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टाटा स्टील में ग्रेड रिवीजन पर जल्द फैसला, कर्मचारियों के वेतन को लेकर आज हो सकती है वार्ता

Published: Thu, 11 Jun 2026 04:22 AM (IST)

टाटा स्टील में लंबित ग्रेड रिवीजन समझौते पर जल्द मुहर लगने की उम्मीद है, जिसके लिए कंपनी अधिकारी और यूनियन अध्यक्ष जमशेदपुर में हैं।

टाटा स्टील के कर्मचारी। फाइल फोटो

टाटा स्टील के कर्मचारी। फाइल फोटो

HighLights

  1. टाटा स्टील ग्रेड रिवीजन समझौते पर जल्द लग सकती है मुहर।

  2. कंपनी अधिकारी और यूनियन अध्यक्ष वार्ता के लिए जमशेदपुर में।

  3. ईपीएफओ ने उच्चतर पेंशन के लिए कर्मचारियों को डिमांड नोटिस भेजा।

जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। टाटा स्टील में लंबित ग्रेड रिवीजन समझौते पर जल्द ही मुहर लग सकती है। वार्ता के लिए कंपनी की चीफ पीपल आफिसर अत्रेयी सान्याल शहर पहुंच चुकी हैं। वहीं, टाटा वर्कर्स यूनियन अध्यक्ष संजीव चौधरी भी बुधवार देर शाम नई दिल्ली से जमशेदपुर पहुंच चुके हैं।

टाटा स्टील में 10,800 कर्मचारियों का वेतन समझौता एक जनवरी 2025 से लंबित है। कंपनी प्रबंधन और यूनियन नेतृत्व के बीच हुई अब तक की वार्ता में मिनिमम गारेंटेड बेनीफिट, एनएस ग्रेड कर्मचारियों के बेसिक में बढ़ोतरी सहित नए भत्ते को लेकर जिच कायम है।

हालांकि इधर चर्चा यह भी है कि अत्रेयी सान्याल के शहर पहुंचने पर लंबित वार्ता पर जल्द ही मुहर लग सकती है। कंपनी प्रबंधन और यूनियन नेतृत्व के बीच गुरुवार को भी मैराथन वार्ता होने की उम्मीद है।

टाटा स्टील कर्मचारियों को दूसरी बार मिला ईपीएफओ से डिमांड नोटिस

उच्चतर पेंशन स्कीम के तहत कोई भी कर्मचारी 58 वर्ष तक जितनी राशि जमा की है और उच्चतर पेंशन के लिए और कितनी राशि उन्हें जमा करना होगा, उसकी डिमांड नोटिस बनाकर कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) जारी कर रहा है।
 
ईपीएफओ द्वारा जारी दूसरी डिमांड नोटिस में कहा गया है कि टाटा स्टील ने कर्मचारियों का पहले अक्टूबर 2025 तक के वेतन का विवरण जमा किया था जिसके आधार पर शुरूआती डिमांड राशि तय की गई थी, लेकिन रिकॉर्ड की जांच करने पर पता चला की ईपीएस से बाहर निकलने की वास्तविक तारीख दिसंबर 2025 है।
 
ऐसे में कंपनी प्रबंधन ने नवंबर-दिसंबर 2025 के छूटे वेतन विवरण का पुनर्मूल्यांकन कर सभी कर्मचारियों को अंतर राशि जमा करने को कहा गया है। एकाउंट विभाग की गलती के कारण अब कर्मचारियों को अंतर 33,042 के साथ ब्याज सहित 33,723 रुपये जमा करने को कहा गया है।
 
बकाया राशि का भुगतान क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त, जमशेदपुर के पक्ष में डिमांड ड्राफ्ट बनाकर देना होगा। इसमें कर्मचारियों को ड्राफ्ट के पीछे अपना नाम, पावती संख्या, यूएएन नंबर, पीपीओ नंबर और मोबाइल नंबर लिखना अनिवार्य होगा। इसके अलावा सभी दस्तावेज नियोक्ता कंपनी, टाटा स्टील द्वारा सत्यापित करना भी आवश्यक है।
 

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