यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 18, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
झारखंड नाव हादसा: पंचखेरो डैम से निकाले गए 6 शव... 2 लोग अब भी लापता... NDRF की टीम खोज में जुटी
Jharkhand Boat Accident कोडरमा जिला के मरकच्चो प्रखंड अंतर्गत कोडरमा व गिरिडीह जिले की सीमा स्थित पंचखेरो डैम से एनडीआरएफ ...और पढ़ें

कोडरमा, जासं। Jharkhand Boat Accident कोडरमा जिले के मरकच्चो प्रखंड अंतर्गत पंचखेरो डैम में रविवार को नाव डूबने से आठ लोग डूब गए थे। इनमें से छह शवों को आज सोमवार को निकाल लिया गया है। दो लोग अब भी लापता हैं। जिन शवों को निकाला गया उनमें सीताराम यादव, सीताराम यादव की वर्षीय 16 वर्षीय पुत्री सेजल कुमारी, 12 वर्षीय पुत्र शिवम कुमार सिंह, पिता प्रदीप सिंह, 14 वर्षीय पलक कुमारी, पिता प्रदीप सिंह, प्रफुल्ल सिंह के दो पुत्र 16 वर्षीय राहुल कुमार सिंह और 14 वर्षीय अंकित कुमार शामिल हैं। अब जिन दो लोगों को निकालना बाकी है, उनमें 8 वर्षीय हर्षल कुमार और 4 वर्षीय से सक्षमा कुमारी उर्फ छोटी शामिल है। दोनों सीताराम यादव के बच्चे हैं। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है।
.jpg)
उल्लेखनीय है कि रविवार की सुबह नाव पलटने से 8 लोग थे डूब गए थे। डूबे लोगों के परिजन रविवार दिन से ही डैम के आसपास जमे हैं। पुलिस प्रशासन की टीम भी डैम के पास जमी है।
.jpg)
देवघर से सोमवार को पहुंची एनडीआरएफ टीम
जानकारी के अनुसार, नाव पर कुल 10 लोग सवार थे। इसमें एक नाविक और प्रदीप सिंह नामक युवक तैरकर बाहर निकल आए थे। सभी लोग गिरिडीह जिले के धनवार थाना क्षेत्र से पर्यटन के लिए यहां आए थे। नाव की सवारी करते समय डैम के बीच में नाव डूब गई थी। पानी अधिक होने के कारण स्थानीय लोग किसी को नहीं बचा पाए थे। सोमवार को देवघर से एनडीआरएफ की टीम पहुंची। इसके बाद लोगों की तलाश शुरू हुई। बीस घंटे बाद पहला शव बरामद किया गया। इसके बाद अन्य शव बरामद किए गए। अभी दो लोगों की तलाश जारी है।
बच्चों के शवों को देख सुधबुध खो बैठे प्रफुल्ल सिंह
घटना की सूचना पाकर धनवार प्रखंड क्षेत्र ग्राम निवासी प्रफुल्ल सिंह आज ही गोवा से लौटे। वह गोवा में गार्ड की नौकरी करते हैं। घटनास्थल पर पहुंचने के साथ ही दोनों बच्चों राहुल व अंकित के शवों को देख अपना सुध बुध खो बैठे। फिर दहाड़ मारकर रोने लगे। स्थानीय लोगों ने किसी तरह उन्हें संभाल कर घर भेजा।
