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'10 सालों में 89 पेपर लीक, 48 बार दोबारा करानी पड़ी परीक्षा', कांग्रेस ने मोदी सरकार पर बोला हमला

Published: Wed, 24 Jun 2026 01:24 AM (IST)

झारखंड कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर पिछले 10 सालों में 89 पेपर लीक होने और 48 बार परीक्षा रद्द होने ...और पढ़ें

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HighLights

  1. कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर पेपर लीक को लेकर हमला बोला।

  2. पिछले 10 सालों में 89 पेपर लीक, 48 बार परीक्षा रद्द हुई।

  3. नीट, यूजीसी नेट समेत कई परीक्षाओं में धांधली से छात्र प्रभावित।

राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड कांग्रेस कमेटी के मीडिया विभाग ने मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस कर केंद्र सरकार पर हमला बोला है। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में प्रदेश मीडिया विभाग के चेयरमैन सतीश पाल मुंजनी, प्रदेश मीडिया संयोजक लाल किशोरनाथ शाहदेव, प्रदेश मीडिया संयोजक डॉ. एम तौसीफ और प्रवक्ता सोनाल शांति ने संबोधित करते हुए पिछले दस वर्षों में पेपर लीक के मामलों के आधार पर केंद्र सरकार को कठघरे में खड़ा किया।

वक्ताओं ने देश में परीक्षाओं की बदहाली, बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था के गिरते स्तर पर गहरी चिंता व्यक्त की। कहा कि साल 2014 से 2024 के बीच देश में लगभग 89 पेपर लीक के मामले सामने आए, जिसके कारण 48 बार दोबारा परीक्षाएं करानी पड़ीं।

5 सालों में 41 पेपर लीक 

उन्होंने कहा कि महज पांच वर्षों में 15 राज्यों के भीतर 41 पेपर लीक हुए। इससे एक लाख से कुछ अधिक पदों के लिए संघर्ष कर रहे करीब 1.4 करोड़ अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटक गया, जबकि सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 में तीन से 10 साल की कैद और 10 लाख से एक करोड़ रुपये तक के भारी जुर्माने का नियम है।

इसके बावजूद राजस्थान समेत कई राज्यों में पेपर लीक नहीं रुके, जो यह दर्शाता है कि सिर्फ कानून बना देने से जमीन पर बदलाव नहीं आया।

छात्रों को हुई परेशानी

वक्ताओं ने कहा कि सिर्फ चार बड़ी परीक्षाओं में हुई धांधली के कारण एक करोड़ से ज्यादा छात्र प्रभावित हुए। नीट यूजी 2026 के लगभग 24 लाख अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हुए और अब मामला सीबीआई जांच और सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा।

इसी तरह से यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती 2024 पेपर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद परीक्षा रद हुई, जिससे 48 लाख छात्र प्रभावित हुए।

सीटेट 2021 पेपर लीक की वजह से 28 लाख से अधिक उम्मीदवारों को झटका लगा। यूजीसी नेट 2024 परीक्षा होने के अगले ही दिन इसे रद करना पड़ा, जिससे 11 लाख छात्र प्रभावित हुए और दोबारा परीक्षा हुई।

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