JSSC CGL Exam Result: जेएसएससी सीजीएल परीक्षा परिणाम पर रोक, HC ने हेमंत सरकार से मांगा जवाब
झारखंड हाई कोर्ट ने जेएसएससी सीजीएल परीक्षा के अंतिम परिणाम को प्रकाशित करने पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि वर्ष 2023 में बनी परीक्षा संचालन अधिनियम के तहत मामले में अब तक क्या-क्या कार्रवाई की गई है। अधिनियम के तहत प्राथमिकी और जांच रिपोर्ट भी कोर्ट में प्रस्तुत की जाए। मामले में अगली सुनवाई 22 जनवरी को होगी।
राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस रामचंद्र राव व जस्टिस दीपक रोशन की खंडपीठ में जेएसएससी सीजीएल परीक्षा (JSSC CGL Exam) की सीबीआई जांच की मांग वाली याचिका पर मंगलवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद खंडपीठ ने जेएसएससी के सीजीएल परीक्षा के अंतिम परिणाम के प्रकाशन पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है।
कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि वर्ष 2023 में बनी परीक्षा संचालन अधिनियम के तहत मामले में अब तक क्या-क्या कार्रवाई की गई है। अधिनियम के तहत प्राथमिकी और जांच रिपोर्ट भी कोर्ट में प्रस्तुत की जाए। मामले में अगली सुनवाई 22 जनवरी को होगी।
'जांच से भाग रही सरकार'
सुनवाई के दौरान प्रार्थी की ओर से वरीय अधिवक्ता अजीत कुमार और समीर रंजन ने कोर्ट से गुहार लगाई कि सीजीएल परीक्षा में गड़बड़ी की गई है। इसकी जांच होनी चाहिए। सरकार जांच से भाग रही है।
अगले आदेश तक परिणाम प्रकाशित करने पर रोक
उन्होंने परीक्षा के अंतिम परिणाम प्रकाशित करने पर रोक लगाने का आग्रह किया। जिसपर कोर्ट ने अगले आदेश तक के लिए अंतिम परिणाम प्रकाशित करने पर रोक लगा दिया। मामले में कोर्ट जेएसएससी के जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ। कोर्ट ने कहा कि सरकार ने वर्ष 2023 में परीक्षा संचालन अधिनियम बनाया था। जिसके तहत पेपर लीक होने की स्थिति में शिकायत से लेकर जांच करने की प्रक्रिया निर्धारित की गई है। ऐसे में जेएसएससी इन आरोपों को निराधार कैसे बता सकता है। पेपर लीक होने पर जांच करने का अधिकार डीसी को दिया गया है।
पूर्व में खंडपीठ को बताया कि झारखंड सामान्य स्नातक योग्यताधारी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा 2023 (सीजीएल) 28 जनवरी 2024 को हुई थी। इस दौरान इंटरनेट बंद नहीं था। छात्रों ने प्रश्नपत्र लीक होने का आरोप लगाया था। इसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था। इसके बाद एसआइटी का गठन किया गया था।
इस परीक्षा में जिस प्रकार से पेपर लीक हुआ है उसी प्रकार 21 सितंबर एवं 22 सितंबर 2024 की भी परीक्षा का पेपर लीक हुआ, लेकिन इंटरनेट बंद होने के कारण इसकी तत्काल शिकायत जेएसएससी को नहीं की जा सकी। परीक्षा में शामिल हुए राजेश प्रसाद ने इसको लेकर थाना में ऑनलाइन प्राथमिकी का आवेदन दिया। डीसी और एसएसपी को साक्ष्य भी उपलब्ध कराया गया है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
इस संबंध में प्रकाश कुमार व अन्य की ओर से हाई कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई है। कहा गया है कि सरकार की ओर से गठित एसआइटी की जांच पारदर्शी नहीं रही है। जांच के निष्कर्ष अभी तक सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। इसकी जांच सीबीआई से कराई जाए।
दूसरे दिन 434 अभ्यर्थियाें के प्रमाणपत्रों की हुई जांच, छह अभ्यर्थी रहे अनुपस्थित
झारखंड उच्च न्यायालय ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की सामान्य स्नातक स्तरीय प्रतियोगिता परीक्षा (सीजीएल) के सिर्फ अंतिम परिणाम जारी करने पर रोक का आदेश दिया है। अल्पसूचीबद्ध किए गए अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्रों की जांच जारी रहेगी। प्रमाणपत्रों की जांच दूसरे दिन मंगलवार को भी हुई, जिसमें 434 अभ्यर्थी सम्मिलित हुए। दो पालियों में प्रमाणपत्रों की जांच के लिए मंगलवार को 440 अभ्यर्थियों को बुलाया गया था, जिनमें छह अनुपस्थित रहे। पहले दिन 440 अभ्यर्थियों में 430 अभ्यर्थियों ने अपने प्रमाणपत्रों का सत्यापन कराया था।
इधर, मंगलवार को आयोग के अधिवक्ता ने उच्च न्यायालय को बताया कि अभी सिर्फ अल्पसूचीबद्ध किए गए अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्रों का सत्यापन किया जा रहा है। अंतिम परिणाम नहीं निकाला जा रहा है। इसपर कोर्ट ने अंतिम आदेश तक परिणाम प्रकाशित नहीं करने का निर्देश दिया।
उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में संबंधित परीक्षा से जुड़ी शिकायतों को लेकर कदाचार मुक्त परीक्षा अधिनियम- 2023 के आलोक में की गई कार्यवाही से भी कोर्ट को अवगत कराने काे कहा है तथा इस संदर्भ में राज्य सरकार को अगली तिथि में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
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