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    अब तक कितने पर हुई कार्रवाई? जमशेदपुर में अवैध निर्माण पर झारखंड हाईकोर्ट सख्त, SDO से मांगी जानकारी

    Updated: Sat, 11 May 2024 11:26 AM (IST)

    झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस आनंद सेन की अदालत में जमशेदपुर में अवैध निर्माण हटाए जाने से संबंधित मामले में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने एसडीओ से पूछा है कि उनकी ओर से बेसमेंट में बनी अवैध दुकानों को ध्वस्त किया गया है। कंपनी की सारी संपत्ति का ब्योरा कोर्ट में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। अदालत ने अगली सुनवाई 16 मई को निर्धारित की है।

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    अब तक कितने पर हुई कार्रवाई? जमशेदपुर में अवैध निर्माण पर झारखंड हाईकोर्ट सख्त (फाइल फोटो)

    राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस आनंद सेन की अदालत में जमशेदपुर में अवैध निर्माण हटाए जाने से संबंधित मामले में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने एसडीओ से पूछा है कि उनकी ओर से बेसमेंट में बनी अवैध दुकानों को ध्वस्त किया गया है।

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    कितनों को तोड़ना अभी बाकी है और अक्षेस की ओर से उन्हें तोड़ने का आग्रह किया गया है। अदालत ने साकची के बिरनू टावर बनाने वाले बिल्डर से भी जवाब मांगा है। कंपनी की सारी संपत्ति का ब्योरा कोर्ट में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। अदालत ने अगली सुनवाई 16 मई को निर्धारित की है।

    सुनवाई के दौरान अदालत ने क्या कुछ कहा

    सुनवाई के दौरान अदालत ने मौखिक रूप से कहा कि अक्षेस के अधिकारियों की मिलीभगत के बिना अवैध नक्शा और अवैध निर्माण नहीं हो सकता है। अधिकारियों की संलिप्तता पाए जाने पर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके अवैध निर्माण करने वाले बिल्डर को भी नहीं छोड़ा जाएगा। जिन्होंने मिलीभगत कर अवैध नक्शा पास कराया है।

    इस दौरान अदालत ने कोर्ट की ओर से बनी जांच कमेटी को जमशेदपुर का निरीक्षण कर अवैध निर्माण को चिह्नित करने का निर्देश दिया है। अदालत ने मामले में अक्षेस को भी जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। पूछा है कि कितने भवनों के बेसमेंट में दुकानों का निर्माण किया गया है और इसके खिलाफ उनकी ओर से क्या कार्रवाई की गई है।

    बता दें कि गुरुवार को अदालत ने जमशेदपुर नोटिफाइड एरिया कमेटी को साकची क्षेत्र की बहुमंजिली इमारत के पार्किंग क्षेत्र में बनी दुकानों को अविलंब ध्वस्त करने का निर्देश दिया है।

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