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    Jharkhand: 1.36 लाख करोड़ बकाया पर छिड़ा संग्राम, झामुमो ने कहा- एक ढेला कोयला बाहर नहीं जाने देंगे

    झारखंड सरकार और केंद्र सरकार के बीच कोयला रॉयल्टी के 1.36 लाख करोड़ रुपये के बकाए को लेकर विवाद गहरा गया है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने चेतावनी दी है कि अगर केंद्र सरकार ने बकाया नहीं चुकाया तो राज्य से एक भी ढेला कोयला बाहर नहीं जाने दिया जाएगा। झामुमो महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि कोयला और जमीन हमारी है और हम इसे छोड़ने वाले नहीं हैं।

    By Pradeep singh Edited By: Rajat Mourya Updated: Tue, 17 Dec 2024 06:52 PM (IST)
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    1.36 लाख करोड़ बकाया पर छिड़ा संग्राम

    राज्य ब्यूरो, रांची। कोयला रॉयल्टी के 1.36 लाख करोड़ रुपये बकाये को लेकर केंद्र सरकार के इन्कार के बाद सियासी संग्राम छिड़ गया है। सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने चेतावनी दी है कि केंद्र नाटक बंद करे नहीं तो राज्य से एक ढेला कोयला बाहर नहीं जाएगा। झामुमो महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि कोयला और जमीन हमारी है। हमलोग अब छोड़ने वाले नहीं हैं। चुनाव में भी हमने औकात बतायी है।

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    उन्होंने कहा कि राजमहल से लेकर राजधनवार तक एक ढेला कोयला भी राज्य से बाहर नहीं जाएगा। भाजपा के नेता गलतफहमी पैदा कर रहे हैं। उन्हें समझ लेना चाहिए कि यह झारखंड के लोगों का पैसा है। कोल इंडिया के अधिकारी भी इसे सुन लें। यह पैसा आपका नहीं है। हम अपना हक और अधिकार लेना जानते हैं। पहले बकाया देंगे, तभी खदानों में फावड़ा चलेगा।

    उन्होंने भाजपा के सांसदों को निशाने पर लेते हुए कहा कि सारे गूंगे और बहरे हो गए हैं। पूरा का पूरा विस्थापन का दंश और पर्यावरण का नुकसान झारखंड झेले। हमारे जंगल काटे गए। कई बीमारियां हुई। राज्य सरकार ने बता दिया है कि किस मद में कितना पैसा बकाया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लिखे पत्र में भी सारा ब्योरा दिया है। इन्हें नाटक नहीं करना चाहिए। झारखंड के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट का भी निर्णय आया।

    झामुमो महासचिव ने क्रमवार गिनाते हुए कहा कि कोविड समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने तत्कालीन कोयला मंत्री पीयूष गोयल को पत्र लिखकर रायल्टी बकाया मांगा। तत्कालीन कोयला मंत्री रांची आएं। उन्होंने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर सार्वजनिक तौर पर कहा कि जल्द से जल्द बकाया देंगे। एक खुला पत्र प्रधानमंत्री को मुख्यमंत्री ने लिखा, जिसमें विस्तार से बकाया की जानकारी दी गई।

    राज्य सरकार ने कहा - कोल इंडिया 15 दिनों में करे स्पष्ट

    कोयला रायल्टी बकाया पर राज्य सरकार की गतिविधियां भी तेज हो गई है। भूमि सुधार एवं राजस्व विभाग ने एक पत्र जारी कर कोल इंडिया को 15 दिनों के अंदर स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। उल्लेखनीय है कि लोकसभा में केंद्र सरकार ने लिखित जानकारी देकर कहा है कि झारखंड का केंद्र पर कोई बकाया नहीं है।

    आरंभ हो सकती है कानूनी लड़ाई

    केंद्र पर कोयला रॉयल्टी बकाया को लेकर विवाद कानूनी चौखट पर जा सकती है। राज्य सरकार ने इस संबंध में निर्णय किया है। कैबिनेट की बैठक में इस आशय का फैसला हो चुका है कि सरकार कानूनी मोर्चे पर लड़ाई लड़ेगी।

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