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तो पांच लाख लोगों को मिलेगा रोजगार... झारखंड में 34 कोयला खदानों की नीलामी, सिर्फ 7 में खनन

Published: Thu, 08 Oct 2026 07:45 AM (GMT+05:30)

झारखंड में 34 कोयला खदानों की नीलामी की गई है, लेकिन पांच साल बाद भी इनमें से केवल सात खदानों ...और पढ़ें

दुमका, गोड्डा, बोकारो, रांची, रामगढ़, हजारीबाग, चतरा, लातेहार और पलामू में हैं सभी खदान।

दुमका, गोड्डा, बोकारो, रांची, रामगढ़, हजारीबाग, चतरा, लातेहार और पलामू में हैं सभी खदान।

HighLights

  1. झारखंड में कुल 34 कोयला खदानों की नीलामी की गई है।

  2. नीलामी के बाद भी केवल 7 खदानों में ही खनन शुरू हो सका।

  3. सभी खदान चालू होने पर 5 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा।

अश्विनी रघुवंशी, रांची। झारखंड के दुमका, गोड्डा, बोकारो, रांची, रामगढ़, हजारीबाग, चतरा, लातेहार और पलामू जिले में भूगर्भ के नीचे पड़े
काला सोना अर्थात कोयला के 34 खदानों की भारत सरकार ने चरणबद्ध तरीके से नीलामी कर दी है। तकरीबन पांच साल हो गुजर चुके हैं।

नीलाम हुए सिर्फ सात खदान ऐसे हैं जहां से कोयला का खनन शुरू हो सका है। सारे खदानों से खनन शुरू हो जाय तो झारखंड की पांच लाख आबादी को प्रत्यक्ष और परोक्ष तौर पर रोजगार मिल सकेगा। खदानों को चालू करने की प्रारंभिक शर्त 17 तरह की अनापत्ति है।

स्थानीय समस्याओं से निपटना अलग मसला है। झारखंड सरकार का खान एवं भूतत्व विभाग को अनुमान है कि 2027 में झारखंड में कुछ और कोयला खदान चालू हो जाएंगे। खदान की लीज की अवधि 30 साल है।

नीलामी के बाद यहां खनन शुरू

  • बोकारो : पर्वतपुर (जेएसडब्ल्यू स्टील लिमिटेड), सीतानाला (जेएसडब्ल्यू स्टील लिमिटेड)
  • गोड्डा : जीतपुर (तेर्री माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड),
  • पलामू : राझरा नार्थ (फेयरमाइन कार्बन),
  • हजारीबाग : बादाम (एनटीपीसी), मोइत्रा (जेएसडब्ल्यू स्टील)
  • लातेहार : तुबेद (डीवीसी)

अभी चालू नहीं हुए ये खदान

  1. हजारीबाग : रोहने (एनएमडीसी), तोकीसुद नार्थ (एमएमडीसी), गाउंडुलपारा (अडाणी इंटरप्राइजेज लिमिटेड), तोकीसूद ब्लाक टू (ट्वेंटी फर्स्ट सेंचुरी माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड), नार्थ दाधू वेस्ट (एनएलसीआइएल), नार्थ दांधू इस्ट (एनटीपीसी लिमिटेड), बाबूपारा (रूंगटा संस प्राइवेट लिमिटेड), डुमरी कोल ब्लाक (हिंडालको इंडस्ट्रीज लिमिटेड), कोटरे बसंतपुर (सीआइएल एवं सीसीएल)
  2. रामगढ़ : चोरीटांड तिलाया (रूंगटा मेटल्स प्राइवेट लिमिटेड), सुगिया कोल ब्लाक (जेएसएमडीसी), रौता क्लोज्ड माइंस (श्री सत्य माइंस प्राइवेट लिमिटेड), बसंतपुर कोल माइंस (गंगारामचक माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड), बुराखाप स्माल पैच (श्री सत्य माइंस प्राइवेट लिमिटेड), बिंजा कोल माइंस (असम मिनरल्स डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड)।
  3. लातेहार : चकला (हिंडालको इंडस्ट्रीज लिमिटेड), बनहारडीह (पीवीयूएनएल), राजबर ईएंडडी (टीवीएनएल), कल्याणपुर बादलपाड़ा (पीवीयूएनएल)
  4. पलामू : मेराल (त्रिमुला इंडस्ट्रीज लिमिटेड),
  5. दुमका : सहरपुर जमरीपानी (यूपी राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड), ब्राहिनी और चिचरो (सीआइएल एवं इसीएल), पचवारा साउथ (एनयूपीपीएल), अमरकुंडा मुर्गदंगाल (इसीएल)
  6. हजारीबाग एवं चतरा : बृंदा एवं ससई (डालमिया सीमेंट भारत लिमिटेड)
  7. रामगढ़ एवं बोकारो : जोगेश्वर एवं खास जोगेश्वर (साउथ वेस्ट पिनक्कल एक्सप्लोरेशन लिमिटेड)
  8. रांची एवं रामगढ़ : पतल ईस्ट ईस्टर्न पार्ट (आरसीआर स्टील वर्क्स प्राइवेट लिमिटेड)

(यह जिला, कोल ब्लाक और नीलामी लेने वालों की सूची है)

झारखंड को कोयले की कीमत का 14 फीसद रायल्टी मिलेगी

कोयला के लिए राज्य सरकार की हिस्सेदारी का फार्मूला बना हुआ है। एक टन कोयला की कीमत की 14 फीसद रकम झारखंड सरकार को रायल्टी के तौर पर मिलेगी। मगर यह इतना आसान नहीं है। कोयला की गुणवत्ता 17 तरह की निर्धारित है।

ग्रेड वन का कोयला झारखंड में नहीं है। ग्रेड दो से सत्रह मानक के कोयला की कीमत अलग अलग है। उसी हिसाब से रायल्टी की गणना होती है। हां, सभी खदान चालू हो जाएंगे तो झारखंड का खजाना तेजी से भरेगा। वैसे अभी झारखंड में कुल 159 कोयला खदान है जिनके सार्वजनिक उपक्रमों के पास है।

कोयला का खनन करना है तो 17 तरह की अनापत्ति चाहिए

कोयला मंत्रालय से परियोजना आवंटन आदेश, माइनिंग प्लान एवं माइन क्लोजर प्लान, राज्य सरकार के खान एवं भूतत्व विभाग से माइनिंग लीज दस्तावेज, भूमि उपयोग परिवर्तन अनुमति, वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से पर्यावरण मंजूरी, वन भूमि क्लियरेंस, वाइल्ड लाइफ मैनेजमेंट प्लान, प्रदूषण नियंत्रण पर्षद से स्थापना सहमति, संचालन सहमति चाहिए।

साथ ही केंद्रीय भूजल प्राधिकरण से भूजल उपयोग अनापत्ति, राज्य के जल संसाधन विभाग से सतही जल उपयोग अनापत्ति, खान सुरक्षा महानिदेशालय से अनापत्ति, सुरक्षा प्रबंधन योजना, ग्रेड विश्लेषण, बिजली कनेक्शन, कोयला परिवहन, पुनर्वास एवं विस्थापन योजना और श्रम व रोजगार पंजीकरण दस्तावेज लेना होगा। झारखंड की 27 खदान तभी चालू होगी जब इन दस्तावेजों का जुगाड़ हो जाएगा। इंतजार कीजिए।

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