Jharkhand: थम गया डुमरी उपचुनाव का चुनावी शोर, JMM की बेबी देवी समेत 6 प्रत्याशियों के भाग्य का होना है फैसला
झारखंड के बहुप्रतीक्षित डुमरी उपचुनाव का चुनावी शोरगुल आखिरकार थम गया है। अंतिम दिन I.N.D.I.A.और NDA दोनों के नेताओं ने चुनाव प्रचार में पूरा जोर लगाया। चुवा प्रचार के अंतिम दिन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन झामुमो प्रत्याशी के समर्थन में रोडशो किया। वहीं वहीं सुदेश महतो ने पदयात्रा पर जोर दिया। उपचुनाव में झामुमो प्रत्याशी बेबी देवी आजसू प्रत्याशी यशोदा देवी सहित कुल छह प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला होना है।

राज्य ब्यूरो, रांची: डुमरी उपचुनाव में रविवार को शाम पांच बजे से चुनावी शोर थम गया। इसी के साथ अब वहां डोर टू डोर प्रचार होगा।
अंतिम दिन आईएनडीआई और एनडीए दोनों के नेताओं ने चुनाव प्रचार में पूरा जोर लगाया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रोड शो किया, जिसमें राज्य सरकार के कई मंत्री भी शामिल हुए। वहीं, सुदेश महतो ने पदयात्रा पर जोर दिया।
डुमरी विधानसभा क्षेत्र में मंगलवार को सुबह सात बजे से शाम पांच बजे तक मतदान होगा। मतदान में ईवीएम मशीन तथा वीवीपैट (वोटर वेरिफायबल पेपर ऑडिट ट्रायल) का इस्तेमाल होगा।
6 प्रत्याशियों के भाग्य का होगा फैसला
निर्वाचन आयोग ने सभी मतदान केंद्रों की वेबकॉस्टिंग करने का निर्णय लिया है, जिसके तहत वहां की ऑनलाइन गतिविधियां आयोग स्तर पर देखी जा सकेंगी।
उपचुनाव में झामुमो प्रत्याशी बेबी देवी, आजसू प्रत्याशी यशोदा देवी सहित कुल छह प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला होना है।
कैसी है चुनाव आयोग की तैयारी
मतदान के लिए कुल 373 बूथ बना गए हैं। इनमें डुमरी प्रखंड में 199, नावाडीह में 129 तथा चंद्रपुरा में 45 बूथ सम्मिलित हैं।
मतगणना आठ सितंबर को गिरिडीह के पचंभा स्थित कृषि उत्पाद विपणन समिति में सुबह आठ बजे से होगी। उक्त तिथि को 16 काउंटिंग टेबल पर कुल 24 राउंड की मतगणना होगी।
टेट सफल सहायक अध्यापक संघ ने राजभवन के समक्ष अनशन पर बैठे पारा शिक्षकों का किया समर्थन
राज्य ब्यूरो, रांची: सहायक आचार्य के वेतनमान में सुधार और टेट उत्तीर्ण पारा शिक्षकों को सीधे सहायक आचार्य के पदों पर समायोजित करने की मांग को लेकर टेट उत्तीर्ण पारा शिक्षक भी पांच सितंबर को शिक्षक दिवस के अवसर पर आंदोलन करेंगे।
टेट सफल सहायक अध्यापक संघ ने पहले से राजभवन के समक्ष अनशन पर बैठे पारा शिक्षकों का समर्थन करने का निर्णय लिया है।
संघ के अनुसार, अल्पसंख्यक विद्यालयों में बिना टेट उत्तीर्ण शिक्षकों को 4200 -4600 का वेतनमान दिया जा रहा है। दूसरी तरफ पारा शिक्षक कई वर्ष से काम करते हुए टेट उत्तीर्ण हैं। उन्हें सरकार समायोजित भी नहीं कर रही है। साथ ही सहायक आचार्य नियुक्त होने पर 2400-2800 का ही वेतनमान देने जा रही है।
संघ ने शीघ्र सहायक आचार्य नियुक्ति नियमावली संशोधन करते हुए 4200-4600 वेतनमान देने तथा टेट उत्तीर्ण पारा शिक्षकों को समायोजित करने की मांग की।
इधर, झारखंड वित्त रहित शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने वित्त रहित शिक्षा नीति समाप्त करने तथा अनुदान की राशि बढ़ाने की मांग को लेकर पांच सितंबर को राजभवन के समक्ष धरना देने का निर्णय लिया है। इसमें वित्त रहित कालेजों, माध्यमिक विद्यालयों, संस्कृत विद्यालयों तथा मदरसों के शिक्षक तथा कर्मी सम्मिलित होंगे।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।