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    झारखंड विधानसभा का शीतकालीन सत्र आज से शुरू, हेमंत सरकार को कई मुद्दों पर घेर सकती है भाजपा, होगा जमकर हंगामा

    By Jagran NewsEdited By: Arijita Sen
    Updated: Mon, 19 Dec 2022 11:51 AM (IST)

    झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र का आगाज आज से होने जा रहा है। इस दौरान विपक्ष के कई मुद्दों पर हेमंत सरकार को घेरने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि इसे लेकर सत्‍ता भी पूरी तरह से तैयार है।

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    झारखंड विधानसभा का शीतकालीन सत्र आज से शुरू

    राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड विधानसभा का शीतकालीन सत्र सोमवार से शुरू होगा। पूर्व की तरह इस बार भी सत्र के हंगामेदार होने की संभावना है। हालांकि, पहले दिन शोक प्रकाश तथा राज्यपाल द्वारा प्रख्यापित अध्यादेशों की प्रमाणित प्रति ही सदन के पटल पर रखी जानी है। मंगलवार से विपक्ष नियुक्ति नियमावली रद्द होने, साहिबगंज में अवैध माइनिंग तथा कानून-व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार के विरुद्ध हमलावर हो सकता है। इस सत्र में विपक्ष को कई ऐसे मुद्दे मिले हैं, जिनसे सरकार को घेरे जाने की संभावना है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, सत्र के दूसरे दिन 20 दिसंबर को प्रश्नकाल होगा। साथ ही वित्तीय वर्ष 2022-23 का दूसरा अनुपूरक बजट प्रस्तुत किया जाएगा।

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    उठेगा माध्यमिक शिक्षकों के प्रवर वेतनमान का मामला

    माध्यमिक शिक्षकों को प्रवर वेतनमान देने के लिए गलत ढंग से स्नातकोत्तर अनिवार्य किए जाने के प्रविधान किए जाने के विरोध में शिक्षक एकजुट हो रहे हैं। रविवार को प्रवरण वेतनमान संघर्ष मोर्चा की राज्यस्तरीय बैठक हरमू स्थित स्वागतम वैंकट हाल में हुई, जिसमें विधानसभा के शीत सत्र में विधायकों के माध्यम से यह मामला उठाने पर चर्चा हुई।

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    विपक्ष के सवालों का जवाब देने के लिए तैयार हेमंत के विधायक

    विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान नियोजन नीति पर हंगामे के आसार को देखते हुए सत्ताधारी गठबंधन ने भी पुख्ता तैयारी की है। सत्ता पक्ष के विधायकों की रविवार को मुख्यमंत्री आवास में हुई संयुक्त बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि हमें भाजपा के आरोपों का मजबूती से जवाब देने के लिए पूरी तरह से तैयार रहना है। विधायक पूरी तैयारी से आएं और विपक्ष के आरोपों का सटीक जवाब दें।

    विधायकों की बैठक में कई विषयों पर हुई चर्चा

    कांग्रेस विधायक दल के नेता आलमगीर आलम ने कहा कि बैठक के दौरान कई विधेयकों तथा द्वितीय अनुपूरक बजट को सदन में पेश करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। इस दौरान भाजपा और आजसू नेताओं के आरोपों का जवाब देने की भी तैयारी की गई। सरकार ने तय किया है कि नियोजन नीति पर विपक्ष को मुंहतोड़ जवाब देने के क्रम में यह संदेश देने की भी कोशिश हो कि सरकार स्थानीय लोगों को अधिक से अधिक रोजगार देने के पक्ष में है। इसी को ध्यान में रखकर नीति बनाई गई थी।

    सत्र को लेकर भाजपा प्रदेश कार्यालय में रविवार को बैठक

    इधर, विधानसभा के शीतकालीन सत्र की तैयारियों को लेकर रविवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में रविवार को पार्टी विधायक दल की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने की। बैठक के बाद भाजपा के मुख्य सचेतक बिरंची नारायण ने कहा कि सरकार की मंशा साफ नही है।

    खनिज घोटाले की तरह 1932 के खतियान आधारित स्थानीय नीति के नाम पर सरकार ने जनभावना घोटाला किया है। वर्ष 2002 में ही बाबूलाल मरांडी ने 1932 आधारित नियोजन नीति को लागू किया था, जिसे उच्च न्यायालय ने विस्तृत समीक्षा के बाद लागू करने के सुझाव दिए थे।

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