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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 16, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Paddy Purchasing: झारखंड सरकार किसानों के खाते में धान के दूसरे लॉट की राशि डालना भूली, खरीदारी के प्रतिशत में कमी

By Sanjay KumarEdited By:
Published: Wed, 16 Feb 2022 08:24 AM (IST)Updated: Wed, 16 Feb 2022 08:25 AM (IST)

Jharkhand News झारखंड के किसानों से धान खरीदने के बाद दूसरे लॉट की राशि झारखंड सरकार किसानों को देना ही ...और पढ़ें

Jharkhand News: झारखंड सरकार किसानों के खाते में धान के दूसरे लॉट की राशि डालना भूली
Jharkhand News: झारखंड सरकार किसानों के खाते में धान के दूसरे लॉट की राशि डालना भूली

रांची, (शक्ति सिंह)। Jharkhand News झारखंड सरकार किसानों से धान खरीदने के बाद दूसरे लॉट की राशि किसानों को देना ही भूल गई है। दरअसल धान अधिप्राप्ति केंद्र पर किसानों से धान खरीदारी के बाद पहले लॉट में 50 प्रतिशत राशि किसानों के खाते में डाल दी गई। मगर, दूसरे लॉट की राशि किसानों के खाते में नहीं डाली गई। दूसरे लॉट की राशि राइस मिलरों द्वारा गोदाम से धान उठाव के बाद किसानों के खाते में राशि डाली जाती है, जो अब तक नहीं डाली गई है। पांच जनवरी से राइस मिलर धान का उठाव कर रहे हैं। एक माह से अधिक का वक्त बीत जाने के बावजूद दूसरे लौट की राशि किसानों को नहीं मिल सकी है।

राइस मिलरों द्वारा उठाव होने के बाद से किसी को नहीं मिला है बकाया राशि

रांची जिला में करीब 1200 किसानों से धान की खरीदारी की गई। समय पर किसानों को धान खरीदारी की राशि नहीं मिलने के कारण अब किसान भी धान अधिप्राप्ति केंद्र तक अपने धान की बिक्री के प्रति उत्सुकता नहीं दिखा रहे हैं। यही कारण है कि रांची जिले में ढाई महीने में अब तक एक लाख क्विंटल ही धान की खरीदारी हो सकी है। जबकि रांची जिले में पांच क्विंटल धान खरीदारी का लक्ष्य रखा गया है। कई महीने बीत जाने के बाद भी आंकड़े में सुधार देखने को नहीं मिल रहा है।

1200 किसानों को नहीं मिली है दूसरे लॉट की राशि

रांची जिला में 10000 से अधिक किसान पंजीकृत हैं। मगर धान अधिप्राप्ति केंद्र तक सिर्फ 1200 किसान ही अपने धान की बिक्री किए हैं। अधिकारी बताते हैं कि धान खरीदारी के लिए दूसरे लॉट का फंड रिलीज नहीं किया गया है, जिसके कारण किसानों के खाते में राशि नहीं गई है। अब इसका असर यह हो रहा है कि जिन किसानों को धान अधिप्राप्ति केंद्र तक आना था। अब किसान मौजूदा व्यवस्था को देखते हुए धान अधिप्राप्ति केंद्र तक जाने से कतरा रहे हैं।

60 प्रतिशत धान का उठाव राइस मिलरों ने किया

रांची जिला में 27 धान अधिप्राप्ति केंद्र है। इन 27 केंद्रों के लिए 13 राइस मिलरों को टैग किया गया है। यानि प्रत्येक केंद्र पर दो राइस मिलर, ताकि समय पर राइस मिलर द्वारा धान का उठाव किया जा सके। वहीं, कई राइस मिलर भी धान का उठाव धीमी गति से कर रहे हैं। अब तक सिर्फ 60 प्रतिशत ही धान का उठाव गोदाम से हुआ है।

आंकड़ा: निर्धारित लक्ष्य की तुलना में सिर्फ 20 प्रतिशत हुई है धान की खरीदारी

  • 1200 किसानों को नहीं मिला है दूसरे लॉट का पैसा
  • 10 हजार किसान हैं रांची जिला में पंजीकृत
  • पांच लाख क्विंटल धान खरीदारी है लक्ष्य
  • 27 केंद्रों पर है धान अधिप्राप्ति का मामला
  • 13 राइस मिलरों को किया गया टैग