विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 24, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Hemant Soren Case : 'जमानत याचिका पर हाई कोर्ट कर रहा देरी...' अब हेमंत सोरेन ने सुप्रीम कोर्ट से लगाई गुहार

Published: Wed, 24 Apr 2024 11:58 AM (IST)

Hemant Soren Bail Plea रांची के बड़गाई अंचल की 8.86 एकड़ जमीन घोटाले के आरोपित पूर्व सीएम हेमंत सोरेन ने ...और पढ़ें

जमानत याचिका को लेकर हेमंत सोरेन ने खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा
जमानत याचिका को लेकर हेमंत सोरेन ने खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली/रांची। Hemant Soren Case : मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जेल में बंद झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Hemant Soren) सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं। हेमंत सोरेन ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में याचिका दाखिल कर कहा है कि हाई कोर्ट गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली उनकी याचिका पर फैसला नहीं सुना रहा है।

हाई कोर्ट ने 28 फरवरी से मामले में फैसला सुरक्षित रखा हुआ है। हेमंत सोरेन ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट से मामले पर जल्दी सुनवाई करने की गुहार लगाई। प्रवर्तन निदेशालय ने सात घंटे की पूछताछ के बाद 31 जनवरी को हेमंत सोरेन को मनी लॉन्ड्रिंग में गिरफ्तार कर लिया गया था वह तभी से हिरासत में हैं।

गिरफ्तारी के कुछ देर पहले ही सोरेन ने झारखंड के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया था। ईडी हेमंत सोरेन के खिलाफ फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमीन खरीद-फरोख्त और आधिकारिक रिकॉर्ड में हेरफेर कर पैसा बनाने की जांच कर रही है। (Ranchi Land Scam)

बुधवार को हेमंत सोरेन की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष याचिका का जिक्र करते हुए केस को जल्दी सुनवाई पर लगाने का अनुरोध किया।

हाई कोर्ट ने सुरक्षित रख लिया था फैसला

सिब्बल ने कहा कि हाई कोर्ट ने 28 फरवरी को बहस सुनकर फैसला सुरक्षित रख लिया था, लेकिन अभी तक फैसला नहीं सुनाया है। उन्होंने कहा कि पहले वह गिरफ्तारी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट आए थे और सुप्रीम कोर्ट ने 2 फरवरी को हाई कोर्ट जाने को कहा था और फिर वह हाई कोर्ट गए।

हाई कोर्ट ने 27 और 28 फरवरी को बहस सुनकर फैसला सुरक्षित रख लिया था और अभी तक फैसला नहीं दिया है। उन्होंने इसे हाई कोर्ट में मेंशन किया था लेकिन न्यायाधीश ने कुछ नहीं कहा। सिब्बल ने कहा कि उनका मुवक्किल जेल में है और चुनाव बीते जा रहे हैं।

सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट से मामले पर शुक्रवार को सुनवाई करने का अनुरोध किया। लेकिन पीठ ने कहा कि क्या आपने नई याचिका दाखिल की है। अगर नई याचिका दाखिल की है तो वह चीफ जस्टिस के सचिवालय को ईमेल भेजें, क्योंकि नई याचिका सूचीबद्ध करने पर चीफ जस्टिस ही निर्णय लेंगे।

बहुत ही दुखद : सिब्बल

सिब्बल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट हाई कोर्ट को फैसला सुनाने का निर्देश देगा, तब हाई कोर्ट फैसला सुनाएगा। वे फिर सुप्रीम कोर्ट आएंगे और सुप्रीम कोर्ट उसके बाद चार सप्ताह का समय दे देगा। बहुत ही दुखद है।

सिब्बल की दलीलों पर पीठ ने कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट की ओर से आदेश दे रहे हैं। जब एक प्रक्रिया तय है तो उन्हें उसका पालन करना होगा। पीठ ने कहा कि यहां वह हाई कोर्ट द्वारा फैसला न सुनाए जाने का मसला लेकर आए हैं।

हेमंत को 31 जनवरी को किया था गिरफ्तार

हेमंत सोरेन की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में कहा गया है कि ईडी झूठे आरोपों पर विरोधी दलों के नेताओं को निशाना बना रही है उन्हें अभियोजित किया जा रहा है।

याचिका में कहा गया है कि चुनाव चल रहे हैं यह जानते हुए झारखंड मुक्ति मोर्चा को पंगु बनाने के लिए उसके नेता हेमंत सोरेन को 31 जनवरी को गिरफ्तार कर लिया गया।

ये भी पढ़ें: 

Rajnath Singh : 'संपत्ति का सर्वे कराकर किसे बांटेंगे', कांग्रेस पर भड़के राजनाथ सिंह; लगाया ये बड़ा आरोप

Lok Sabha Elections 2024 : गोड्डा के बाद चतरा में भी बदल सकता है महागठबंधन के प्रत्याशी का चेहरा, यह है वजह