विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

झारखंड की हटिया-बंडामुंडा रेललाइन पर जल्द दौड़ेगी ट्रेन, कानारोवां-टाटी के बीच स्पीड ट्रायल सफल

Published: Thu, 11 Jun 2026 05:17 AM (IST)

हटिया-बंडामुंडा रेलखंड पर कानारोवां-टाटी के बीच नवनिर्मित संयुक्त लाइन-2 का सीआरएस निरीक्षण सफल रहा, जिसमें 110 किमी प्रति घंटे की गति से स्पीड ट्रायल भी सफलतापूर्वक पूरा किया गया।

सांकेतिक तस्वीर

सांकेतिक तस्वीर

HighLights

  1. कानारोवां-टाटी संयुक्त लाइन-2 का सीआरएस निरीक्षण संपन्न।

  2. नई लाइन पर 110 किमी प्रति घंटे का स्पीड ट्रायल सफल।

  3. हटिया-बंडामुंडा सेक्शन पर जल्द नियमित ट्रेन परिचालन की उम्मीद।

जागरण संवाददाता, रांची। हटिया–बंडामुंडा दोहरीकरण परियोजना में मंगलवार को एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की गई। रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस -कमिश्नर आफ रेलवे सेफ्टी), दक्षिण पूर्व सर्कल, कोलकाता के बृजेश कुमार मिश्रा ने हटिया–बंडामुंडा रेलखंड के कानारोवां–टाटी के बीच नवनिर्मित संयुक्त लाइन-2 का विस्तृत निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान इस सेक्शन में 110 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से स्पीड ट्रायल लिया गया। ट्रायल सफल रहने के बाद अब इस सेक्शन पर नियमित रेल परिचालन शुरू होने की उम्मीद और बढ़ गई है।

सीआरएस निरीक्षण के दौरान मंडल रेल प्रबंधक, रांची, करुणा निधि सिंह तथा मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण) हरि प्रकाश त्रिपाठी भी मौजूद रहे। निरीक्षण में ट्रैक की गुणवत्ता, स्थिरता, सुरक्षा मानकों, सिग्नलिंग व्यवस्था, प्वाइंट एवं क्रॉसिंग, इंटरलॉकिंग प्रणाली और यार्ड की तकनीकी व्यवस्थाओं की गहन जांच की गई।

निरीक्षण कार्यक्रम की शुरुआत टाटी रेलवे स्टेशन और उसके यार्ड के निरीक्षण से हुई। यहां स्टेशन यार्ड, ट्रैक फिटनेस, सिग्नलिंग सिस्टम और सुरक्षा व्यवस्थाओं का विस्तृत परीक्षण किया गया।

इसके बाद रेल संरक्षा आयुक्त ने टाटी से कानारोवां के बीच नवनिर्मित संयुक्त लाइन-2 का मोटर ट्राली से निरीक्षण किया। निरीक्षण के क्रम में ट्रैक की संरक्षा और तकनीकी मानकों की बारीकी से जांच की गई।

इसके पश्चात कानारोवां रेलवे स्टेशन एवं उसके यार्ड का भी व्यापक निरीक्षण किया गया। स्टेशन परिसर की संरक्षा व्यवस्था, सिग्नलिंग सिस्टम और इंटरलॉकिंग प्रणाली की समीक्षा करने के बाद सीआरएस ने संयुक्त लाइन-2 के शेष हिस्से का भी निरीक्षण किया।

इस ट्रायल के जरिए ट्रैक की उपयुक्तता, मजबूती और सुरक्षा मानकों का परीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान दक्षिण पूर्व रेलवे मुख्यालय तथा रांची मंडल के विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

अंतिम चरण में पहुंचा हटिया–ओरगा रेलखंड के डबलिंग का काम 

उल्लेखनीय है कि रेलवे में किसी नई रेललाइन अथवा दोहरीकरण परियोजना पर ट्रेनों का परिचालन शुरू करने से पहले रेल संरक्षा आयुक्त की मंजूरी अनिवार्य होती है।

मौजूदा रेलखंडों पर ट्रेनों की अधिकतम गति बढ़ाने के लिए भी सीआरएस की अनुमति जरूरी होती है। रेल हादसों की स्वतंत्र जांच करना तथा सुरक्षा संबंधी तकनीकी सुझाव देना भी सीआरएस की प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल है।

हटिया–ओरगा रेलखंड पर चल रहा दोहरीकरण कार्य अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। करीब 168 किलोमीटर लंबे हटिया–बंडामुंडा सेक्शन में अब सिर्फ टाटी और पर्वतोनिया के बीच लगभग आठ किलोमीटर हिस्से में डबलिंग कार्य शेष रह गया है।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार इस क्षेत्र में पथरीली जमीन होने के कारण कार्य में तकनीकी चुनौतियां आ रही हैं। बड़े पैमाने पर पत्थर काटने का कार्य अत्याधुनिक मशीनों की मदद से किया जा रहा है।

यह भी पढ़ें- टाटा स्टील में ग्रेड रिवीजन पर जल्द फैसला, कर्मचारियों के वेतन को लेकर आज हो सकती है वार्ता

यह भी पढ़ें- झारखंड में SC/ST उद्यमियों को भूमि आंवटन में मिलेगा 50 प्रतिशत आरक्षण, फीस में भी भारी छूट