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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 07, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

लालू पर शिकंजा, रांची के बीएनआर होटल पर सीबीआइ ने की छापेमारी

By Sachin MishraEdited By:
Published: Fri, 07 Jul 2017 09:55 AM (IST)Updated: Fri, 07 Jul 2017 04:40 PM (IST)

सीबीआई ने राजधानी रांची स्थित होटल बीएनआर चाणक्य पर छापेमारी की।

लालू पर शिकंजा, रांची के बीएनआर होटल पर सीबीआइ ने की छापेमारी
लालू पर शिकंजा, रांची के बीएनआर होटल पर सीबीआइ ने की छापेमारी

रांची, जेएनएन। राजधानी रांची स्थित होटल बीएनआर चाणक्य पर सीबीआई ने आज दबिश दी। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री व राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव पर रेलमंत्री रहते हुए गलत तरीके से होटल को ठेके पर देने का आरोप है। होटल बीएनआर चाणक्या रांची रेलवे जंक्शन के करीब है।⁠⁠⁠⁠ 

होटल बीएनआर रेलवे की संपत्ति थी, इसे निजी हाथों में सौपने का मामला है। आइआरसीटीसी के तात्कालिक एमडी पर भी केस हुआ है।

चारा घोटाले के सजायाफ्ता लालू प्रसाद रांची में हैं और उनके घर और अन्य ठिकानों पर सीबीआइ ने धावा बोल दिया है। रेल मंत्री रहते आइआरसीटीसी के होटल के टेंडर में अपने लोगों को फायदा पहुंचाने के आरोप में सीबीआइ ने लालू, उनकी पत्नी राबड़ी, बेटों तेजस्वी और तेजप्रताप, उनके घनिष्ठ सहयोगी प्रेमचंद गुप्ता और आइआरसीटीसी के पूर्व प्रबंध निदेशक के खिलाफ शुक्रवार को नया केस दर्ज करते हुए छापेमारी शुरू की।

लालू पर आरोप है कि रेल मंत्री रहने के दौरान (2006-09) उन्होंने औने-पौने दाम पर रेलवे के होटल निजी कंपनियों को लीज पर दे दिया। टेंडर में गड़बड़ी कर निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाया और उनसे लाभ लिया। एक दिन पहले ही लालू ने कहा था कि वे जेल जाने से नहीं डरते। फिलहाल वे रांची में हैं। चारा घोटाले के एक मामले में उन्हें आज कोर्ट में पेश होना है।

आरोप
-रांची और पुरी के चाणक्य बीएनआर होटल, जो रेलवे के हेरिटेज होटल थे, को तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद ने अपने करीबियों को लीज पर दे दिया। इससे लालू प्रसाद एवं उनके परिवार को बेनामी संपत्ति का फायदा हुआ।
-इस गड़बड़ी से रांची के कुछ होटल कारोबारियों के अलावा लालू प्रसाद के निकट सहयोगी एवं झारखंड से राज्यसभा के सांसद प्रेमचंद गुप्ता की कंपनी को फायदा हुआ। रांची का बीएनआर होटल पटना के प्रसिद्ध होटल चाणक्य के संचालक हर्ष कोचर को 60 साल के लिए लीज पर मिल गया।
-पहले लीज की अवधि 30 वर्ष थी। बाद में इसकी अवधि बढ़ाकर 60 साल कर दी गई। इस आवंटन को लेकर तमाम आरोप हैं।⁠⁠⁠⁠