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    झारखंड HC से लगा झटका तो हेमंत सोरेन ने पकड़ ली सुप्रीम कोर्ट की राह, इस चीज के लिए चाहते हैं परमिशन

    हेमंत सोरेन ने विधानसभा सत्र में शामिल नहीं होने देने के झारखंड हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। याचिका में कहा गया है कि वह जन प्रतिनिधि हैं और विधानसभा के बजट सत्र में शामिल होना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने ईडी कोर्ट से अनुमति मांगी थी लेकिन ईडी कोर्ट ने अनुमति नहीं दी। इसके बाद उन्होंने झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी।

    By Manoj Singh Edited By: Mohit Tripathi Updated: Fri, 22 Mar 2024 10:05 PM (IST)
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    विधानसभा सत्र में शामिल होने के लिए हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हेमंत सोरेन

    राज्य ब्यूरो,रांची। झारखंड के पूर्व सीएम हेमंत सोरेन ने विधानसभा सत्र में शामिल नहीं होने देने के झारखंड हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है।

    सुप्रीम कोर्ट में दाखिल इस याचिका में कहा गया है कि वह जन प्रतिनिधि हैं और विधानसभा के बजट सत्र में शामिल होना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने ईडी कोर्ट से अनुमति मांगी थी, लेकिन ईडी कोर्ट ने अनुमति नहीं दी।

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    ईडी कोर्ट से अनुमति नहीं मिलने के बाद उन्होंने झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। झारखंड हाईकोर्ट ने भी ईडी कोर्ट के आदेश को सही बताया और विधानसभा सत्र में शामिल होने की अनुमति नहीं दी।

    सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर हेमंत सोरेन ने कहा है कि जेल में बंद जन प्रतिनिधियों को सत्र के दौरान शामिल होने की अनुमति मिलती है। हाईकोर्ट और ईडी कोर्ट में इससे संबंधित अदालतों के आदेश को पेश भी किया गया था, लेकिन हाईकोर्ट ने उनकी याचिका स्वीकार नहीं की और खारिज कर दी।

    याचिका खारिज होने के बाद वह सदन की कार्यवाही में शामिल नहीं हो सके और अपने क्षेत्र की जनता की समस्याओं को नहीं उठा सके। सुप्रीम कोर्ट से उन्होंने हाई कोर्ट के आदेश को रद्द करने का आग्रह किया है।

    यह भी पढ़ें: Jharkhand Politics: BJP का AAP और JMM पर हमला! केजरीवाल व हेमंत सोरेन में भ्रष्टाचार की समानता का लगाया आरोप

    दीपिका पांडेय की आवाज से मिलता-जुलता ऑडियो वायरल, BJP ने की जांच की मांग

    भाजपा ने महागामा विधायक दीपिका सिंह पांडेय की आवाज से मिलता-जुलता एक ऑडियो के प्रसारित होने की जांच कराने की मांग चुनाव आयोग से की है। भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को इस संबंध में यह ऑडियो एक ज्ञापन के साथ सौंपा है। दैनिक जागरण इस आडियो की पुष्टि नहीं करता है।

    प्रसारित ऑडियो में किसी मंत्री के संबंध में बात करते हुए किसी बुलबुल को 25 लाख रुपए देने की बात हो रही है। इसमें एक मुखिया जी और रफीक भाई का भी जिक्र आता है। भाजपा ने इस मामले में चुनाव आयोग से तथ्यों की जांच कराकर कार्रवाई करने की मांग की है।

    इस प्रकरण को लेकर पूछे जाने पर विधायक दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि चुनाव के मौसम में कुछ लोग इस तरह के हथकंडे अपनाते रहते हैं। जब भाजपा ही जांच कराने की मांग कर रही है, तो मैं क्या कहूं। उन्होंने इस तरह की बात से पूरी तरह से इनकार किया है।

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