजाना छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं आम हो चुकी हैं। गोलचक्कर के मोड़ पर अचानक सामने आने वाले भारी वाहन दोपहिया चालकों के लिए जानलेवा साबित होते हैं।
2. लिट्टी चौक
टेल्को और एनएच को जोड़ने वाला लिट्टी चौक सड़क सुरक्षा के लिहाज से बेहद खतरनाक बन चुका है। यहां सड़क किनारे कतारबद्ध खड़े किए जाने वाले हाइवा और ट्रेलर मुख्य मार्ग की चौड़ाई आधी कर देते हैं। रात के समय अंधेरे में खड़े ट्रकों के कारण मोड़ पर तेज रफ्तार गाड़ियां अनियंत्रित होकर टकरा जाती हैं। स्थानीय पुलिस की ढिलाई के कारण यहां अवैध ठहराव पर रोक नहीं लग पा रही।
3. एग्रिको गोलचक्कर
एग्रिको गोलचक्कर शहर का सबसे खूनी ब्लैक स्पॉट बन चुका है। विभागीय व स्थानीय आंकड़ों के अनुसार इस खतरनाक सड़क खंड पर अब तक 17 से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। भारी मालवाहक वाहनों के बेलगाम आवागमन, सिग्नल प्रणाली के उल्लंघन और सड़क मोड़ पर खड़े वाहनों के कारण यह जंक्शन दुर्घटनाओं का स्थायी केंद्र बन चुका है। यहां तत्काल सख्त निगरानी की जरूरत है।
4. गोलमुरी गोलचक्कर
गोलमुरी गोलचक्कर बाजार और रिहायशी आबादी के बीच भारी वाहनों के दबाव का मुख्य केंद्र है। टिनप्लेट व बर्मामाइंस से आने वाले भारी वाहनों के तीव्र गति से मुड़ने के दौरान पैदल यात्रियों और बाइक सवारों के कुचले जाने का खतरा हमेशा बना रहता है। गोलचक्कर के समीप दुकानों के सामने अवैध लोडिंग-अनलोडिंग के कारण सड़क पर निरंतर जाम और जानलेवा भ्रम की स्थिति बनी रहती है।
5. बर्मामाइंस सुनसुनिया गेट
टाटा स्टील और संबंधित प्लांटों से जुड़े सुनसुनिया गेट के समीप चौबीसों घंटे ट्रकों और ट्रेलरों का अनियंत्रित जमावड़ा लगा रहता है। भारी वाहन चालकों द्वारा गेट के बाहर आधी सड़क घेरकर गाड़ियां खड़ी कर दी जाती हैं। औद्योगिक धुएं, धूल और रोशनी की कमी के बीच यह क्षेत्र अंधेरा होते ही राहगीरों के लिए मौत का कुआं साबित होने लगता है।
6. जेम्को-गोविंदपुर रोड
भारी उद्योगों को जोड़ने वाला यह संकरा मार्ग अनधिकृत पार्किंग का सबसे बड़ा शिकार है। सड़क के दोनों किनारों पर लोहे के कलपुर्जे लदे बड़े ट्रेलर बेतरतीब खड़े रहते हैं। गति सीमा का निर्धारण न होने और लगातार उड़ती धूल के कारण आगे का रास्ता साफ दिखाई नहीं देता। कई दोपहिया वाहन खड़े वाहनों के पिछले हिस्से में टकराकर गंभीर हादसों का शिकार हो चुके हैं।
7. बर्मामाइंस गोलचक्कर
स्टेशन, जुगसलाई और साकची को जोड़ने वाला बर्मामाइंस गोलचक्कर भारी यातायात प्रबंधन की विफलता का प्रतीक है। यहां ट्रेलर और हाइवा बिना किसी डर के गोलचक्कर के आसपास ही पार्क कर दिए जाते हैं। तीखे मोड़ पर खड़े इन विशालकाय वाहनों के कारण ब्लाइंड स्पॉट बन जाता है, जिससे गति में आ रहे छोटे वाहन सीधे इनकी चपेट में आ जाते हैं।
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