Scholarship: झारखंड के मेधावी छात्रों को 11वीं कक्षा से नहीं मिल पाएगी छात्रवृति, जानिए, क्या है कारण?
Jharkhand Education News झारखंड के दसवीं के छात्रों को अगली कक्षा के लिए मिलने वाले छात्रवृति पर ग्रहण लग चुका है। राज्य के करीब सात हजार छात्र-छात्राएं राष्ट्रीय प्रतिभा खोज परीक्षा (एनटीएसई) की परीक्षा के लिए इंतजार में है। इसपर जैक सचिव का क्या है कहना देखिए...

रांची, अनुज तिवारी। Jharkhand Education News झारखंड के दसवीं के छात्रों को अगली कक्षा के लिए मिलने वाले छात्रवृति पर ग्रहण लग चुका है। राष्ट्रीय प्रतिभा खोज परीक्षा (एनटीएसई) की परीक्षा के लिए राज्यभर से दसवीं के छात्रों ने आवेदन दिया था, लेकिन करीब चार माह गुजर जाने के बाद भी इनकी परीक्षा 16 जनवरी को समय पर नहीं हो सकी। राज्य के करीब सात हजार छात्र-छात्राएं परीक्षा के इंतजार में है। जबकि अब 11वीं में नामांकन प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है, ऐसे में परीक्षा नहीं हाेने के बाद मेधावी छात्रों को मिलने वाले छात्रवृति पर ही प्रश्नचिन्ह लग गया है।
झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) के द्वारा आयोजित होने वाले इस परीक्षा के लिए झारखंड के सरकारी स्कूलों के साथ-साथ प्राइवेट स्कूलों के बच्चों ने पिछले वर्ष नवंबर में ही फार्म भरा था।
जैक सचिव का क्या है कहना...
जैक के सचिव महीप कुमार सिंह बताते हैं कि परीक्षा आयोजित करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं, इसके लिए समय पर फार्म भी भरवा लिया गया है। लेकिन इसकी पूरी जिम्मेवारी एनसीईआरटी की है और जबतक वहां से दिशा-निर्देश नहीं आता है, तब तक वे परीक्षा नहीं ले सकते।
एनसीईआरटी ने अभी तक परीक्षा लेने संबंधी कोई अधिसूचना जारी नहीं की है। बताया जा रहा है कोरोना मुख्य कारण हो सकता है, यह परीक्षा पूरे भारत में आयोजित होती है ओर इस बीच कई राज्यों में कोरोना के केस मिलने की वजह से परीक्षा समय पर जनवरी में आयोजित नहीं हो पायी।
11वीं व 12वीं के लिए मिलती है छात्रवृति
एनटीएसई के माध्यम से चयनित छात्रों को कक्षा 11वीं और 12वीं में छात्रवृति मिलती है। इन छात्रों प्रति माह 1250 रुपए की छात्रवृति दी जाती है। इसके अलावे आगे की पढ़ाई के लिए भी इन्हें छात्रवृति देने का प्रावधान है। पूरे भारत में इस छात्रवृति के लिए 2000 सीट है, जबकि झारखंड के लिए 142 सीट है। परीक्षा दो चरणों में आयोजित की जाती है, जनवरी में होने वाली परीक्षा पहले चरण में आयोजित होनी थी। इसके बाद चयनित छात्रों की दूसरी परीक्षा खुद एनसीईआरटी राष्ट्रीय स्तर पर लेता। लेकिन पहली परीक्षा हुई नहीं और अब दूसरी परीक्षा के लिए समय नहीं दिख रहा।
मालूम हो पिछली बार राज्य से 142 छात्रों को छात्रवृति मिली थी, जो अभी भी लाभांवित हो रहे हैं। यह परीक्षा ना सिर्फ छात्रवृति के लिए चयनित होने के लिए है बल्कि इस परीक्षा से छात्रों को एक राज्य व राष्ट्रीय स्तर के प्रतियोगिता का भी अनुभव होता है। यह अनुभव उन्हें आगे के लिए प्रेरित भी करता है।
बोर्ड परीक्षा भी समाप्त हो गई
इधर, जैक की बोर्ड परीक्षा भी समाप्त हो चली है। जबकि सीबीएसई की बोर्ड परीक्षा का दूसरा चरण अब शुरू होने वाला है। इस बीच परीक्षा आयोजन का सवाल ही नहीं उठता। ऐसे में बच्चों के सामने विकट स्थिति आ पड़ी है कि आखिर उनकी परीक्षा कब होगी, जिससे उन्हें छात्रवृति का लाभ मिल सके। इस संदर्भ में लगातार अभिभावक भी जैक से सवाल कर रहे हैं, लेकिन उन्हें कोई ठोस जवाब मिल ही नहीं रहा है। जबतक एनसीईआरटी के द्वारा कोई सूचना नहीं दी जाती है, तब तक यह स्थिति बनी रहेगी। अभिभावकों का कहना है कि समय पर अगर छात्रवृति नहीं मिलती है, तो आगे कैसे मिल पाएगा, इसका जवाब भी किसी अधिकारी के पास नहीं है।
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