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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 09, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

राज्यपाल रमेश बैस ने 'झारखंड वित्त विधेयक 2022' राज्य सरकार को तीसरी बार लौटाया, समीक्षा करने का दिया निर्देश

By Jagran NewsEdited By: Mohit Tripathi
Published: Thu, 09 Feb 2023 04:43 PM (IST)

राज्यपाल रमेश बैस ने झारखंड विधानसभा से पारित ‘झारखंड वित्त विधेयक 2022’ को राज्य सरकार को लौटा दिया है। राज्यपाल ...और पढ़ें

राज्यपाल रमेश बैस ने ‘झारखंड वित्त विधेयक 2022’ को राज्य सरकार को लौटाया।
राज्यपाल रमेश बैस ने ‘झारखंड वित्त विधेयक 2022’ को राज्य सरकार को लौटाया।

रांची, जागरण टीम: राज्यपाल रमेश बैस ने झारखंड विधानसभा से पारित ‘झारखंड वित्त विधेयक 2022’ को राज्य सरकार को लौटा दिया है। राज्यपाल ने राज्य सरकार को विधेयक, यह निदेशित करते हुए लौटा दिया है कि इस विधेयक में उल्लेखित बिंदुओं और विवरणों की गंभीरतापूर्वक समीक्षा किया जाय कि यह भारत के संविधान की अनुसूची सात के अंतर्गत राज्य सूची में समाहित है अथवा नहीं।

विधि विभाग से मंतव्य प्राप्त करने का निर्देश

यह भी समीक्षा की जाय कि विधेयक में बीमा अथवा अन्य प्रविधानों से संबंधित कोई विवरण संघ सूची अथवा समवर्ती सूची में तो सम्मिलित नहीं है? भारत के संविधान के अनुसूची सात के अंतर्गत संघ सूची एक के क्रम संख्या 47 में बीमा से संबंधित विषय का वर्णन किया गया है। राज्यपाल ने उपरोक्त बिन्दुओं पर राज्य सरकार को विधि विभाग से मंतव्य प्राप्त कर इस विधेयक को अनुमोदन हेतु भेजने का निदेश दिया है।

इसके पहले भी विधेयक को दो बार लौटा चुके हैं राज्यपाल

बता दें कि यह विधेयक इसके पहले भी दो बार राज्यपाल के अनुमोदन के लिए राजभवन भेजा गया था। पहली बार हिन्दी और अंग्रेजी संस्करण में रूपातंरण संबंधी विसंगतियों के कारण इस विधेयक को वापस कर दिया गया। उसके बाद राज्य सरकार ने विधेयक को संशोधित कर बिना विधानसभा में पारित किए ही राज्यपाल के पास सहमति के लिए भेज दिया था। राज्यपाल द्वारा राज्य सरकार को यह कहते हुए इस विधेयक को फिर वापस कर दिया गया कि संशोधित विधेयक को झारखंड विधानसभा से पारित कराकर अनुमोदन प्राप्त करने के लिए भेजें।