विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 25, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Jharkhand IAS Transfer: देवघर, धनबाद समेत 14 जिलों के डीसी बदले, मंजूनाथ भजंत्री को मिली जमशेदपुर की कमान

By Jagran NewsEdited By: Yashodhan Sharma
Published: Tue, 25 Jul 2023 09:39 PM (IST)

झारखंड सरकार ने मंगलवार को 14 आइएएस अधिकारियों का तबादला कर दिया है। इनमें कई जिलों के उपायुक्त नए लोग ...और पढ़ें

Jharkhand: देवघर, धनबाद समेत 14 जिलों के डीसी बदले, मंजूनाथ भजंत्री को मिली जमशेदपुर की कमान
Jharkhand: देवघर, धनबाद समेत 14 जिलों के डीसी बदले, मंजूनाथ भजंत्री को मिली जमशेदपुर की कमान

HighLights

  1. 14 आइएएस अधिकारियों का तबादला कर दिया है। इनमें कई जिलों के उपायुक्त नए लोग बने तो कई को मुख्यालय में भेजा गया है।
  2. जिन अधिकारियों को कोई दायित्व नहीं मिला है वो कार्मिक विभाग में अपना योगदान देंगे।

राज्य ब्यूरो, रांची:  झारखंड सरकार ने मंगलवार को 14 आइएएस अधिकारियों का तबादला कर दिया है। इनमें कई जिलों के उपायुक्त नए लोग बने तो कई को मुख्यालय में भेजा गया है।

जिन अधिकारियों को कोई दायित्व नहीं मिला है वो कार्मिक विभाग में अपना योगदान देंगे। तबादला सूची इस प्रकार है :

क्रम नाम पहले  अब
1. ए. दोड्डे    डीसी पलामू डीसी दुमका
2.  मंजूनाथ भजंत्री डीसी देवघर डीसी जमशेदपुर
3.  रविशंकर शुक्ला डीसी दुमका डीसी सरायकेला खरसावां
4.  शशि भूषण मेहरा डीडीसी गिरिडीह डीसी जामताड़ा
5.  मृत्यंजल वर्णवाल निबंधक सहयोग समितियां डीसी पाकुड़
6.  अजय कुमार सिंह निदेशक जियाडा डीसी सिमडेगा
7.  शशि रंजन डीसी खूंटी डीसी पलामू
8.  वरुण रंजन डीसी पाकुड़ डीसी धनबाद
9.  कर्ण सत्यार्थी उत्पाद आयुक्त डीसी गुमला
10. मेघा भारद्वाज संयुक्त सचिव, स्वास्थ्य विभाग कोडरमा डीसी
11. चंदन कुमार निदेशक, कृषि रामगढ़ डीसी
12. हिमांशु मोहन संयुक्त सचिव, पर्यटन लातेहार डीसी
13. विशाल सागर निदेशक, सूचना प्रोद्यौगिकी डीसी देवघर
14.  लोकेश मिश्रा आदिवासी कल्याण आयुक्त डीसी खूंटी

                  

अलकतरा घोटाले के 2 आरोपियों को नहीं मिली राहत

इधर, ईडी के विशेष न्यायाधीश पीके शर्मा की अदालत ने 1.08 करोड़ रुपये के अलकतरा घोटाले की राशि का मनी लांड्रिंग करने के आरोपित कोलकाता निवासी महेश मेहरा एवं नागवंत पांडे को राहत देने से इंकार कर दिया।

दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद अदालत ने दोनों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। याचिका पर सुनवाई के दौरान ईडी के वकील शिव कुमार काका ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि दोनों आरोपितों और उनके निगमों या फर्मों ने मेसर्स कौशल्या इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लि. के माध्यम से दूसरों के साथ आपराधिक साजिश रची है।

26 फर्जी अलकतरा चालान प्रस्तुत कर 1.08 करोड़ रुपये की अवैध निकासी कर ली। 2004-06 के दौरान आरसीडी डाल्टनगंज द्वारा दिए गए परवा-गढ़वा रोड के सुदृढ़ीकरण कार्य दौरान अवैध निकासी कर ली थी। इसके बाद अदालत ने याचिका खारिज कर दी। दोनों ने मई व जून में याचिका दाखिल की थी।