यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 13, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Jharkhand Politics: विधानसभा सत्र से पहले विधायकों संग रणनीति बनाएंगे CM हेमंत, ED के समन समेत इन मुद्दों हो सकती है चर्चा
Jharkhand Politics मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शुक्रवार को सत्तारूढ़ गठबंधन के विधायकों की अहम बैठक बुलाई है। बैठक में विधानसभा ...और पढ़ें

HighLights
- हेमंत सोरेन ने सत्तारूढ़ गठबंधन के विधायकों की अहम बैठक बुलाई।
- ईडी की कार्रवाई समेत अन्य राजनीतिक मुद्दों पर होगा विमर्श।
राज्य ब्यूरो, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शुक्रवार को सत्तारूढ़ गठबंधन के विधायकों की अहम बैठक बुलाई है। बैठक में विधानसभा के शीतकालीन सत्र समेत ईडी की कार्रवाई समेत अन्य राजनीतिक मुद्दों पर विमर्श होगा।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पूछताछ के लिए ईडी छह समन भेज चुकी है। पिछला समन उन्हें मंगलवार को ईडी के क्षेत्रीय कार्यालय में उपस्थित होने के लिए प्रेषित किया गया था।
उन्होंने ईडी से पूछा है कि उन्हें किस वजह से पूछताछ के लिए बुलाया गया है ? इसके बाद ईडी के अगले रुख पर सभी की नजरें टिकी है। ईडी ने विकल्पों पर विमर्श करना शुरू कर दिया है।
ईडी का अगला कदम क्या होगा ?
ईडी के सूत्रों के मुताबिक, अब कोर्ट के जरिए मुख्यमंत्री को उपस्थित लिए दबाव बनाया जा सकता है। हालांकि समन की कोई सीमा नहीं है। केंद्रीय एजेंसी के अधिकारी इसके लिए विधि विशेषज्ञों से मशविरा कर रहे हैं। जल्द ही किसी नतीजे पर पहुंचने के बाद ईडी अगला कदम उठाएगी।
ईडी के अधिकारियों ने पूरी वस्तुस्थिति से मुख्यालय को भी अवगत करा दिया है। मुख्यालय से निर्देश आने के बाद ईडी के अधिकारी आगे की कार्रवाई करेंगे।
गठबंधन विधायकों के साथ बैठक करेंगे CM
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के सरकारी आवास पर सत्तारूढ़ गठबंधन के विधायकों की अहम बैठक शाम चार बजे आरंभ होगी। इसमें झारखंड मुक्ति मोर्चा, कांग्रेस, राजद समेत सरकार को समर्थन दे रहे अन्य विधायक शामिल होंगे।
बैठक बुलाने की वजह विधानसभा का शीतकालीन सत्र बताया जा रहा है, लेकिन इसी बहाने विधायकों को एकजुट रखने की रणनीति पर भी चर्चा होगी। इसकी वजह राजभवन का रुख है।
निर्वाचन आयोग के लिफाफे का जिक्र कर राज्यपाल ने बढ़ाई सरगर्मी
उल्लेखनीय है कि हाल ही में राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने निर्वाचन आयोग के उस पुराने लिफाफे का उल्लेख कर सरगर्मी बढ़ाई है, जिसमें हेमंत सोरेन के पत्थर खनन लीज प्रकरण को लेकर निर्देश का जिक्र है।
राज्यपाल ने कहा था कि जिन्होंने गलत किया है, उन्हें सजा मिलेगी। हालांकि सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा ने लिफाफे को महज शिगूफा बताया है लेकिन राज्यपाल के बयान के मायने निकाले जा रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि जब निर्वाचन आयोग ने पत्राचार किया था, तो खूब आपाधापी मची थी। यही वजह है कि सत्तारूढ़ दल के विधायकों को एकजुट रखने को लेकर अभी सतर्कता बरती जा रही है। निर्देश दिया गया है कि अनिवार्य तौर पर सभी विधायक मुख्यमंत्री आवास में प्रस्तावित बैठक में उपस्थित रहें।
कल से आरंभ होगा विधानसभा का शीतकालीन सत्र
झारखंड विधानसभा का शीतकालीन सत्र शुक्रवार से आरंभ होगा। सत्र 21 दिसंबर तक चलेगा। संभावना जताई जा रही है कि सरकार सत्र के दौरान स्थानीयता के निर्धारण के लिए 1932 के खतियान की बाध्यता संबंधी संशोधित विधेयक पेश कर सकती है। राज्यपाल ने इसे पुनर्विचार के लिए सरकार को वापस किया था।
राजभवन ने चतुर्थ वर्गीय पदों पर स्थानीय लोगों की बहाली की अनिवार्यता पर हामी भरी है। झारखंड मुक्ति मोर्चा आरंभ से खतियान को स्थानीयता का आधार बनाने का पक्षधर है। शुक्रवार को ही शाम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंत्रिपरिषद की बैठक भी बुलाई है।
