रांची, गुमला, जेएनएन। जिले के डुमरी प्रखंड के जुरमू गांव में बुधवार की रात प्रतिबंधित पशु का मांस काटने के विवाद में मॉब लिंचिंग की घटना घटी। उग्र लोगों ने पशु का मांस काटने के आरोप में प्रकाश लकड़ा (55) को लाठियों से पीटा। प्रकाश की गुरुवार की सुबह इलाज के दौरान सामुदायिक स्वास्थ केंद्र, डुमरी में मौत हो गई। उग्र लोगों के हमले में पीटर केरकेट्टा (40), जनेरियुस मिंज (42) और वेलासियुस तिर्की (60) भी घायल हुए थे।

उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद सदर अस्पताल गुमला भेज दिया गया। तीनों खतरे से बाहर हैं। मॉब लिंचिंग में मारा गया प्रकाश और अन्य घायल जुरमू गांव के निवासी हैं। जबकि हमलावर पड़ोसी गांव जैरागी के हैं। जुरमू और जैरागी गांव एक पहाड़ी नदी पर स्थित पुल के आर-पार है। प्रकाश की मौत की सूचना मिलते ही जुरमू के ग्रामीण आक्रोशित हो गए। वे गांव में ही धरने पर बैठ गए।

वृद्ध की मौत व जुरमू के ग्रामीणों के धरने पर बैठने की जानकारी मिलते ही एसपी अंजनी कुमार झा जैरागी गांव पहुंचे। वहां उन्होंने मामले की पड़ताल की। जैरागी गांव के लोगों का पक्ष जाना। दूसरी ओर एसडीपीओ चैनपुर कुलदीप कुमार समेत चैनपुर, डुमरी व जारी थानों के प्रभारी भारी पुलिस बल के साथ जुरमू गांव पहुंचे। उन लोगों ने धरने पर बैठे लोगों को समझाने का प्रयास किया।

ग्रामीणों के कार्रवाई की मांग पर अड़े रहने पर अधिकारियों ने मामले की जांच कर दोषियों की पहचान कराने व उन्हें गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया। तब जाकर ग्रामीण शांत हुए।  गौरतलब है कि बुधवार की रात लगभग आठ बजे प्रतिबंधित पशु को काटकर उसका मांस निकालने को लेकर जैरागी और जुरमू गांव के लोगों के बीच हिंसक झड़प हुई थी। 

बोले जुरमू के ग्रामीण
जुरमू के ग्रामीणों ने बताया कि जैरागी गांव के पंच जखारियुस कुजूर का मवेशी नदी के दोमुहान श्मशान घाट पर पानी पी रहा था। इसी दौरान गर्मी अधिक होने के कारण अचानक वह मर गया। इस पर वे लोग उसे घाट पर ले गए। वहां से उसका मांस गांव ले जाने की तैयारी कर रहे थे। इसी बीच छत्तीसगढ़ सीमा में स्थित करौंदा बाजार से लौट रहे कुछ लोगों ने जैरागी के ग्रामीणों को इसकी सूचना दे दी।

इसके बाद जैरागी से 8-10 हथियारबंद लोग मौके पर पहुंच गए। उन लोगों यह बोलते हुए कि तुम लोग गंदा काम कर रहे हो, यह बर्दाश्त के काबिल नहीं है, जुरमू के ग्रामीणों पर हमला कर दिया। इस पर जुरमू के ग्रामीण अपने-अपने घरों की ओर भागे, लेकिन प्रकाश, पीटर, जनेरियुस और वेलासियुस हमलावरों से घिर गए। 

बोले जैरागी के ग्रामीण
जैरागी के ग्रामीणों का कहना है कि उनके गांव का एक प्रतिबंधित पशु खो गया था। खोजने पर वह नदी पर स्थित छठ घाट के पास मिला। जिसे लाने के लिए पशु के मालिक बेटे समेत वहां गए लेकिन जुरमू के ग्रामीणों ने जबरन पशु को छीन लिया। जब गांव में यह सूचना आई तो वे लोग पशुपालक को बचाने के लिए वहां गए। इसी दौरान दोनों पक्षों में हुए टकराव में एक व्यक्ति की मौत हो गई। अब जुरमू के ग्रामीण उसकी हत्या करने का आरोप लगा रहे हैं। 

डीआइजी भी पहुंचे, एसपी ने बनाई एसआइटी, कर रहे नेेतृत्व  
तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए डीआइजी एवी होमकर भी गुरुवार को घटनास्थल पर पहुंचे। एसपी के साथ जैरागी और जुरमू गांवों का दौरा किया। घायलों के समुचित इलाज की व्यवस्था कराई। दोषियों पर कार्रवाई करने का आदेश दिया। डीआइजी ने बताया कि गुमला के एसपी ने सच्चाई सामने लाने के लिए अपने नेतृत्व में एसआइटी गठित की है। एसआइटी में चैनपुर के एसडीपीओ, अंचल निरीक्षक और थाना प्रभारी, डुमरी और जारी के थाना प्रभारी शामिल हैं। चैनपुर के एसडीओ सत्यप्रकाश ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। 

ऊपर से दिख रही शांति, व्याप्त है तनाव
पुलिस की उपस्थिति के कारण जैरागी और जुरमू गांवों में भले ही शांति नजर आ रही है लेकिन अंदरखाने दोनों पक्षों में तनाव और चिंता व्याप्त है।

Posted By: Alok Shahi

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