रांची, [जागरण स्‍पेशल]। झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने मंगलवार को अपना पहला बजट पेश किया। इसमें गांव-गरीब और किसानों पर जमकर नेमतें लुटाईं। सरकार ने अपना खजाना खोलते हुए नए वित्‍तीय वर्ष 2020-21 के लिए 10 बड़ी योजनाओं की शुरुआत की घोषणा की। तोहफों की इस बरसात में हर तबके को भिंगोने की पूरी कोशिश की गई है। आइए यहां विस्‍तार से जानते हैं हेमंत सरकार की 10 अहम योजनाओं के बारे में ...

1- आयुष्मान योजना की तर्ज पर सभी को स्वास्थ्य बीमा का लाभ

आयुष्मान भारत योजना की तर्ज पर राज्य सरकार एपीएल परिवारों को भी स्वास्थ्य बीमा योजना से जोड़ते हुए उन्हें पांच लाख रुपये तक स्वास्थ्य बीमा मुहैया कराएगी। हालांकि इसका लाभ राज्य व केंद्र सरकार के नियमित कर्मियों को नहीं मिलेगा। एक लाख रुपये तक का वहन बीमा कंपनियों द्वारा किया जाएगा। जबकि एक लाख रुपये से अधिक व पांच लाख रुपये तक की राशि में से 50 प्रतिशत राशि लाभुक परिवार द्वारा इलाज के उपरांत अस्पताल को डिस्चार्ज से पूर्व की जाएगी जबकि शेष 50 प्रतिशत राशि का भुगतान राज्य सरकार अस्पतालों को करेगी। इसे ऐसे समझिए कि यदि आपके इलाज में पांच लाख रुपये खर्च हुए तो एक लाख बीमा कंपनी देगी, दो लाख सरकार व दो लाख का वहन लाभुक को खुद करना होगा। इस योजना के माध्यम से हेमंत सरकार ने राज्य के हर व्यक्ति को स्वास्थ्य बीमा से जोडऩे की पहल की है। 

2- 100 यूनिट तक बिजली मुफ्त

सरकार ने राज्य की जनता को फ्री बिजली का तोहफा दिया है। हालांकि मुफ्त बिजली के लाभ की सीमा 100 यूनिट तक ही होगी। इतना ही नहीं इसका लाख सिर्फ उन्हीं घरेलू उपभोक्ताओं को मिलेगा जो प्रति माह बिजली की खपत 300 यूनिट तक करते हैं। यदि 300 यूनिट तक बिल आता है तो उपभोक्ता को महज 200 यूनिट का ही भुगतान करना होगा। स्पष्ट है कि 301 यूनिट की खपत करने वाले सरकार की इस सुविधा का लाभ हासिल नहीं कर पाएंगे। 

3- अल्पकालिक कृषि ऋण राहत योजना

राज्य सरकार की इस योजना को मास्टर स्ट्रोक माना जा रहा है। यह योजना जहां किसानों को ऋण से उबारने का प्रयास करेगी वहीं, पूर्व सरकार की कृषि आशीर्वाद योजना की भरपाई भी करेगी। अल्पकालिक कृषि ऋण राहत योजना के मद में राज्य सरकार ने दो हजार करोड़ का प्रावधान किया है। पूर्व की सरकार ने मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना के लिए भी इतनी ही राशि का प्रावधान किया था। इस योजना के माध्यम से सरकार किसानों के पचास हजार तक के कर्ज की अदायगी खुद करेगी। जाहिर है यदि किसी किसान पर दो लाख का कर्ज है तो सरकार सिर्फ डेढ़ लाख तक कर्ज की भरपाई करेगी। इससे ऊपर का कर्ज किसान को खुद उतारना होगा। कर्ज माफी योजना से कृषि क्षेत्र में ऋण प्रवाह तेज होने की संभावना जताई जा रही है। बैंकों का कर्ज अदा होने के बाद वे किसानों को नए सिरे से कर्ज दे सकेंगे। बैंकों के एनपीए में भी गिरावट दर्ज होने की भी संभावना है। 

4- मुख्यमंत्री कैंटीन योजना

यह योजना मुख्यमंत्री दाल-भात योजना का ही बदला हुआ रूप है। मुख्यमंत्री दाल-भात योजना के तहत राज्य में 377 केंद्रों पर पांच रुपये की दर से गरीब व्यक्तियों को एक समय का भोजन उपलब्ध कराया जाता है। नाम बदलने के साथ ही इन केंद्रों को सुदृढ़ किया जाएगा और ग्रामीण क्षेत्रों में नए केंद्र खोलते हुए इसका विस्तार किया जाएगा। इस मद में 70 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। जाहिर है योजना का नाम बदलते हुए इसका विस्तार ग्रामीण क्षेत्रों तक किया जाएगा। 

5- मुख्यमंत्री विशेष छात्रवृत्ति और छात्राओं को मुफ्त तकनीकी शिक्षा

मुख्यमंत्री छात्रवृत्ति योजना के तहत कक्षा-1 से 12 तक सभी छात्रों को विशेष छात्रवृत्ति योजना के तहत छात्रवृत्ति का भुगतान किया जाएगा। हालांकि इस लाभ के दायरे में वही छात्र आएंगे जिन्हें किसी भी तरह की छात्रवृत्ति नहीं मिलती है। यदि किसी अन्य योजना के तहत बच्चों छात्रवृत्ति मिल रही है तो वे इस विशेष योजना का लाभ नहीं उठा सकेंगे। छात्रवृत्ति के तहत बच्चों को कितनी राशि दी जाएगी यह विभाग के स्तर से बाद में तय किया जाएगा। वहीं, छात्राओं को नि:शुल्क तकनीकी शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता भी मुहैया कराई जाएगी। इस दायरे में भी वही छात्राएं आएंगी जिन्हें किसी अन्य मद से लाभ हासिल नहीं हो रहा है। यह सहायता सिर्फ सरकारी संस्थाओं से तकनीकी शिक्षा हासिल करने वाली छात्राओं को ही मिलेगा। 

6- प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 50 हजार की अतिरिक्त सहायता

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत किए गए आवासों के लिए राज्य सरकार अपने कोष से 50 हजार रुपये की अतिरिक्त राशि लाभुक को देगी। स्पष्ट है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत भारत सरकार से तो लाभुक को राशि मिलेगी ही साथ ही राज्य सरकार अपनी ओर से भी पचास हजार रुपये देगी। इसमें यह भी प्रावधान किया गया है कि लाभुक झारखंड की पृष्ठभूमि को देखते हुए स्थानीय तरीके से घर बना सकता है। 

7- 50 वर्ष से ऊपर के 10 लाख छूटे हुए लोगों को अतिरिक्त राशन

राज्य सरकार राशन कार्ड से वंचित 50 वर्ष से ऊपर के दस लाख लोगों को अतिरिक्त राशन उपलब्ध कराएगी। अगले वित्तीय वर्ष से शुरू होने वाली इस योजना के दायरे से किसी वर्ग विशेष को बांधा नहीं गया है। इस योजना के तहत वंचित बुजुर्ग समुदाय को जोड़ा जाएगा। इस वर्ग के दायरे में वहीं लोग आएंगे जिन्हें किसी अन्य योजना से राशन की आपूर्ति नहीं हो रही है। 

8- विधायकों की अनुशंसा पर पंचायतों में लगेंगे हैंडपंप

राज्य में गिरते भू-गर्भ जल स्तर को देखते हुए नए हैंडपंप लगाने पर रोक लगाई गई थी। लेकिन मौजूदा जल संकट को देखते हुए विधायकों की अनुशंसा पर हैंडपंप लगाए जाएंगे। हालांकि भू-गर्भ जल का अतिदोहन न हो इसके लिए यह भी तय किया गया है कि किसी भी पंचायत में पांच से अधिक नए हैंडपंप और कुएं का निर्माण नहीं किया जाएगा। इसके लिए बजट में 200 करोड़ की राशि का प्रावधान किया गया है। इस योजना के माध्यम से दोहरे हित साधे जाएंगे। हैंडपंप या कुएं से पानी की व्यवस्था सुगम होगी वहीं, बतौर जन प्रतिनिधि विधायक का जनता से जुड़ाव भी होगा। 

9- जनजातीय विश्वविद्यालय व झारखंड ओपेन यूनिवर्सिटी

उच्च शिक्षा के बजट में जनजातीय विश्वविद्यालय तथा झारखंड ओपेन यूनिवर्सिर्टी की स्थापना का प्रस्ताव है। राज्य में जनजातीय विश्वविद्यालय की स्थापना की मांग कई वर्षों से उठती रही है। इससे पहले केंद्र से इस विश्वविद्यालय की स्थापना का अनुरोध किया जाता रहा। राज्य सरकार ने पहली बार राज्य बजट में इसके लिए प्रावधान किया। झारखंड ओपेन यूनिवर्सिटी की स्थापना से उन विद्यार्थियों का लाभ होगा जो किसी कारण से नियमित कॉलेजों या विश्वविद्यालयों में नामांकन नहीं ले पाते। यह यूनिवर्सिटी नालंदा ओपेन यूनिवर्सिटी की तर्ज पर खुलेगी। 

10 - लुंगी, धोती एवं साड़ी योजना से साल में दो बार मिलेंगे कपड़े

राज्य सरकार ने प्रदेश में गरीबी रेखा के नीचे बसर करनेवाले लोगों को भोजन के साथ-साथ कपड़े मुहैया कराने के लिए एक बार फिर लुंगी, धोती और साड़ी योजना को लागू किया है। यह योजना राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम से आच्छादित अंत्योदय एवं पात्र गृहस्थ योजना के लगभग 57 लाख परिवारों को खाद्यान्न के अलावा लुंगी, धोती एवं साड़ी मुहैया कराएगी। इसके लिए वर्ष में दो बार 10-10 रुपये का भुगतान कर लाभुक कपड़े ले सकते हैं। इस मद में सरकार पर 200 करोड़ रुपये का वित्तीय बोझ आएगा लेकिन बड़ी संख्या में गरीब आबादी प्रभावित और लाभान्वित होगी।

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