झारखंड में SC/ST उद्यमियों को भूमि आंवटन में मिलेगा 50 प्रतिशत आरक्षण, फीस में भी भारी छूट
झारखंड सरकार ने अनुसूचित जाति और जनजाति के उद्यमियों को बढ़ावा देने के लिए नई औद्योगिक भूमि आवंटन नीति में 50% आरक्षण देने का फैसला किया है।

जियाडा के प्रबंध निदेशक के साथ बैठक में टिक्की के पदाधिकारी। जागरण
HighLights
एससी-एसटी उद्यमियों को औद्योगिक भूमि में 50% आरक्षण।
जियाडा ने ट्राइबल चैंबर ऑफ कॉमर्स को दिया आश्वासन।
आधी कीमत पर जमीन और शुल्कों में छूट का प्रावधान।
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। झारखंड में अनुसूचित जाति और जनजाति (एससी-एसटी) वर्ग के उद्यमियों को बढ़ावा देने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब राज्य की नई औद्योगिक भूमि आवंटन नीति में इन उद्यमियों को 50 प्रतिशत का आरक्षण दिया जाएगा।
साथ ही, आदित्यपुर और बोकारो जैसे विकसित औद्योगिक क्षेत्रों में खाली पड़े प्लॉट भी इनके लिए आरक्षित रखे जाएंगे। यह महत्वपूर्ण आश्वासन जियाडा (झारखंड औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण) के प्रबंध निदेशक वरुण रंजन ने ट्राइबल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (टिक्की) के प्रतिनिधिमंडल को दिया है।
बुधवार शाम रांची में जियाडा के प्रबंध निदेशक वरुण रंजन के साथ टिक्की के पदाधिकारियों की एक उच्च स्तरीय बैठक हुई। बैठक में टिक्की के प्रदेश अध्यक्ष बैद्यनाथ मार्डी और महासचिव बसंत तिर्की ने नई भूमि आवंटन नीति को लेकर कई अहम और व्यावहारिक सुझाव दिए।
आधी कीमत पर जमीन आवंटित
जियाडा के प्रबंध निदेशक ने इस पर बेहद सकारात्मक रुख अपनाते हुए आश्वासन दिया कि 10 हजार वर्ग फीट तक के प्लॉट विशेष रूप से आरक्षित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही, वर्ष 2019 में आदिवासियों को आधी कीमत पर जमीन आवंटित करने के नीतिगत निर्णय को भी लागू किया जा रहा है।
आदिवासी समाज को विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) क्षेत्र में मजबूती से स्थापित करने के लिए टिक्की ने कुछ विशेष रियायतें भी मांगी हैं। संगठन की मांग है कि औद्योगिक क्षेत्र में प्लांट लगाने में आने वाले तमाम शुल्कों में 50 प्रतिशत की रियायत मिले।
लेवी चार्जेज फ्री
इसके अलावा, शुरुआती पांच वर्षों के लिए लीज रेंट, स्ट्रीट लाइट शुल्क और अन्य लेवी को पूरी तरह शून्य कर दिया जाए, ताकि उभरते उद्यमियों को संबल मिल सके। जियाडा प्रबंधन ने इस दिशा में भी सकारात्मक कदम उठाने का भरोसा दिया है।
इस महत्वपूर्ण बैठक में राज मार्शल मार्डी, सौरभ बेसरा, रवि राज मुर्मू, अनमोल पिंगुवा, विजय गोंड, शेखर करवा और जोसेफ कांदिर सहित कई उद्यमी मौजूद थे।
वर्तमान में झारखंड में टिक्की के कुल 1210 सूचीबद्ध सदस्य हैं, जिनमें से 90 प्रतिशत सर्विस सेक्टर और केवल 10 प्रतिशत मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर से जुड़े हैं। इस ऐतिहासिक पहल के बाद विनिर्माण के क्षेत्र में भी आदिवासियों की भागीदारी तेजी से बढ़ने की उम्मीद है।
जियाडा के प्रबंध निदेशक ने औद्योगिक भूमि आवंटन नीति में आदिवासी उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए आरक्षण देने का आश्वसान दिया है ताकि ज्यादा से ज्यादा युवा उद्योग क्षेत्र में आ सके। -बैद्यनाथ मांडी, प्रदेश अध्यक्ष, टिक्की।
