रांची, राज्य ब्यूरो। Jharkhand Budget Session 2021 झारखंड विधानसभा (Jharkhand Assembly) का बजट सत्र शुरू हो गया है। इससे पहले आज राज्यपाल द्रोपदी मुर्मू ने अपने 44 मिनट के अभिभाषण में सरकार के योजनाओं व कार्यों की तारीफ की। उन्होंने कहा कि सरकार ने जनहित में कई कार्य किए हैं। इसकी हर जगह प्रशंसा हो रही है। सरकार का मूलमंत्र विकास है। सभी वर्गों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा है। सबकी सहभागिता विकास में सुनिश्चित की जा रही है। सभी क्षेत्रों पर सरकार का फोकस। अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यकों पर खास फोकस।

राज्यपाल ने कहा कि भ्रष्टाचार पर सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति है। निगरानी तंत्र को सशक्त किया जा रहा है। औद्योगिक शांति के लिए सरकार प्रयत्नशील है। लंबित समस्याओं का समाधान भी कर रही है। कोरोना संक्रमण काल में सामूहिक किचन का संचालन किया गया। दूसरे राज्य में फंसे श्रमिकों को लाया गया। डीबीटी के जरिए खातों में पैसे दिए गए। लाकडाउन में 373 मुख्यमंत्री दालभात केंद्रों का संचालन किया गया।

उग्रवाद प्रभावित जिलों में युवाओं के लिए कौशल विकास योजना है। सरकार बिजली वितरण, उत्पादन और संचरण योजनाओं को मजबूत कर रही है। इस दिशा में संचरण योजनाओं का शुभारंभ किया गया। गिरिडीह को सोलर सिटी के तौर पर विकसित किया जा रहा है। मनरेगा की मजदूरी बढ़ाई गई। आठ करोड़ मानव दिवस का सृजन करने का लक्ष्य है। जल संरक्षण के क्षेत्र में काम कर रही है। पौधे लगाने के लिए बिरसा हरित ग्राम योजना की शुरूआत की गई।

उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों का लोन माफ़ किया है। साथ ही मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना की शुरुआत की गई है। पशुपालकों को क्रेडिट कार्ड दिया गया। मिल्क फेडरेशन का विस्तार किया गया। मछली पालन को बढ़ावा दिया जा रहा है। स्वच्छता सर्वेक्षण में झारखंड का बेहतर प्रदर्शन। राज्य ओडीएफ घोषित। जमशेदपुर थ्री स्टार गारबेज फ्री सिटी घोषित। उपराजधानी दुमका में कन्वेंशन। एक किलो प्रति किलो चावल हरा राशन कार्ड से 47 लाख परिवार को अनुदानित दर पर धोती, साड़ी और लुंगी। धालभूमगढ में घरेलू हवाई अड्डा। मलूटी में हेरिटेज पर्यटन। सबको पेयजल का लक्ष्य है। पारा शिक्षकों के लिए कल्याण कोष बनाया गया। पर्यटन स्थलों का विकास, पर्यटकों के लिए आधारभूत संरचना का निर्माण किया जा रहा है।

राज्यपाल ने अभिभाषण में खेल कोटा से सीधी नियुक्ति जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में खेल मैदान का निर्माण किया जा रहा है। सभी जिला अस्पताल में डायलिसिस केंद्र खोले जा रहे हैं। आनलाइन लगान वसूली के साथ-साथ पहली बार रैयतों को जमीन वापस दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं। वन संरक्षण और विकास के कार्यक्रम भी किए जा रहे हैं। साइबर सुरक्षा को बढावा के लिए साइबर फोरेंसिक लैब की स्थापना की जाएगी।

सत्र के पहले दिन राज्यपाल (Governor Draupadi Murmu) के अभिभाषण के साथ ही अन्य विधायी कार्य निपटाए जाएंगे। वहीं, राज्य सरकार एक मार्च को द्वितीय अनुपूकरण विवरणी और तीन मार्च को वित्तीय वर्ष 2021-22 का बजट (Jharkhand Budget 2021-22) पेश करेगी। लगभग एक माह चलने चलने वाले सत्र में 16 कार्यदिवस होंगे। इस दौरान वित्तीय वर्ष 2021-22 की आय-व्ययक की अनुदान मांगों पर बहस होगी। सरकार Jharkhand Government) का इसपर जवाब आएगा और मतदान के बाद सदन अनुदान मांगों को स्वीकृति प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री Jharkhand CM Hemant Soren) प्रश्न काल, प्रश्न काल, ध्यानाकर्षण और शून्य काल के माध्यम से जनप्रतिनिधि राज्य सरकार का ध्यान महत्वपूर्ण मसलों की ओर आकृष्ट करेंगे।

झारखंड विधानसभा (Jharkhand Assembly) का बजट सत्र कई मायने में अहम है। गत वर्ष बजट सत्र के दौरान ही कोरोना संक्रमण के कारण राज्य में लॉक डाउन लगा था और सत्र को समय से पहले ही स्थगित करना पड़ा था। पिछले एक साल के दौरान मानसून सत्र और एक दिन के विशेष सत्र को छोड़ दें तो सत्ता पक्ष और विपक्ष लंबे समय बाद आमने-सामने होंगे। ऐसे में जनहित और दलीय मसलों पर टकराव लाजिमी है।

जाहिर है, इस बार भी सत्र के हंगामेदार होने के आसार है। राजनीतिक दलों ने सत्र को लेकर विशेष तैयारी कर रखी हैं। विधायक दल की बैठकों में इन एजेंडों पर मुहर भी लग रही है। सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि वह सवालों से भागेगी नहीं, घोषणापत्र में किए गए वादों के अलावा सरकार एक साल के कामकाज का रिपोर्ट कार्ड भी पेश करेगी।

वहीं, विपक्ष ने गत एक वर्ष की सरकार की नाकामियों को उजागर करने की रणनीति तैयार की है। मुख्य विपक्षी दल भाजपा अपने विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी को नेता प्रतिपक्ष का दर्जा दिलाने की मांग इस बार भी सदन में उठाएगी। इसके अलावा बजटीय राशि व्यय न होने, विकास योजनाओं की सुस्त गति, विधि व्यवस्था जैसे मुद्दे तो छाए ही रहेंगे।

विधानसभा सत्र को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता, ट्रैफिक रूट  पर भी अलर्ट

इसके अलावा विधानसभा सत्र को लेकर रांची पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था की पुख्ता तैयारी की है। सुबह से ही विधानसभा जाने वाली रूट पर पुलिस बल तैनात कर दिए गए हैं। ट्रैफिक पुलिस भी अलर्ट है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एसएसपी सुरेंद्र कुमार झा ने गुरुवार को को ही पुलिसकर्मियों और अधिकारियों की ब्रीफिंग की। इस दौरान एसएसपी सुरेंद्र कुमार झा ने पुलिसकर्मियों को कई दिशा-निर्देश दिए। एसएसपी ने कहा कि विधानसभा ड्यूटी के दौरान हाई अलर्ट पर रहें। कोई भी पुलिसकर्मी सुरक्षा ड्यूटी के दौरान सेल्फी लेने या दूसरे कामों में व्यस्त न रहे। कोई अनावश्यक व्यस्त दिखे, तो उनपर सख्त कार्रवाई की जाएगा।

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