JSSC CGL पर आज झारखंड हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, 2300 चयनित अभ्यर्थियों का भविष्य दांव पर
झारखंड हाई कोर्ट आज झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की संयुक्त स्नातक स्तरीय (CGL) परीक्षा रद करने के राज्य सरकार ...और पढ़ें

HighLights
हाई कोर्ट आज सुनाएगा सीजीएल परीक्षा पर फैसला।
राज्य सरकार ने गड़बड़ी के आरोप में रद की थी परीक्षा।
राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड हाई कोर्ट झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की संयुक्त स्नातक स्तरीय (सीजीएल) परीक्षा और इसके माध्यम से हुई नियुक्तियों को रद करने के राज्य सरकार के निर्णय पर आज शुक्रवार को फैसला सुनाएगा। जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने पिछले महीने दोनों पक्षों की लंबी बहस पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। अदालत के फैसले पर 2,300 चयनित अभ्यर्थियों के साथ-साथ राज्य के लाखों युवाओं की नजरें टिकी हैं।
राज्य सरकार ने सीआईडी की जांच रिपोर्ट और व्यापक छात्र आंदोलनों का हवाला देते हुए सीजीएल परीक्षा प्रक्रिया और सफल अभ्यर्थियों की नियुक्ति रद करने की अधिसूचना जारी की थी। सरकार के इस फैसले को चुनौती देते हुए सफल अभ्यर्थी आकाश गौरव और अन्य ने हाई कोर्ट में याचिकाएं दाखिल की हैं।
याचिकाकर्ताओं ने सरकार के फैसले को अनुचित बताते हुए इसे निरस्त करने की मांग की है। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा और अमृतांश वत्स ने अदालत को बताया था कि परीक्षा में कथित गड़बड़ी के आधार पर पूरी परीक्षा और नियुक्ति प्रक्रिया रद करना उचित नहीं है। सरकार ने जांच के दौरान करीब 465 संदिग्ध अभ्यर्थियों को चिह्नित कर उन्हें नोटिस जारी किया है।
इससे स्पष्ट है कि जांच एजेंसियां संदिग्ध और निष्पक्ष तरीके से परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थियों के बीच अंतर करने में सक्षम हैं।
अभ्यर्थियों के वकीलों ने यह भी कहा था कि यदि कुछ लोगों ने परीक्षा में गड़बड़ी की है, तो उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन चंद लोगों की कथित गलतियों की सजा उन अभ्यर्थियों को नहीं दी जा सकती, जिन्होंने अपनी मेहनत और योग्यता के दम पर परीक्षा पास की है। बिना ठोस साक्ष्य के पूरी परीक्षा और नियुक्तियों को रद करना हजारों निर्दोष अभ्यर्थियों के साथ अन्याय होगा।
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