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    Jharkhand Assembly Election Date: झारखंड में चुनाव की तारीखों का आज हो सकता है एलान, ECI करेगा प्रेस कॉन्फ्रेंस

    Updated: Fri, 16 Aug 2024 10:03 AM (IST)

    Jharkhand Assembly Election Date 2024 शुक्रवार दोपहर तीन बजे भारत निर्वाचन आयोग देश के कई राज्यों में आयोजित होने वाले विधानसभा चुनाव की तारीखों का एलान कर सकता है। माना जा रहा है कि इसी क्रम झारखंड विधानसभा चुनाव की तारीख की भी घोषणा हो सकती है। दोपहर तीन बजे भारतीय चुनाव आयोग चुनाव की तारीखों के संबध में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करेगा।

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    भारत निर्वाचन आयोज आज झारखंड के विधानसभा चुनाव की तारिखों का करेगा एलान

    राज्य ब्यूरो, रांची। Jharkhand Vidhan Sabha Chunav 2024 Date देश के चार राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव की तारीखों को लेकर भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission Of India) आज प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगा।

    निर्वाचन आयोग शुक्रवार को दोपहर तीन इस प्रेस वार्ता को आयोजित करने जा रहा है। इसमें विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा की जाएगी। इस दौरान हरियाणा और जम्मू-कश्मीर के चुनाव की तारीखों की घोषणा हो सकती है। 

    माना जा रहा है, इसी क्रम में झारखंड में भी विधानसभा चुनाव की तिथि की भी एलान हो सकता है। बता दें कि ऐसा हुआ तो राज्य में निर्धारित समय से पहले चुनाव संपन्न हो सकते हैं।

    कब कौन-से राज्य की विधानसभा का होगा कार्यकाल खत्म

    बता दें कि झारखंड में मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल आगामी पांच जनवरी 2025 तक है। यह‌ भी उम्मीद लगाई जा रही है कि आज सिर्फ हरियाणा और जम्मू-कश्मीर के चुनाव की ही घोषणा की जा सकती है।

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    बता दें कि हरियाणा विधानसभा का कार्यकाल 3 नवंबर 2024 को और महाराष्ट्र विधानसभा का कार्यकाल 26 नवंबर 2024 को खत्म हो रहा है।

    पिछली बार कब हुए थे विधानसभा चुनाव

    पिछली बार झारखंड में साल 2019 में विधानसभा चुनाव हुए थे। यह चुनाव पांच चरणों में आयोजित कराए गए थे। इसमें पहला चरण 30 नवंबर, दूसरा चरण 07 दिसंबर, तीसरा चरण 12 दिसंबर, चौथा चरण 16 दिसंबर और पांचवां चरण 20 दिसंबर 2019 को आयोजित किया गया था। 

    झारखंड के विधानसभा चुनाव के नतीजों की घोषणा 23 दिसंबर 2019 को की गई थी। इसके बाद जेएमएम, राजद और कांग्रेस के गठबंधन की सरकार बनी थी और हेमंत सोरेन मुख्यमंत्री बने थे।

    2019 में झारखंड में हुए विधानसभा चुनाव में महागठबंधन को 81 में से 47 सीटें मिली थीं। इसमें झामुमो को 30, कांग्रेस को 16 और राजद को 1 सीट मिली थी। वहीं, शेष सीटें एनडीए के खाते में आई थीं। इनमें बीजेपी को 37 सीटें प्राप्त हुई थीं, जेवीएम (पी) को 3, आजसूपी को 2 और अन्य को 4 सीटें प्राप्त हुई थीं।

    दो बार मुख्यमंत्री बने हेमंत सोरेन

    बता दें कि झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन साल 2019 से लेकर 2024 के बीच दो बार सीएम पद की शपथ ले चुके हैं। 29 दिसंबर 2019 को उन्होंने जेएमएम, राजद और कांग्रेस की गठबंधन वाली सरकार में झारखंड के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी।

    इसके बाद जमीन घोटाले मामले में सीएम हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी हुई थी। उनके आवास से 36 लाख रुपये से अधिक की नकदी के साथ-साथ भूमि के कथित अधिग्रहण की चल रही जांच से जुड़े दस्तावेज भी बरामद हुए थे। इन आरोपों और गिरफ्तारी के कारण उन्हें इस्तीफा देना पड़ा था।

    ईडी ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जेल जाने से पहले उन्होने सीएम पद से इस्तीफा दिया और उनकी जगह पर चंपई सोरेन को प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया गया।

    हालांकि, पांच महीने जेल में रहने के बाद हेमंत सोरेन का कोर्ट से जमानत मिली और बीती 28 जून को वह बाहर आ गए। इसके बाद हेमंत सोरेन ने महागठबंधन की सरकार में दूसरी बार सीएम पद की शपथ ली। बता दें कि हेमंत सोरेन अब तक कुल तीन बार सीएम पद की शपथ ले चुके हैं। 

    भाजपा की क्या है तैयारी?

    बहरहाल, झारखंड में होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारी की बात करें तो भारतीय जनता पार्टी इस मामले में आगे बढ़ रही है। 

    पुरानी घटनाओं पर नजर डालें तो हर चुनाव के पहले भाजपा विपक्षी पार्टी को झटका देने के लिए उसके कई कद्दावर नेताओं को अपनी तरफ लाती रही है। साल 2019 में हुए झारखंड विधानसभा चुनाव के पहले भी ऐसा ही देखने को मिला था।

    उस दौरान चुनाव से पहले सुखदेव भगत कांग्रेस और कुणाल षाडंगी एवं जेपी पटेल झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। हालांकि, तीनों नेताओं ने बाद में भाजपा को अलविदा कह दिया था।

    सियासी जानकारों का कहना है कि अब झारखंड के आने वाले चुनावों के लिए भी भाजपा अपनी रणनीति तैयार करने में जुट गई है। इसके तहत झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस को फिर झटका मिल सकता है।

    उधर, भाजपा के रणनीतिकारों का कहना है कि चुनाव पर भले ही इसका कुछ खास प्रभाव न पड़े, लेकिन प्रतिद्वंद्वी पर मनोवैज्ञानिक बढ़त के लिए यह कवायद आवश्यक है।

    चंपई सोरेन पर खास नजर

    इधर, सियासी गलियारों में एक चर्चा और है। चर्चा यह है कि इस बार झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रहे चंपई सोरेन पर भाजपा की खास नजर है। इस कारण ही भाजपा के नेता उनकी तारीफों करते दिख रहे हैं।

    वहीं, चंपई सोरेन को शिबू सोरेन परिवार का विश्वस्त माना जाता है। मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद और हेमंत सोरेन के दोबारा सीएम बनने के बाद वे कैबिनेट में मंत्री बनाए गए हैं।

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