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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 24, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Jharkhand Politics: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन हुए हाउस अरेस्ट, बेटा बाबूलाल भी हिरासत में

Published: Sun, 24 Aug 2025 07:09 PM (IST)

रांची में सरकारी स्वास्थ्य संस्थान के लिए भूमि अधिग्रहण के खिलाफ आदिवासी विरोध के चलते पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन को ...और पढ़ें

पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन हुए हाउस अरेस्ट
पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन हुए हाउस अरेस्ट

पीटीआई, रांची। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता चंपई सोरेन को करोड़ों रुपये के सरकारी स्वास्थ्य संस्थान के लिए भूमि अधिग्रहण के खिलाफ आदिवासी संगठनों के विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर कानून-व्यवस्था की समस्या से बचने के लिए रविवार को नजरबंद कर दिया गया। पुलिस ने बताया कि उनके बेटे बाबूलाल सोरेन और रांची जा रहे उनके समर्थकों को भी एक पुलिस थाने में हिरासत में लिया गया है।

रांची शहर के पुलिस उपाधीक्षक के.वी. रमन ने पीटीआई-भाषा को बताया, "आदिवासी संगठनों के विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियाती कदम के तौर पर चंपई सोरेन को नजरबंद किया गया है।"

उन्होंने बताया कि रविवार को हुए विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है और महत्वपूर्ण स्थानों पर बैरिकेड्स लगाए गए हैं। हालांकि, सोरेन ने इस कदम को अलोकतांत्रिक बताया और कहा कि आदिवासियों और उनके विरोध प्रदर्शन का समर्थन करने के कारण उन्हें नजरबंद किया गया है। सोरेन के आवास पर भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है, जिन्होंने विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की घोषणा की है।

20 से ज़्यादा आदिवासी समूहों, किसानों और जमीन मालिकों ने रविवार को उस जगह पर 'हल जोतो, रोपा रोपो' (खेत जोतना, पौधे लगाना) विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है जहां 1,074 करोड़ रुपये की रिम्स-2 अस्पताल परियोजना प्रस्तावित है। रिम्स-2, राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) के विस्तार को संदर्भित करता है, जो राज्य का एक प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र है।

नगरी क्षेत्र, जहां यह परियोजना स्थापित होनी है, की ओर जाने वाली सड़कों पर बैरिकेड्स लगा दिए गए हैं। क्षेत्र के एक स्थानीय निवासी, 50 वर्षीय बसंत कुमार महतो ने बताया कि उन्हें कांके के चांदनी चौक के पास रोक दिया गया। उन्होंने कहा, "मैं रिंग रोड पर रहता हूँ, लेकिन मुझे अपने घर जाने की अनुमति नहीं है।"

रांची ज़िला प्रशासन ने भी नगरी क्षेत्र में सार्वजनिक समारोहों पर प्रतिबंध लगाते हुए निषेधाज्ञा लागू कर दी है। इन आदेशों में निर्दिष्ट परिधि के भीतर सार्वजनिक सभाओं और पांच या अधिक लोगों के जमावड़े पर प्रतिबंध है। एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि इस क्षेत्र में हथियार, गोला-बारूद, विस्फोटक और अन्य हथियार ले जाना प्रतिबंधित है और लाउडस्पीकर का उपयोग भी वर्जित है। स्वास्थ्य विभाग ने इस परियोजना के लिए 207 एकड़ भूमि आवंटित की है।

झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने पिछले महीने दावा किया था कि रिम्स-2 में 2,600 बिस्तरों वाला अस्पताल होगा और इसमें 100 स्नातक और 50 स्नातकोत्तर सीटें होंगी।