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    Jharkhand Petrol Subsidy: पेट्रोल की कीमतों में लगी आग, झारखंड में फिर भी सरकारी सब्सिडी लेने वालों का टोटा

    By M EkhlaqueEdited By:
    Updated: Fri, 15 Apr 2022 05:00 AM (IST)

    Jharkhand Petrol Subsidy पेट्रोल सब्सिडी की सुविधा का लाभ लेने वालों की संख्या में आई भारी गिरावट। जनवरी में 1.15 लाख लोगों ने लिया लाभ मार्च में संख्या घटकर हो गई 23 हजार। राज्य सरकार दोपहिया वाहन रखने वाले राशनकार्डधारियों को दे रही 25 रुपये प्रति लीटर की सब्सिडी।

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    Jharkhand Petrol Subsidy: पेट्रोल की कीमतों में लगी आग, झारखंड में फिर भी सरकारी सब्सिडी लेने वालों का टोटा

    रांची, आनंद मिश्र। Jharkhand Petrol Subsidy अंतरराष्ट्रीय कारणों से पेट्रोल की कीमतों में आग लगी है। इस मार से कमजोर वर्ग को बचाने के लिए झारखंड सरकार पेट्रोल पर 25 रुपये प्रति लीटर की सब्सिडी दे रही है, लेकिन आश्चर्य है कि इस सब्सिडी को लेने वालों की संख्या झारखंड में पेट्रोल की कीमत बढऩे के साथ ही घटती जा रही है। जनवरी में राज्य में पेट्रोल सब्सिडी लेने वालों की संख्या 1.15 लाख थी जो मार्च आते-आते तक घटकर महज 23,705 रह गई है। पेट्रोल सब्सिडी लेने वालों की संख्या में कमी के अनेक कारण है, लेकिन सबसे बड़ी वजह लोगों में जानकारी का अभाव है।

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    बता दें कि पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि को देखते हुए राज्य सरकार ने झारखंड में पेट्रोल सब्सिडी की एक विशेष योजना जनवरी में लांच की थी। अपेक्षाकृत कमजोर वर्ग पर बढ़ती कीमतों का असर न हो, इसलिए दोपहिया वाहन रखने वाले सभी राशनकार्डधारियों को 25 रुपये प्रति लीटर की सब्सिडी देने का निर्णय लिया गया था। यह अधिकतम 10 लीटर के लिए था। स्पष्ट है कि प्रत्येक रजिस्टर्ड लाभुक के खाते में प्रति माह 250 रुपये की राशि प्रत्येक माह स्वत: ट्रांसफर होनी थी। कुछ शर्तें भी थी, जिसका अनुपालन लाभुक को करना होता है। यही शर्तें योजना और लाभुक के बीच बड़ी खाई बन गई और देश की सबसे अनूठी योजना फिलहाल परिणाम देने में असफल साबित हो रही है।

    री-रजिस्ट्रेशन के फेर में उलझे लाभुक

    पेट्रोल सब्सिडी योजना की सबसे अहम शर्त यह है कि लाभुक को हर माह रि-रजिस्टर्ड होना होगा। उन्हें प्रत्येक माह विभागीय पोर्टल या एप पर जाकर री-रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी करनी है। जानकारी के अभाव में लोग यह प्रक्रिया पूरी नहीं कर रहे हैं और उनके खाते में सब्सिडी की राशि नहीं जा रही है। नतीजा लाभुकों की संख्या बढऩे की बजाए कम होती जा रही है। सरकारी डेटा बेस से इस संदर्भ में जो जानकारी मिलती है वह काफी निराशाजनक है। जनवरी में पेट्रोल सब्सिडी के लाभ के लिए कुल 1.45 लाख लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया। इनमें 1.15 आवेदन स्वीकृत हुए और उनके खाते में फरवरी में राशि ट्रांसफर की गई। फरवरी में 73,493 लाभुक और जुड़े। इनमें 55,223 आवेदनों को सही पाते हुए उनके खाते में सब्सिडी की राशि ट्रांसफर की गई। इस लिहाज से फरवरी के बाद लगभग 1.70 लाख लाभुकों को पेट्रोल सब्सिडी का लाभ मिलना चाहिए था, लेकिन मिला सिर्फ 67102 को। मूल वजह यह रही कि जनवरी के कुल 1.15 लाभुकों में से दोबारा रजिस्ट्रेशन महज 11879 ने कराया। स्पष्ट है कि एक लाख से अधिक लाभुक सिर्फ दोबारा रजिस्ट्रेशन न कराने के कारण लाभ से वंचित हो गए। मार्च के आंकड़े और हैरान करेंगे। जनवरी और फरवरी के लगभग 1.70 लाभुकों में से दोबारा निबंधन महज 13507 ने कराया। इस माह 10,198 लोग नए जुड़े। इस लिहाज से देखें तो मार्च माह में महज 23705 लाभुकों को ही इस योजना का लाभ मिला। स्पष्ट है कि राज्य सरकार के अनुमानित लक्ष्य 18 लाख के सापेक्ष यह आंकड़ा खासा निराश करने वाला है।

    और भी हैं कारण

    पेट्रोल सब्सिडी से दूरी बनाने के कुछ और कारण भी बताए जा रहे हैं। एक भ्रम की स्थिति लोगों में अब भी बनी हुई है कि जो सब्सिडी का लाभ ले लेंगे, वे हर माह मिलने वाले अनाज से वंचित हो जाएंगे। हालांकि सरकार के स्तर पर स्पष्ट किया गया है कि ऐसा नहीं होगा। बावजूद इसके लोग इससे दूरी बना रहे हैं। इसके अलावा कुछ ऐसे लोग भी हैं जिनका नाम राशनकार्ड में हैं, लेकिन जो वाहन वे चला रहे हैं वह उनके नाम नहीं है। रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया में आधार का राशनकार्ड और बैंक खाते, दोनों से ङ्क्षलक न होना भी एक समस्या है।

    संभावित लाभुकों के आंकड़ों में भी स्पष्टता नहीं

    सब्सिडी योजना के लाभ के दायरे में आने वाले लाभुकों की संख्या का अनुमान करीब 18 लाख लगाया गया था। हालांकि यह अनुमान किसी सटीक तथ्य पर आधारित नहीं था। माना गया था कि राज्य में करीब 45 लाख दोपहिया वाहन रजिस्टर्ड हैं। यदि इनमें 20-25 प्रतिशत वाहन कबाड़ भी हो गए हैं तो बाकी बचे वाहनों में से आधे तो राशनकार्ड रखने वालों के पास ही होंगे। सिर्फ अनुमान पर आधारित इन आंकड़ों की प्रमाणिकता को लेकर भी अब नए सिरे से मंथन किया जा रहा है।

    कुछ ऐसी है पेट्रोल सब्सिडी का लाभ लेने वालों की हकीकत

    • माह - आवेदन आए - स्वीकृत आवेदन - रि-रजिस्ट्रेशन
    • जनवरी - 1,45,197 - 1,15,356 ----
    • फरवरी - 73,493 - 55,223 - 11,879
    • मार्च - 14,754 - 10,198 - 13,507

    जानकारी के अभाव में लोग नहीं ले रहे लाभ

    खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग, झारखंड के सचिव हिमानी पांडेय के अनुसार राज्य सरकार, महंगाई के दौर में दोपहिया वाहन रखने वाले राशनकार्ड धारियों को राहत देने के लिए 25 रुपये प्रति लीटर की सब्सिडी दे रही है। जानकारी के अभाव में लोग इसका लाभ से वंचित हो रहे हैं। लाभुक को हर माह री-रजिस्टर्ड होना होगा, इसके लिए पूरा रजिस्ट्रेशन फार्म नहीं भरना है। बस एक छोटी सी औपचारिकता आनलाइन पूरी करनी है। हम यह भी स्पष्ट कर दें कि पेट्रोल अपवर्जन मानक में नहीं आता, कोई भी राशनकार्ड धारी अनाज लेने से वंचित नहीं होगा।