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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 31, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

6th JPSC: हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ एसएलपी दाखिल करेगी सरकार

By Sujeet Kumar SumanEdited By:
Published: Thu, 31 Oct 2019 07:40 PM (IST)

Jharkhand. सरकार के स्तर पर विचार-विमर्श चल रहा है। अवकाश बाद सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल होगी। सरकार के संशोधित ...और पढ़ें

6th JPSC: हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ एसएलपी दाखिल करेगी सरकार
6th JPSC: हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ एसएलपी दाखिल करेगी सरकार

रांची, राज्य ब्यूरो। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की छठी सिविल सेवा परीक्षा को लेकर हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी (स्पेशल लीव पीटिशन) दाखिल करेगी। इसे लेकर उच्चस्तर पर विचार विमर्श किया जा रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि अवकाश के बाद सुप्रीम कोर्ट में राज्य सरकार द्वारा याचिका दाखिल की जाएगी। जानकारी के अनुसार इसे लेकर सरकार को कानूनी राय भेज दी गई है, अब सिर्फ सरकार को ही इस पर निर्णय लेना है।

सरकार की हरी झंडी मिलते ही सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की जाएगी। दरअसल, हाई कोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस एचसी मिश्र व जस्टिस दीपक रोशन की खंडपीठ ने सरकार की उस अधिसूचना को रद कर दिया है, जिसके तहत प्रारंभिक परीक्षा में 34,634 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया था। सरकार ने इसके लिए 12 फरवरी 2018 को संकल्प जारी किया था।

अदालत ने अपने आदेश में कहा है कि मुख्य परीक्षा होने की वजह से अब जेपीएससी उन्हीं अभ्यर्थियों के परिणाम घोषित करेगी, जो पहले संशोधन के बाद सफल हुए थे। पहले संशोधन के बाद 6,103 अभ्यर्थियों को ही सफल घोषित किया गया था। अदालत ने 6,103 अभ्यर्थियों के ही मुख्य परीक्षा का परिणाम जारी करने का आदेश दिया है।

326 पदों के लिए निकला था विज्ञापन

जेपीएससी ने वर्ष 2016 में विज्ञापन संख्या 23/2016 निकाला था। इसके तहत प्रशासनिक सेवा के लिए 143, वित्त सेवा-104, शिक्षा सेवा-36, सहकारिता सेवा-9, सामाजिक सुरक्षा-3, सूचना सेवा-7, पुलिस सेवा-6, योजना सेवा के 18 पदों पर नियुक्ति होनी थी। दिसंबर 2016 को प्रारंभिक परीक्षा ली गई। 23 फरवरी 2017 को प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम घोषित किया, जिसमें 5,138 अभ्यर्थी सफल हुए। इसके बाद सरकार ने एक संकल्प जारी कर बी-1, बी-2 कैटेगरी के ऐसे अभ्यर्थियों को सफल घोषित करने का आदेश दिया, जो सामान्य श्रेणी के अंतिम चयनित उम्मीदवार के बराबर अंक प्राप्त किया हो।

संशोधन के बाद प्रारंभिक परीक्षा में 6,103 अभ्यर्थी सफल हुए। जनप्रतिनिधियों और अभ्यर्थियों के दबाव के बाद सरकार ने एक बार फिर से संशोधित परिणाम जारी करने का निर्णय लिया। इसके पीछे तर्क था कि ज्यादा से ज्यादा उम्मीदवारों को परीक्षा में शामिल होने का मौका मिल पाए। संशोधित परिणाम के बाद 34,634 अभ्यर्थी सफल हुए, जिन्हें मुख्य परीक्षा में शामिल किया गया। 28 फरवरी 2019 को मुख्य परीक्षा हो चुकी है। फिलहाल, छठी जेपीएससी मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का काम चल रहा है।