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    Jharkhand News: राज्यपाल ने पकड़ी प्रभारी कुलपति कामिनी कुमार की धांधली, जांच का आदेश

    By Jagran NewsEdited By: M Ekhlaque
    Updated: Wed, 23 Nov 2022 07:46 PM (IST)

    Jharkhand Latest News राज्यपाल रमेश बैस ने समीक्षा में पाया प्रथम दृष्टया दोषी। 15 दिनों में मांगा स्पष्टीकरण। करोड़ों रुपये की अनियमितता में नहीं की कोई कार्रवाई। झारखंड राजभवन के आदेश को भी दरकिनार। कार्यवाहक कुलपति के रूप में 36 अनुबंध कर्मियों को किया नियमित।

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    Jharkhand Crime News: राज्यपाल रमेश बैस ने कार्यवाहक कुलपति की चोरी पकड़ ली है।

    रांची, राज्य ब्यूरो। रांची विश्वविद्यालय की तत्कालीन कार्यवाहक कुलपति डा. कामिनी कुमार की मुश्किलें बढ़ गई हैं। राज्यपाल सह कुलाधिपति रमेश बैस ने समीक्षा में उनके प्रभारी कुलपति विश्वविद्यालय में कई अनियमितताओं का प्रथम दृष्टया दोषी पाया है। उन्होंने इसे लेकर डा. कामिनी कुमार से 15 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही उन्होंने अन्य सभी अनियमितताओं की समीक्षा कर जांच का आदेश विश्वविद्यालय के वर्तमान कुलपति डा. अजीत कुमार सिन्हा को दिया है। कामिनी कुमार रांची विश्वविद्यालय में प्रतिकुलपति के पद पर नियुक्त थीं जिन्हें पूर्व में पद रिक्त रहने के कारण कुलपति का प्रभार भी दिया गया था। इन्हीं अनियमितताओं की तटस्थ जांच के लिए राजभवन ने डा. कामिनी कुमार का स्थानांतरण कोल्हान विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति पद पर कर दिया है।

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    कर्मचारियों को गलत तरीके से नियमित करने का आरोप

    राजभवन ने जो गड़बड़ियां पकड़ी हैं उनके अनुसार, डा. कामिनी कुमार रांची विश्वविद्यालय की तत्कालीन कार्यवाहक कुलपति के पद पर रहते हुए तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के 36 कर्मियों को दिनांक 18 दिसंबर 2021 को नियमित कर दिया था। उन्होंने किस आधार पर कर्मियों का नियमितीकरण किया, यह स्पष्ट नहीं है। उन्हें कार्यवाहक कुलपति के रूप में इसकी शक्ति भी प्राप्त नहीं थी। राज्यपाल सह कुलाधिपति ने रांची महिला कालेज की प्राचार्य से अवैध तरीके से भुगतान किये गए आवास भत्ते की वसूली का आदेश दिया था, जिसका उन्होंने अनुपालन नहीं किया। समीक्षा में यह बात भी सामने आई कि डा. गौरी जिलानी की सेवा नियमितीकरण के प्रस्ताव पर प्रतिकुलपति सह स्क्रीनिंग समिति की अध्यक्ष के तौर पर दो माह में दो संपूर्ण विरोधाभासी तथ्य कामिनी कुमार द्वारा प्रेषित किए गए, जिस कारण निर्णय लेने में दुविधा की स्थिति उत्पन्न हुई। कामिनी कुमार को इस संबंध में भी स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।

    109 करोड़ वित्तीय अनियमितता में नहीं की कोई कार्रवाई

    रांची विश्वविद्यालय में 109 करोड़ रुपए राशि की वित्तीय अनियमितता के संबंध में उच्च शिक्षा निदेशक ने 28 जून 2021 को जांच रिपोर्ट के साथ कार्रवाई हेतु अनुशंसा राज्यपाल सचिवालय को भेजी थी। राज्यपाल सचिवालय ने दो जून 2022 को तत्कालीन कुलपति, वित्तीय सलाहकार, वित्त पदाधिकारी एवं कुलसचिव के विरुद्ध आरोप पत्र गठित करने हेतु निर्देश विश्वविद्यालय को दिया था। वर्तमान कुलपति डा. अजीत कुमार सिन्हा ने राजभवन को उक्त फाइल कुलपति कार्यालय में उपलब्ध नहीं होने की जानकारी दी। समीक्षा में राजभवन ने पाया कि विश्वविद्यालय की फाइल के नोट-शीट से यह स्पष्ट होता है कि यह विषय कार्यवाहक कुलपति की पूरी जानकारी में थी लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की।

    109 करोड़ धांधली की फाइल गायब, प्राथमिकी का आदेश

    राज्यपाल सह कुलाधिपति ने रांची विश्वविद्यालय के कुलपति को 109 करोड़ की अनियमितता की फाइल खो जाने के मामले में सभी दोषी पदाधिकारियों एवं कर्मियों की पहचान कर उनके विरुद्ध अविलंब प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है।

    नए कुलपति की नियुक्ति के बाद किया एमओयू पर हस्ताक्षर

    20 जून 2022 को नए कुलपति की नियुक्ति की अधिसूचना जारी होने के बाद डा. कामिनी कुमार द्वारा तत्कालीन कार्यवाहक कुलपति के तौर पर स्वयं हस्ताक्षर करते हुए एक एमओयू विज्ञान प्रसार संस्थान के साथ किया। सामान्य रूप से विश्वविद्यालय की तरफ से यह कार्य कुलसचिव द्वारा किया जाता है लेकिन कामिनी कुमार ने कुलपति के रूप में एमओयू पर हस्ताक्ष्रर कर दिया। राजभवन ने इसे भी संदेह की दृष्टि से देखा है।